जब गंगा तट पर पहुँचना संभव न हो, तब 10 ब्राह्मणों की सेवा ही आपके मोक्ष का द्वार है! गंगा सप्तमी पर इन भू-देवों को तृप्त कर अपने 7 जन्मों के पापों का शमन करें।
📙 पद्म पुराण के अनुसार, माँ गंगा का केवल स्मरण ही मोक्षदायी है। लेकिन गंगा सप्तमी वह अद्वितीय तिथि है, जब स्वर्ग की मंदाकिनी ऋषि जह्नु के कान से पुनः इस पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। शास्त्रों में इस दिन 10 के अंक को दिव्य माना गया है क्योंकि यही वह दिन है जो मनुष्य के 10 प्रकार के पापों (3 शारीरिक, 4 वाचिक और 3 मानसिक) को शांत की शक्ति रखता है।
🌊 10 डुबकी का फल - अब 10 ब्राह्मणों की सेवा से!
हर भक्त की अभिलाषा होती है कि वह गंगा सप्तमी पर घाट पर हो और माँ के जल में 10 डुबकियाँ लगाकर अपने जन्मांतर के दोषों को विसर्जित करे। किंतु जो भक्त भौतिक रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, उनके लिए दशविध ब्राह्मण महासेवा साक्षात् गंगा-स्नान के समान फलदायी बताई गई है।
📗 स्कंद पुराण के अनुसार, ब्राह्मण के मुख को अग्नि का स्वरूप माना गया है। जब गंगा सप्तमी के दिन 10 तपस्वी ब्राह्मणों को भोजन और वस्त्र अर्पण किया जाता है, तो वह अर्पण सीधे आपके उन 10 पापों का शमन करता है जो आपके करियर, धन और स्वास्थ्य के मार्ग में बाधक बने हुए हैं।
🌸 इस महासेवा के लाभ
🔸 दशपाप मुक्ति: जाने-अनजाने में हुए पापों का शमन
🔸 अक्षय लक्ष्मी का वास: घर-परिवार में धन-समृद्धि का आगमन
🔸 पितृ ऋण से मुक्ति: पितृ तृप्ति से कुल की वृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है
इस गंगा सप्तमी, हरिद्वार की पवित्र धरा पर अपने नाम से 10 ब्राह्मणों की महासेवा बुक करें।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।







"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
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आपके द्वारा बुक किया गया चढ़ावा नियमित दिनों और पर्वों पर अर्पित किया जाता है। चढ़ावे का वीडियो 48-72 घंटों के भीतर आपके साथ साझा किया जाएगा।
हां, चढ़ावा बुक करने के बाद इसे बदलने या रद्द करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इसके लिए आपको शीघ्रता से श्री मंदिर ग्राहक सेवा से संपर्क करना होगा।
चढ़ावा बुकिंग के दौरान, आप जो भी जानकारी उपलब्ध कराते हैं, वही जानकारी हमारी टीम मंदिर के पुरोहित जी के साथ साझा करती है। उसी के आधार पर हमारे पुरोहित जी आपका चढ़ावा आपके नाम और गोत्र के अनुसार विधिपूर्वक अर्पित करते हैं।