इस वर्ष ज्येष्ठ में अधिक मास के कारण 19 वर्षों बाद पूरे 8 बड़े मंगल आ रहे हैं। आपके नाम संकल्प से 8 सिद्ध हनुमान मंदिरों पर 8 सप्ताह का चढ़ावा संकल्प करें। हर सप्ताह वीडियो प्रमाण!
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🚩✨ 19 साल बाद 8 बड़े मंगल - भक्तों के लिए सबसे दुर्लभ अवसर! ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को 'बड़ा मंगल' कहा जाता है। सामान्यतः 4-5 बड़े मंगल होते हैं, किन्तु इस वर्ष ज्येष्ठ में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) पड़ रहा है - जिसके कारण 5 मई से 23 जून 2026 तक पूरे 8 बड़े मंगल आ रहे हैं! यह दुर्लभ संयोग 19 वर्षों बाद बन रहा है।
बड़ा मंगल क्यों सबसे शक्तिशाली है?
ज्येष्ठ के मंगलवार को ही भगवान राम और हनुमान जी का प्रथम मिलन ऋष्यमूक पर्वत पर हुआ था। लखनऊ में 400 वर्ष पूर्व हनुमान जी की कृपा से एक प्रमुख भक्त अलीगंज में मंदिर बनवाया - तभी से बड़ा मंगल भारत का सबसे बड़ा हनुमान उत्सव बन गया।
🛕 श्री मंदिर ऐप से 8 सप्ताह, 8 मंदिर:
एक साथ 8 शहरों - अयोध्या, दिल्ली, मेहंदीपुर, प्रयागराज, नासिक, लखनऊ, चित्रकूट और ओंकारेश्वर - जाना असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप से आप घर बैठे 8 बड़े मंगल तक हर सप्ताह एक नए सिद्ध मंदिर में अपने नाम और गोत्र से चढ़ावा अर्पित करवा सकते हैं। हर सप्ताह वीडियो प्रमाण आपको भेजा जाएगा।
8 सिद्ध हनुमान मंदिर - 8 विशेष कृपाएँ:
1. हनुमान गढ़ी, अयोध्या: अयोध्या के 'कोतवाल' - 76 सीढ़ियाँ चढ़कर हनुमान जी के दर्शन। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रधानमंत्री ने भी यहीं अर्पण की थी। संकट मोचन और बाधा निवारण के लिए सर्वश्रेष्ठ।
2. नरसिंह हनुमान मंदिर (पत्थर वाले बाबा), दिल्ली: नरसिंह और हनुमान की संयुक्त शक्ति - नज़र दोष, भूत-प्रेत बाधा और तंत्र-मंत्र से सम्पूर्ण रक्षा।
3. पंचमुखी हनुमान, मेहंदीपुर: भारत का सबसे प्रसिद्ध नकारात्मक शक्तियों का नाश हनुमान मंदिर।
4. दक्षिणमुखी हनुमान (लेटे हुए), प्रयागराज: दुर्लभ शयन मुद्रा - दक्षिण दिशा (यम दिशा) की ओर मुख। अकाल मृत्यु भय निवारण और चिरंजीवी आरोग्य कवच।
5. अंजनेरी मंदिर, नासिक: हनुमान जी का जन्मस्थल। संतान प्राप्ति, बाल सुरक्षा और शिक्षा में सफलता के लिए सिद्ध।
6. नया हनुमान मंदिर, अलीगंज, लखनऊ: बड़ा मंगल की जन्मस्थली - हाथी ने इस स्थान से आगे मूर्ति ले जाने से मना कर दिया था। मनोकामना पूर्ति का सिद्ध स्थान।
7. हनुमान धारा, चित्रकूट: लंका दहन के बाद हनुमान जी का शरीर अभी भी सुलग रहा था - राम ने यहाँ विन्ध्य पहाड़ी पर तीर मारकर शीतल जलधारा प्रकट की। यह धारा आज भी अज्ञात स्रोत से बहती है।
8. लेटे हुए हनुमान, ओंकारेश्वर: ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र में हनुमान जी की दुर्लभ शयन मुद्रा - ग्रह दोष शमन और स्वास्थ्य रक्षा।
🙏 19 साल बाद 8 बड़े मंगल का यह दुर्लभ अवसर पर अभी संकल्प करें - 8 सप्ताह, 8 सिद्ध मंदिर, बजरंगबली की 8 गुना कृपा!