🔔 भोजन मानव जीवन की मूल आवश्यकता है। लेकिन आज भी लाखों लोग ऐसे हैं जिन्हें दिन में एक बार भी भरपेट भोजन नहीं मिल पाता। यह सोचकर मन दुखी होता है, लेकिन आप चाहें तो उनके जीवन में बदलाव ला सकते हैं।
✨ जरूरतमंदों की सेवा क्यों करें? ✨
मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है। दया और करुणा का हर छोटा कार्य आपको उच्च उद्देश्य के और करीब ले जाता है। यह जानकर एक अलग ही खुशी मिलती है कि आपकी वजह से किसी का दिन थोड़ा आसान हो गया।
इस सेवा में भाग लेकर आप केवल व्यक्तियों ही नहीं, बल्कि पूरे समुदाय में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। आपका हर छोटा प्रयास जीवन को संवारता है, आशा जगाता है और दूसरों को भी प्रेरित करता है।
✨ हरिद्वार में ही क्यों करें? ✨
‘देवों का द्वार’ कहलाने वाला हरिद्वार एक पवित्र नगरी है, जहां हर वर्ग के लोग आस्था के साथ एकत्र होते हैं। इस आध्यात्मिक वातावरण में सेवा करना विशेष फलदायी माना जाता है।
यहां हर व्यक्ति के साथ प्रेम और सम्मान से व्यवहार किया जाता है, जिससे यह सेवा केवल तत्काल जरूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं रहती। यह करुणा और मानवता पर आधारित है, जो इस पवित्र नगरी की सच्ची भावना को दर्शाती है।
✨ इस सेवा से आपको क्या लाभ होंगे? ✨
🌸 परिवार में सुख-शांति
🌸 पितरों को आत्मिक शांति
🌸 धर्म से गहरा जुड़ाव
🌸 सकारात्मक कर्मों का संचय
🌸 जीवन में उद्देश्य की अनुभूति
🌸 कृतज्ञता की भावना का विकास
🌸 मन की शांति और संतुलन
✨ हरिद्वार में यह सेवा कैसे की जाती है? ✨
Step 1: अपनी पसंद की सेवा चुनकर बुक करें।
Step 2: बुकिंग कन्फर्म होने के बाद विद्वान पंडित जी आपके नाम से संकल्प लेते हैं।
Step 3: इसके बाद जरूरतमंद लोगों को सम्मानपूर्वक सेवा प्रदान की जाती है।
Step 4: 24-48 घंटों के भीतर आपको वीडियो और प्रमाण पत्र प्राप्त होगा।
✨ श्री मंदिर क्यों चुनें? ✨
श्री मंदिर के माध्यम से आपकी सेवा प्रेम, गरिमा और संवेदना के साथ जरूरतमंदों तक पहुंचती है। हम भरोसेमंद लोगों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि हर योगदान सुरक्षित रूप से सही स्थान तक पहुंचे और वास्तविक बदलाव लाए।
भले ही आप स्वयं वहां उपस्थित न हो सकें, आपकी करुणा वहां तक जरूर पहुंचती है, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। दुनिया भर के श्रद्धालु अपने भावों को सार्थक कर्म में बदलने के लिए श्री मंदिर पर भरोसा करते हैं।
🗓️ सेवा 26 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।






महासेवा एक अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी सेवा है, जिसका उल्लेख वेद-पुराणों में बार-बार हुआ है। जब किसी व्यक्ति द्वारा भोजन, वस्त्र एवं अन्न जैसे उच्चतम कार्य श्रद्धा और निष्काम भाव से किए जाते हैं, तो उसे महादान कहा जाता है। यह सेवा न केवल दाता के पापों का क्षय करता है, बल्कि पितृ, देवता और ऋषियों को संतुष्ट कर जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन से मुक्ति दिलाता है!
हाँ, सेवा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' सेक्शन में देख सकते हैं।
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे सेवा बुक करने का अवसर प्रदान करता है। आप एक से अधिक सेवाएं चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपकी सेवा में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119 या 📞08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।
हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।
हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।