महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा
महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा
महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा
महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा
महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा
महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा

महानवरात्रि द्वितीया विवाह बाधा शांति गौरी केदारेश्वर काशी चढ़ावा

शास्त्र कहते हैं, विवाह में बाधा अचानक नहीं आती। इसके पीछे कुछ कारण होते हैं: मंगल दोष जब कुंडली में मंगल ग्रह 1st, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में हो। रिश्ते बनते हैं, बात भी होती है फिर अचानक कहीं अटक जाता है।शनि दोष सप्तम भाव में शनि हो तो विवाह में देरी, बात बनते-बनते रह जाना। उम्र निकल जाती है, मन थक जाता है।गुरु और शुक्र की कमज़ोरी मनचाहा साथी नहीं मिलता, रिश्ते टिकते नहीं। कर्म-बाधा कभी-कभी कोई स्पष्ट कारण भी नहीं होता बस हर बार कहीं न कहीं से बात बिगड़ जाती है। इन सबका एक समाधान है - जो खुद इस रास्ते से गुज़री हों, उनसे माँगना।और माँ गौरी इस रास्ते से गुज़री हैं, उन्हें पता है विवाह की राह में कितनी रुकावटें होती हैं।
🛕 यह मंदिर क्यों क्या है इसमें खास?
काशी खण्ड (स्कन्द पुराण) में लिखा है "माँ गौरी ने इसी स्थान पर तपस्या करके भगवान केदारेश्वर को प्राप्त किया।" यही वह भूमि है। यहाँ शिवलिंग स्वयंभू है, प्राकृतिक रूप से दो भागों में विभाजित। एक ओर गौरी, दूसरी ओर केदार। यह काशी का जीवंत अर्धनारीश्वर है - शिव और पार्वती एक साथ, एक ही शिवलिंग में। जहाँ देवता खुद मिलन का स्वरूप हों - वहाँ विवाह का वरदान माँगना सबसे प्रत्यक्ष है। स्कन्द पुराण कहता है: हिमालय के केदारनाथ के 7 दर्शन काशी के गौरी केदारेश्वर के 1 दर्शन के समान हैं। यानी काशी का यह धाम हिमालय से सात गुना ज़्यादा पुण्यकारी है।
💛 नवरात्रि ही क्यों? इसमें क्या अलग है?
नवरात्रि के दूसरे दिन द्वितीया तिथि पर माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना होती है। ब्रह्मचारिणी वही माँ पार्वती हैं जिन्होंने शिव को पाने के लिए हज़ारों साल तपस्या की। नवरात्रि की द्वितीया तिथि उनकी उस तपस्या की शक्ति का वार्षिक उत्कर्ष है। इस समय उनकी विवाह-सिद्धि शक्ति सबसे ज़्यादा सक्रिय होती है। और यह चढ़ावा उसी तपस्थली पर होगा जहाँ उन्होंने वह तपस्या की थी।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे 9 दिन काशी में आपकी सेवा:
काशी जाना हर किसी के लिए नवरात्रि के हर दिन संभव नहीं लेकिन श्री मंदिर ऐप की वजह से अब यह मुमकिन है। घर बैठे अपने नाम से माँ गौरी की तपस्थली पर हर दिन चढ़ावा होगा। पुरोहित पूरे विधि-विधान से चढ़ावा करेंगे।हर दिन का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटे में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
🙏 महानवरात्रि की इस तिथि पर शक्ति संग शिव- ब्रह्मांड के सबसे आदर्श दाम्पत्य का आशीर्वाद लेना न भूलें - अभी आज ही विवाह संबंधी बाधाओं से शांति हेतु चढ़ावा करें।
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook