महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती
महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती
महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती
महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती
महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती
महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती
महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती

महा नवरात्रि अपराह्न काल हवन पूर्णाहुति एवं माँ दुर्गा आरती

✨अंतिम बार! शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों के महापर्व में अंतिम दिन नवमी पर माँ के जाने से पूर्व उनका संपूर्ण आशीर्वाद पाएं - थोड़ा, ज़्यादा या अधूरा नहीं, वैदिक विधानों के संग संपूर्ण! शक्ति सर्वश्रेष्ठ महा मुहूर्त अपराह्न काल हवन में आहुतियाँ दें और माँ दुर्गा की आरती करें।
बिना देवी के किसी भी कार्य में सफलता मिलना कठिन होता है, इसलिए तो श्री राम - युधिष्ठिर ने युद्ध से पूर्व और साक्षात सृष्टि के पालनहार श्री हरि ने कई संकटों में देवी की तपस्या की थी। ठीक वैसे ही जैसे आप अपने घर में नवरात्रि के 9 दिनों में करते हैं। महा नवमी का यह हवन आपके संपूर्ण 9 दिनों की आराधना का समापन काल है।
शास्त्र कहते हैं कि जो संकल्प अग्नि-साक्षी में किया जाए, वह पूर्ण होता है और जो साधना अग्नि को साक्षी किए बिना समाप्त हो, वह अधूरी रहती है। बिना हवन के नौ दिनों तक की गई पूजा, व्रत और मंत्र-साधना संपूर्ण होने के बाद भी कहीं न कहीं अधूरी रह जाती है।
🔥अग्नि - देवताओं का मुख:
वेदों में उद्घोषित है "अग्निमुखाः देवाः" अग्नि देव देवताओं का मुख हैं। हवन कुण्ड में जो भी सात्विक सामग्री घी, तिल, जौ, हवन-द्रव्य के रूप में अर्पित की जाती है - अग्नि उन्हें सूक्ष्म रूप में परिवर्तित करके सीधे माँ दुर्गा तक पहुँचाते हैं।
🕐अपराह्न काल हवन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त:
हिन्दू शास्त्रों में दिन को पाँच भागों में विभाजित किया गया है। शास्त्रों का विधान है प्रातः काल देवों का, मध्याह्न ऋषियों का और अपराह्न काल देवी की उपासना का सर्वोत्तम काल। यही वह स्वच्छ, निर्मल और पूर्ण मुहूर्त है जब नवमी की अग्नि-साक्षी में की गई पूर्णाहुति सर्वाधिक प्रभावी होती है।
🛕माँ दुर्गा की महाआरती नौ दिनों का उत्सव:
पूर्णाहुति के पश्चात् अग्नि स्वयं शांत होने लगती है, उसी क्षण प्रारम्भ होती है माँ नवदुर्गा की महाआरती - शंख, घड़ियाल और मंत्रोच्चार के बीच। यह आरती केवल एक गीत नहीं है, यह नौ दिनों की तपस्या का उत्सव है, माँ के प्रति कृतज्ञता का उद्गार है, नवरात्रि के नौ दिनों के समापन का समय एवं साल की सबसे बड़ी नवरात्रि की अंतिम आरती है। माँ के जाने से पूर्व उनका संपूर्ण आशीर्वाद प्राप्त करें।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे महानवमी हवन पूर्णाहुति में सहभागी बनें:
महानवमी के अपराह्न काल में स्वयं श्री नव दुर्गा मंदिर जाकर विधिवत हवन कुण्ड की स्थापना, माँ के लिए आहुतियाँ, और आरती यह सब एक साथ करवाना किसी भी भक्त के लिए अत्यंत कठिन है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से श्री नव दुर्गा मंदिर में यह सम्पूर्ण सेवा करवा सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से हवन, पूर्णाहुति और आरती सम्पन्न कराएंगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏नौ दिनों की साधना की पूर्णता इसी एक हवन पर निर्भर है। अपराह्न काल का यह पवित्र मुहूर्त और पूर्णाहुति का वह दिव्य क्षण - इसे न चूकें। महानवमी हवन पूर्णाहुति में सहभागी बनें और माँ दुर्गा की आरती में अपना नाम सम्मिलित करें।
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