🔱✨ 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक - जहाँ महादेव स्वयं तीन मुखों से विराजते हैं! श्री त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में - आपके नाम से, हर सोमवार, गोदावरी के पवित्र जल से अभिषेक - यह पुण्य-सुविधा साधारण जीवन में सहज सुलभ नहीं होती।
🛕 त्र्यंबकेश्वर - क्यों है यह ज्योतिर्लिंग सर्वाधिक विशेष?
शिव पुराण के अनुसार, एक बार ब्रह्मा और विष्णु में श्रेष्ठता का विवाद छिड़ा। तब एक अनंत ज्योतिस्तंभ प्रकट हुआ - जिसका न आदि था, न अंत। ब्रह्माजी ने असत्य बोलकर उस दिव्य स्तंभ का सिरा खोजने का दावा किया - और महादेव उनके अहंकार पर क्रुद्ध हुए। उसी क्षण, महादेव यहाँ त्रिमुखी ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए - ब्रह्मा, विष्णु और महेश, तीनों शक्तियाँ एक ही शिवलिंग में। सम्पूर्ण भारत में त्र्यंबकेश्वर एकमात्र ऐसा ज्योतिर्लिंग है जहाँ महादेव का यह दुर्लभ त्रिमूर्ति-स्वरूप आज भी विराजमान है - त्रिभुवन की समस्त शक्ति, एक दर्शन में।
🌊 गोदावरी - महादेव की जटाओं से प्रकट, दक्षिण की गंगा
पुराणों में वर्णित है - महादेव ने अपनी पावन जटाओं से गोदावरी को यहीं मुक्त किया - इसीलिए गोदावरी को 'दक्षिण गंगा' और 'वृद्ध गंगा' कहते हैं। वह जल जो महादेव की जटाओं का स्पर्श पा चुका है - उसी परम पवित्र गोदावरी जल से जब ज्योतिर्लिंग का अभिषेक होता है, तो शिव-स्पर्शित जल का पुण्य और ज्योतिर्लिंग का आशीर्वाद - दोनों एक साथ प्राप्त होते हैं।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में अभिषेक:
नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर की यात्रा कर, हर सोमवार, मंदिर के पुरोहित से व्यक्तिगत रूप से अपने नाम से अभिषेक करवाना - भौगोलिक दूरी और यात्रा की जटिलता के कारण - प्रत्येक भक्त के लिए संभव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे हर सोमवार त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में अपने नाम से गोदावरी जलाभिषेक करवा सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से अभिषेक सम्पन्न कराएंगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक। शिव का अपना वार - सोमवार। महादेव की जटाओं से जन्मा गोदावरी जल। यह पुण्य त्रि-संगम न चूकें - अभी बुक करें और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग जलाभिषेक में सहभागी बनकर महादेव की अखंड कृपा प्राप्त करें।