🌙✨श्री कृष्ण के जन्मोत्सव पर माँ यशोधा जैसे सौभाग्य पाएँ - कृष्ण के जन्ममुहूर्त निशीथ काल में जैसे ही उनका जन्म होगा - उस महाक्षण में अपने नाम से उनका अभिषेक एवं आरती संपन्न करें - जो कृष्ण जन्म के बाद प्रथम आरती एवं अभिषेक है और साल में सिर्फ़ एक बार जन्माष्टमी पर संपन्न होता है।
द्वापर युग की वह मध्यरात्रि भाद्रपद कृष्ण अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र के संयोग में, रात के सबसे गहन अन्धकार में परब्रह्म ने मानव-रूप लिया। भागवत पुराण, स्कन्ध 10, अध्याय 3 में लिखा है कि इसी निशीथ काल में कृष्ण का जन्म हुआ और शास्त्र कहते हैं "निशीथ काल आराधना उसी जन्म-क्षण का अनुकरण है।" इस 48-मिनट की बेला में की गई कृष्ण सेवा साक्षात् उनके प्राकट्य-क्षण में दी गई उपस्थिति है। 4 सितम्बर 2026 को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर यह निशीथ काल में रात्रि 11:57 PM से 12:43 AM के बीच कृष्ण का अभिषेक एवं आरती करना साक्षात उनके जन्मोत्सव में शामिल होने के समान है।
🌸 वर्ष में एकमात्र! स्नेह बिहारी जी की मंगला आरती - इस एक रात!
श्री स्नेह बिहारी बाँके बिहारी मंदिर, वृन्दावन मेंबिहारी जी शिशु स्वरूप में विराजते हैं, इसलिए यहाँ कभी भी मंगला आरती नहीं होती है। किन्तु जन्माष्टमी वर्ष में एकमात्र दिन बिहारी जी इस असाधारण रात्रि-वेला में जागते हैं। उनके जन्म के तुरंत बाद मध्यरात्रि में महाअभिषेक होता है, दूध, दही, शहद, घी और जल से और अभिषेक के बाद विशेष मंगला आरती जो वर्ष में और कभी नहीं होती। इस एक रात बिहारी जी का दर्शन "जन्मदिन के बाल-स्वरूप" में अलौकिक रूप से मनोहर होता है।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे - निशीथ काल में वृन्दावन में जन्म अभिषेक एवं आरती में सहभागी बनें!
जन्माष्टमी की उस रात वृन्दावन जाकर निशीथ काल में बिहारी जी का अभिषेक करवाना हर भक्त के लिए सम्भव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे इस अलौकिक सेवा में सहभागी हो सकते हैं। श्री राधा स्नेह बिहारी मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुजारी जी आपके नाम से संकल्प लेकर जन्माष्टमी के सिद्ध निशीथ काल मुहूर्त में सम्पूर्ण विधि-विधान से महाभिषेक और जन्म आरती सम्पन्न करेंगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
🙏कृष्ण के जन्मोत्सव पर उनकी अपनी लीला-भूमि वृन्दावन में उनके जन्म-क्षण में उनका अभिषेक करें और उनकी अनन्त कृपा अपने जीवन में उतरने दें। अभी बुक करें!