अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा
अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा

अंतिम पुरुषोत्तम एकादशी 7 विष्णु अवतार 7 जन्म कर्म-शुद्धि महासेवा

✨ 27 वर्षों बाद! जब अधिक मास की अंतिम एकादशी (परमा एकादशी) गुरुवार को पड़े और 7 विष्णु अवतारों की 7 सेवाएँ 3 पवित्र नदी-तटों (गंगा घाट, सरयू घाट एवं विश्राम घाट) पर एक साथ हों - तो 7 जन्मों के कर्मदोष एकसाथ नष्ट करने का दुर्लभ महायोग बनता है।
🤔एक प्रश्न जो आपके मन में कभी न कभी आता होगा - 'मैं इतनी मेहनत करता हूँ, इतनी पूजा करता हूँ, फिर भी वही बाधाएँ क्यों? कोई भी काम सफल क्यों नहीं होता है?' इसका उत्तर केवल इस जन्म में नहीं है। संस्कार और कर्म जन्म-जन्मांतर से चलते हैं। और आज परमा एकादशी - वह अवसर है जब 7 विष्णु अवतारों की 7 प्रिय सेवाओं से उन 7 जन्मों के पुराने कर्म-बोझ को जड़ को काटा जा सकता है - वो भी एक ही दिन में, एक ही संकल्प में।
🐚7 विष्णु अवतार - 7 कर्म-दोष एवं 7 मुक्ति के द्वार:
🔱भगवान विष्णु ने जब भी अवतार लिया, वह केवल बाहरी असुरों को नष्ट करने नहीं आए - वे हमारे भीतर के उन अंधकारों को काटने आए जो हम जन्मों से ढो रहे हैं। मत्स्य ने जल को बचाया - उनकी जल सेवा, लोभ और संसाधन-छुपाने के कर्म को काटती है। कूर्म ने आधार दिया - उनकी पादुका/छत्र सेवा, दूसरों को बेघर करने या आश्रितों की रक्षा न करने के कर्म को काटती है। वराह ने धरती को उठाया - उनकी गौ ग्रास सेवा, शोषण और अनैतिक धन-संचय के कर्म को काटती है।
📿नरसिंह ने निर्दोष भक्त की रक्षा की - शरबत सेवा, क्रोध और बलप्रयोग के कर्म को काटती है। वामन ने अहंकार को शांत किया - अन्न सेवा, अतिथियों और ज़रूरतमंदों को ठुकराने के कर्म को काटती है। श्री राम ने पितृ-भक्ति का आदर्श स्थापित किया - उनकी वृद्ध-जन सेवा, परिवार-द्रोह और माता-पिता के अनादर के कर्म को काटती है। श्री कृष्ण ने निर्दोषता और प्रेम का सन्देश दिया - उनकी बाल क्षीर-भोजन सेवा, छल-कपट और विश्वास-घात के कर्म को काटती है।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है। 🙏 यह अधिक मास की अंतिम एकादशी है। आज ही अपने नाम से विष्णु 7 अवतारों को समर्पित सेवा करने में भाग लेकर 7 जन्मों के कर्म दोषों से शांति पाएं।
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook