🔱✨ प्रमुख शाक्त ग्रंथों के अनुसार, सतयुग में जब एक विनाशकारी ‘महावात’ (ब्रह्मांडीय तूफान) समस्त सृष्टि को नष्ट करने वाला था, तब भगवान विष्णु ने आदि शक्ति की कठोर तपस्या की। मध्यरात्रि के ठीक शिखर - निशीथ काल - में माँ बगलामुखी ‘हरिद्रा सरोवर’ (हल्दी की पीली झील) से प्रकट हुईं और उस महातूफान को क्षणभर में ‘स्तम्भित’ (जमा) कर दिया। इसीलिए माँ को ‘पितामबरा’ (पीले रंग में लिपटी हुई) कहा जाता है - क्योंकि वे साक्षात् हल्दी की झील से जन्मी हैं।
संधि काल हल्दी अभिषेक - माँ स्तंभन शक्ति जागृत
यह कोई साधारण अभिषेक नहीं - यह माँ बगलामुखी के माँ बगलामुखी स्तंभन शक्ति जागृत करने हेतु सर्वश्रेष्ठ है। महाष्टमी एवं नवमी के संधि काल में - ठीक उसी सामग्री (हल्दी) से (हरिद्वार - गंगा तट) पर अभिषेक करने से साधक सीधे माँ की ‘रक्षक ऊर्जा’ से जुड़ता है।
तांत्रिक शास्त्र में हल्दी और स्तम्भन शक्ति:
तंत्र शास्त्र में हल्दी को ‘स्तम्भन तत्व’ (paralyzing element) माना गया है। माँ बगलामुखी स्वयं ‘स्तम्भन शक्ति’ की देवी हैं - शत्रुओं की वाणी, बुद्धि और कार्यशक्ति को क्षणभर में जमा कर देती हैं। जब हल्दी (स्तम्भन तत्व) + संधि काल (नवरात्रि के शक्तिशाली 48 मिनट) जब माँ की शक्ति का चरम पर हो - तीनों एक साथ मिलते हैं, तो वह ‘महास्तम्भन’ शक्ति जाग्रत होती है जो किसी भी शत्रु, बाधा या नकारात्मकता को स्थायी रूप से जमा कर देती है।
वीर रात्रि - अजेय योद्धा का कवच:
माँ के प्रकटीकरण की रात्रि को शास्त्रों में ‘वीर रात्रि’ कहा गया है। इस रात्रि में निशीथ काल पर किया गया हल्दी अभिषेक साधक को ‘वीर’ (अजेय योद्धा) बना देता है। कोर्ट-कचहरी में विजय, सम्पत्ति विवादों में सफलता, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में दुश्मनों की पराजय, काले जादू और नज़र दोष से सम्पूर्ण रक्षा - वीर रात्रि का अभिषेक यही शक्ति प्रदान करता है।
🛕 श्री मंदिर ऐप से निशीथ काल हल्दी अभिषेक:
मध्यरात्रि में हरिद्वार जाकर अभिषेक करवाना सामान्य व्यक्ति के लिए असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप से आप घर बैठे हरिद्वार के माँ बगलामुखी मंदिर में अपने नाम और गोत्र से संधिकाल हल्दी अभिषेक करवा सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित तांत्रिक पुरोहित मध्यरात्रि 12:00-12:48 के बीच सम्पूर्ण विधि-विधान से अभिषेक करेंगे और वीडियो प्रमाण आपको भेजा जाएगा।