🪐✨ इस गुरु पूर्णिमा - जब देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में विराजते हैं! जब ज्ञान, विवेक, और दैवीय कृपा अपने शिखर पर होती हैं - उस काल में पंचगुरुओं को प्रसन्न करें। ज्योतिष शास्त्र कहता है - यही वह सिद्ध मुहूर्त है जब मनुष्य की प्रार्थना सीधे दैवीय शक्ति से जुड़ती है।
🤔 क्यों है यह अवसर ख़ास?
15,000 वर्ष पूर्व, आषाढ़ पूर्णिमा/गुरु पूर्णिमा की रात जब उत्तरायण से दक्षिणायन का संधिकाल था - तब भगवान शिव ने सप्तर्षियों को 84 वर्षों की तपस्या के बाद उन्हें ज्ञान के पात्र पाया और उस पूर्णिमा की रात आदि गुरु ने पहली बार अपने शिष्यों को ज्ञान का संप्रेषण किया। यही थी पहली गुरु पूर्णिमा। आज वह दिन फिर आया है।
इस साल गुरु पूर्णिमा के समय देवताओं के गुरु देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में हैं - ऐसे में ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह, धन-वृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति - इन सभी क्षेत्रों पर गुरुओं की कृपा सर्वाधिक प्रभावशाली होती है।
🔱पंचगुरु पंचतत्व चढ़ावा क्या है?
हमारा अस्तित्व पाँच महाभूतों से बना है - आकाश, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी। जब इन पाँचों तत्वों में असंतुलन होता है - तब जीवन में बाधाएँ आती हैं। देवगुरु बृहस्पति इन पाँचों तत्वों के सर्वोच्च नियामक हैं। पंचगुरु पंचतत्व चढ़ावा में पाँच दिव्य गुरु-स्वरूपों को उनके-उनके तत्व से जुड़े पाँच सिद्ध मंदिरों पर एक साथ चढ़ावा अर्पित किया जाता है -
🛕हनुमान जी (वायु तत्व) - हनुमान गढ़ी, अयोध्या
🛕आदि गुरु शिव (आकाश तत्त्व) - ओंकारेश्वर, खंडवा
🛕जगत गुरु विष्णु (जल तत्व) - विष्णु पद वेदी, गया
🛕सूर्यदेव (अग्नि तत्व) - गलता जी सूर्य मंदिर, जयपुर
🛕विघ्नहर्ता गणेश (पृथ्वी तत्व) - श्री बड़ा गणेश, उज्जैन
जब पाँचों तत्वों पर एक साथ अर्पण होता है - तो जीवन में पूर्णता का कवच बनता है। ज्ञान, धन, स्वास्थ्य, सम्बन्ध और मोक्ष - कोई भी द्वार बंद नहीं रहता।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे 5 मंदिरों पर चढ़ावा:
एक ही दिन अयोध्या, राजस्थान, गया, उज्जैन और ओंकारेश्वर (खंडवा) - इन सभी पवित्र स्थानों पर जाकर पाँच मंदिरों में स्वयं चढ़ावा करना किसी भी व्यक्ति के लिए असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से पाँचों मंदिरों पर पंचतत्व चढ़ावा करवा सकते हैं।
🙏 साल में एक बार आने वाले इस दुर्लभ गुरु पूर्णिमा को न चूकें! पंचगुरु पंचतत्व चढ़ावा में सहभागी बनें और सम्पूर्ण जीवन में गुरु कृपा-कवच प्राप्त करें।