माघ मेले की दिव्य ऊर्जा विदा होने वाली है! त्रिवेणी संगम के इस अंतिम अमृत योग में सेवा कर दिव्य पुण्य कमाने का अवसर न छोड़ें।
पद्म पुराण और रामचरितमानस के अनुसार, माघ मास में स्वयं देवता और ऋषि-मुनि प्रयागराज में निवास करते हैं। माघी पूर्णिमा इस पावन मास की पूर्णाहुति है, अर्थात वह अंतिम अवसर जब आपकी एक सेवा पूरे वर्ष का अक्षय पुण्य बन जाती है। त्रिवेणी संगम के अधिपति भगवान वेणी माधव आपकी हर सेवा को सीधे स्वीकार करते हैं।
✨ आपकी पावन त्रिवेणी सेवा ✨
1. श्री सत्यनारायण कथा: संगम तट पर हरि की कृपा, कथा से पाएं अखंड सुख और सौभाग्य!
त्रिवेणी तट पर सत्यनारायण कथा से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
2. हवन: ब्रह्मा की प्रथम यज्ञ-स्थली पर आहुति, बाधाओं का अंत और संकल्पों की सिद्धि!
सृष्टि की पहली यज्ञ वेदी पर दी गई आहुति आपके संकल्पों को सीधे ईश्वरीय शक्ति से जोड़ती है और बाधाओं को जड़ से मिटाती है।
3. साधु भोजन सेवा: माधव की नगरी में साधु सत्कार, पितरों को तृप्ति और कुल का उद्धार!
माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज पधारे संतों को कराया गया भोजन सीधे भगवान माधव की सेवा माना जाता है, जिससे आपके पूर्वजों को मुक्ति मिलती है और पूरे कुल पर ईश्वरीय आशीर्वाद बना रहता है।
4. चढ़ावा: त्रिवेणी की धारा में सौभाग्य अर्पण, माँ गंगा की शरण और ईश्वरीय संरक्षण!
त्रिवेणी की पवित्र धारा में आपका चढ़ावा तीनों देवियों के आशीर्वाद को संचित करता है, जो आपके जीवन में सौभाग्य और ईश्वरीय संरक्षण लाता है।
🙏 माघी पूर्णिमा माघ मास का पुण्य फल पाने का अंतिम द्वार है। आज ही अपनी सेवा बुक करें क्योंकि यह दुर्लभ अवसर अब अगले वर्ष ही आएगा!
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।







"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
"हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।"
सेवा बुकिंग के बाद आपको WhatsApp के माध्यम से अपडेट्स मिलते रहेंगे। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप के "सेवा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपनी सेवा की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे सेवा बुक करने का अवसर प्रदान करता है। आप एक से अधिक सेवाएं चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपकी सेवा में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119 या 📞08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं। हमारी टीम आपकी सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।