दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"
दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"
दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"
दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"
दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"
दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"

दिवाली महा दीपोत्सव "अपना दीप जलाओ - राम की अयोध्या रोशन करो"

🪔दिवाली - वह ऐतिहासिक क्षण जब प्रभु श्री राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण पुष्पक विमान पर सवार होकर 14 वर्ष का वनवास ख़त्म कर अयोध्या वापस लौटे। तब अयोध्यावासियों ने अपने-अपने घरों में, द्वारों पर, गलियों में, मंदिरों में हर जगह दीप जला श्री राम का स्वागत किया। ठीक ऐसे ही इस दिवाली आप भी श्री राम का स्वागत करें - अपने नाम से अयोध्या नगरी में ख़ुशी के दीपक जलाएं।
जैसे उस रात अयोध्यावासियों ने दीप जलाकर राम को अपनी नगरी में आमंत्रित किया था वैसे ही आप भी राजद्वार पर दीप जलाकर राम को अपने जीवन में आमंत्रित करें। दीप प्रकाश का प्रतीक है ज्ञान का, धर्म का, देवी लक्ष्मी का। पद्म पुराण का वचन है जहाँ दीप जलता है, वहाँ लक्ष्मी का वास होता है। अज्ञान का अँधेरा नहीं रहता, आर्थिक तंगी नहीं रहती, परिवार में कलह नहीं रहती।
🛕प्राचीन राजद्वार वह पवित्र द्वार जिसे पार कर राम-राज्य का आरंभ हुआ
अयोध्या में एक स्थान है जो उस ऐतिहासिक रात का सबसे पवित्र साक्षी है प्राचीन राजद्वार मंदिर। परम्परानुसार यह त्रेता युग में रघुवंश के राजमहल का मुख्य प्रवेशद्वार था। 14 वर्ष के वनवास के पश्चात् जब श्री राम अयोध्या लौटे - तब इस राजद्वार की देहरी पार करके अंदर आए तभी राम-राज्य का आरंभ हुआ। दिवाली के दिन आपके नाम से इसी राजद्वार में दीपक जलायेंगे जाएँगे।
दिवाली पर दीप जलाना पूरा देश करता है किन्तु उस स्थान पर दीप जलाना जहाँ पहली दिवाली की शुरुआत हुई जहाँ राम ने स्वयं प्रवेश किया था इसका पुण्य अतुलनीय है। पद्म पुराण के कार्तिक माहात्म्य में वर्णित है कि कार्तिक माह में किसी विष्णु-तीर्थ में दीपदान करने का फल समस्त महायज्ञों के सम्मिलित पुण्य के समतुल्य होता है। अयोध्या उन सप्त मोक्षपुरियों में से एक है जो स्वयं मुक्ति देने में समर्थ हैं। अग्नि पुराण में भी कहा गया है कि मंदिर में दीपदान करना सम्पूर्ण अर्पणों में श्रेष्ठ है।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे राजद्वार पर अपना दीप जलाएं:
दिवाली पर अयोध्या जाकर प्राचीन राजद्वार मंदिर में दीप जलाना हर भक्त के लिए संभव नहीं है लाखों की भीड़, दूरी, और दिन भर की व्यस्तता। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे प्राचीन राजद्वार मंदिर, अयोध्या में अपने नाम से दीप प्रज्वलित और चढ़ावा अर्पण करवा सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से दिवाली के सिद्ध मुहूर्त में यह पवित्र सेवा सम्पन्न कराएंगे। वीडियो प्रमाण 24–48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏इस दिवाली राम की अयोध्या में उनके राजद्वार पर अपने नाम से दीप जलाएं और श्री राम, माता सीता तथा देवी लक्ष्मी की पूर्ण कृपा प्राप्त करें।
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