नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक
नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक
नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक
नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक
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नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक
नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक

नाग पंचमी 5 नाग मंदिर दुग्ध महा अभिषेक

🐍नाग पंचमी 5 जागृत नाग तीर्थों पर पंच-दुग्ध अभिषेक महासेवा!
🐍नाग केवल सर्प नहीं हैं, वे वह शक्ति हैं जिनके फनों पर यह पृथ्वी टिकी है, वह डोर हैं जिससे देव और दानव ने सृष्टि का मंथन किया, वे शिव के कण्ठ के आभूषण हैं, विष्णु की शय्या हैं और समस्त ब्रह्मांड के चार दिशाओं के अभय-रक्षक हैं। नाग पंचमी वह एकमात्र दिन है जब वे अपने भक्तों की पुकार सबसे शीघ्र सुनते हैं।
📖वेदों में नाग: सृष्टि के आदि से रक्षक की भूमिका:
📚अथर्ववेद 12.3 (सर्पनामा मंत्र) में नाग देवताओं को चार दिशाओं के रक्षकों के रूप में वर्णन है:
🧭"पूर्व दिशा में असित नाग, दक्षिण में तिरश्चिराजि, पश्चिम में पृदाकु, उत्तर में स्वज ये चारों नाग समस्त ब्रह्मांड के चार दिशाओं की रक्षा करते हैं।"अर्थात् वेदों के अनुसार इस पृथ्वी के चारों कोनों की रक्षा नाग देवता करते हैं।
𓆗नाग पंचमी क्यों? वह महाभारत कालीन घटना जिसने इस पर्व को जन्म दिया
🏹महाभारत में वर्णित है राजा परीक्षित की तक्षक नाग द्वारा मृत्यु के बाद उनके पुत्र जनमेजय ने समस्त नाग-जाति को नष्ट करने के लिए भयानक सर्प-सत्र यज्ञ किया। यज्ञ की अग्नि में नागों की असंख्य जातियाँ भस्म होने लगीं, स्वयं इंद्र भी सिंहासन सहित तक्षक को पकड़े थे और खिंचे जा रहे थे। तब ऋषि आस्तिक मुनि जो नागों के ममेरे भाई थे ने सर्प-सत्र को बीच में रोका। नागों को मृत्यु के मुख से बचाया। शास्त्रों के अनुसार यह दिन था सावन शुक्ल पंचमी।यही कारण है कि इस पंचमी को 'नाग पंचमी' कहा जाता है। 🥛दुग्ध अभिषेक: कठिन से कठिन नाग दोषों से शांति का मार्ग
🔥जनमेजय के यज्ञ की अग्नि में जले नागों के घावों को शांत करने के लिए कच्चे दूध और धान के लावे की धारा उन पर डाली गई यह पंचमी तिथि थी। ठंडे दूध की धारा से नागों की जलन मिटी और उनके प्राण बचे।
📜भविष्य पुराण का वरदान:"पंचमी को जो व्यक्ति नागों को दूध से स्नान कराता है उसके कुल में वासुकी, तक्षक, कारकोटक सहित नाग-देवता रक्षा करते हैं, उसके कुल को नागवंश कभी हानि नहीं पहुँचाएगा।" और गरुड़ पुराण कहता है: "नाग पंचमी पर नागों को दूध न चढ़ाने वाला नागों के क्रोध का भागी होता है।"
📍इन 5 जागृत नाग तीर्थों में वे 5 नाग विराजते हैं - जो इस सृष्टि के 5 आवश्यक कार्यों के स्वामी हैं:
🛕श्री नाग वासुकी, प्रयागराज → काल सर्प दोष शांति के दाता।
🛕श्री तक्षकेश्वर नाथ, प्रयागराज → वंश को सर्पदंश से मुक्ति।
🛕श्री कारकोटक नाग, प्रयागराज → अभय, शत्रु, अकाल संकट से मुक्ति।
🛕नागेश्वर नाथ, प्रयागराज → नागों के देवता के रूप में शिव का वास, जो संपूर्ण नाग वंश को यहाँ से नियंत्रिक करते है।
🛕नाग कुंड, काशी → शेषनाग का प्रत्यक्ष आशीर्वाद और नाग लोक का एकमात्र द्वार जो सिर्फ़ नाग पंचमी पर खुलता है।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे 5 नाग तीर्थों पर एकसाथ दुग्ध अभिषेक
✨5 अलग-अलग शहरों में एक ही दिन जाकर दुग्ध अभिषेक करवाना असंभव है, किन्तु श्री मंदिर ऐप से आप घर बैठे इस सम्पूर्ण महासेवा में सहभागी बन सकते हैं। प्रत्येक नाग तीर्थ के प्रमाणित वैदिक पुरोहित आपके नाम-गोत्र से संकल्प लेकर, नाग पंचमी के सिद्ध मुहूर्त में दुग्ध अभिषेक सम्पन्न करेंगे। जिसका वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏5 जागृत नाग तीर्थों पर पंच-दुग्ध अभिषेक में अभी सहभागी बनें और भविष्य पुराण के उस वरदान को अपने कुल के लिए सक्रिय करें। अभी बुक करें!
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