अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा
अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा
अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा
अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा
अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा
अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा
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अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा

अंतिम सावन सोमवार शिव 3 प्रिय भेंट अर्पण 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा

🔱सावन - सोम-मास के अंतिम सोम-वार पर सोम-तीर्थ सोमेश्वर में, सोम की 108 गुना दूरी (पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी) के अनुपात में शिव प्रिय 3 भेंटों की 108 भेंटें - यह संयोग वर्ष में केवल एक बार आता है।
📜शिव पुराण में वर्णित है - हलाहल विष पीने के पश्चात जब महादेव तीव्र दाह से व्याकुल हुए, तो अश्विनी कुमारों और देवगणों ने उन्हें शांत करने के लिए तीन विशेष अर्पण किए - बिल्वपत्र (शीतल त्रिपत्री जो मस्तिष्क की तपन घटाए), धतूरा (वह औषधीय पुष्प जो विष के प्रभाव को रोके), और रुद्राक्ष - वे दिव्य बीज जो स्वयं शिव के नेत्रों से अश्रु बनकर गिरे थे। इन तीनों भेंटों से महादेव शांत हुए। तभी से यह तीनों महादेव की 3 सर्वप्रिय भेंट बन गईं।
ज्योतिर्विद कहते हैं कि पृथ्वी से चंद्रमा की दूरी चंद्रमा के व्यास की ठीक 108 गुना है और इस दिन 108-108 की संख्या में तीन भेंटें अर्पित करना, उस ब्रह्मांडीय अनुपात में अनुनादित होना है।
🛕शिव की 3 प्रिय भेंट: 3 प्रकार की शक्ति एवं 3 आशीर्वाद
📿108 रुद्राक्ष - शिव पुराण कहता है: "रुद्राक्ष शिव का ही स्वरूप है।" जो इसे शिवलिंग पर अर्पित करता है, वह स्वयं रुद्र के साथ को प्राप्त करता है। ग्रह-दोष, शत्रु-भय, मानसिक अशांति, चंद्र-दोष का सम्पूर्ण निवारण।
🌿108 बिल्वपत्र - शिव पुराण: "त्रिदलं त्रिगुणाकारं - एक बिल्वपत्र से तीन जन्मों के पापों का नाश।" 108 बिल्वपत्र = वह पुण्य जिसकी गणना केवल महादेव ही कर सकते हैं। बिल्वपत्र एकमात्र ऐसी भेंट है जो शिव को और शक्ति को दोनों को एकसाथ प्रसन्न करती है।
🌸108 धतूरा देवी भागवत पुराण: धतूरा वह औषधि है जो समुद्र मंथन के बाद महादेव को शांत करने के लिए अर्पित हुई। यह राहु की प्रिय वस्तु है, इसलिए इसे महादेव को अर्पित करने से काल-सर्प दोष, पितृ-दोष और राहु-जनित बाधाएँ दूर होती हैं।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे सोमेश्वर महादेव 3 प्रिय भेंट:
प्रयागराज जाना सोमेश्वर मंदिर में अंतिम सावन सोमवार की भीड़ में 108-108 की तीन भेंटें स्वयं करना यह हर भक्त के लिए सम्भव नहीं है। किंतु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे ही अपने नाम से श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर, प्रयागराज में शिव की 3 प्रिय भेंट करवा सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से आपका संकल्प लेकर 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा अर्पित करेंगे। भेंट-अर्पण का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर प्राप्त होगा।
🙏शिव की 3 सर्वप्रिय भेंट करने का यह अवसर वर्ष में केवल एक बार आता है। श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर में 108 रुद्राक्ष, 108 बिल्वपत्र एवं 108 धतूरा की 3 प्रिय भेंट में अभी सहभागी बनें और महादेव की सम्पूर्ण कृपा प्राप्त करें।
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