पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान
पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान
पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान
पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान
पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान
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पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान

पितृ पक्ष एकादशी गया विष्णु पद चढ़ावा एवं फल्गु नदी दीपदान

🪔✨साल में सिर्फ एक बार पितृ पक्ष की इंदिरा एकादशी संग पृथ्वी की पितृ मोक्ष भूमि गया का संगम! पितृ देव श्री हरि को सर्वोप्रिय मोक्षदायिनी एवं पाप नाशिनी एकादशी तिथि पर उन्हीं के अपने क्षेत्र में खुलेंगे आपके पितरों के लिए मोक्ष द्वार!
शास्त्रों में वर्णित है - गया में पिंड दान करने से मनुष्य तीनों ऋणों से मुक्त होता है, देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण। जब माता-पिता, दादा-दादी और उनसे पहले की पीढ़ियों के पूर्वजों का विधिपूर्वक श्राद्ध नहीं होता, तो वे आत्माएँ यमलोक में भटकती हैं, उनकी तृष्णा बनी रहती है, और वह संताप परिवार पर पितृ दोष के रूप में उतरता है। संतान बाधा, विवाह में विलम्ब, व्यापार में हानि, घर में अशांति, अकाल मृत्यु का सिलसिला ये सब अतृप्त पूर्वजों की पुकार के प्रकट-रूप हैं। और इस पुकार का उत्तर देने का सर्वोत्तम स्थान है, गया, बिहार।
📿 इंदिरा एकादशी - वर्ष की एकमात्र पितृ पक्ष एकादशी
ब्रह्म वैवर्त पुराण की घोषणा - पितृ पक्ष की इंदिरा एकादशी वर्ष की एकमात्र ऐसी तिथि है जो विष्णु-भक्ति और पितृ-सेवा दोनों का सम्मिलित फल एक दिन में देती है। इसी तिथि पर राजा इंद्रसेन ने व्रत, तर्पण और संकल्प किया और उनके पिता यमलोक के बंधन से मुक्त होकर वैकुंठ को प्राप्त हुए। पद्म पुराण का वरदान - 'इंदिरा एकादशी का पुण्य 7 पीढ़ियों को आशीर्वाद देता है।' और ब्रह्म वैवर्त पुराण का आश्वासन - 'पितरों की कोई भी कठिन स्थिति ऐसी नहीं जो इंदिरा एकादशी के श्रद्धापूर्वक पुण्य से दूर न हो सके।'
इंदिरा एकादशी (वर्ष की सर्वोच्च पितृ-मुक्ति तिथि) एवं गया (पृथ्वी का सर्वश्रेष्ठ पितृ-मोक्ष तीर्थ) = जीवन का सर्वोत्तम पितृ-मुक्ति अवसर।
🛕 गया - 'पृथ्वी नास्ति गयासमं' पितृ-श्राद्ध के लिए पृथ्वी पर कोई तीर्थ गया के समान नहीं:
वायु पुराण की घोषणा 'पृथिव्यां नास्ति गयासमं श्राद्धार्थम्' पितरों के श्राद्ध के लिए पृथ्वी पर गया के समान कोई तीर्थ नहीं। गरुड़ पुराण का वचन 'गया में अर्पित एक पिंड पितरों को नरक से भी मुक्त करता है।' ब्रह्म पुराण की प्रतिज्ञा — 'गया में पिंड दान से 7 पीढ़ियों के पूर्वज और 7 पीढ़ियों के वंशज उद्धृत होते हैं।'
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे गया में त्रि-वेदी पितृ मोक्ष महासेवा:
गया, बिहार जाकर इंदिरा एकादशी के सिद्ध मुहूर्त में एक ही दिन विष्णु पद वेदी पर चढ़ावा, फल्गु नदी पर दीपदान और धर्मारण्य वेदी में सेवा तीनों एकसाथ करना किसी भी परिवार के लिए संभव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे गया की तीनों पवित्र स्थानों पर अपने और अपने पितरों के नाम और गोत्र से सम्पूर्ण पितृ मोक्ष महासेवा करवा सकते हैं।
🙏7 पीढ़ियों के पितरों को यमलोक से मुक्ति दिलाएँ, पितृ दोष और तीनों ऋणों से सम्पूर्ण मुक्ति पाएँ और अपने परिवार पर पितरों का अनंत आशीर्वाद आमंत्रित करें।
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अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
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