🌑30 वर्षों का सबसे बड़ा शिव महायोग - अधिक मास संग 'सोमवती अमावस्या' का दुर्लभ महा-मुहूर्त! ऐसे सिद्ध महातिथि पर 12 ज्योतिर्लिंगों में श्रेष्ठ 3 स्वयंभू ज्योतिर्लिंगों एवं पशुपतिनाथ में आपके नाम से 4 प्रहर महाभिषेक!
🚩सनातन धर्म में अमावस्या तिथि पूर्वजों और पितरों को समर्पित है। किंतु जब यह भगवान शिव के प्रिय दिन 'सोमवार' को पड़ती है, तो यह 'सोमवती अमावस्या' बन जाती है-एक ऐसी शक्तिशाली तिथि जिसमें किया गया शिव अभिषेक जन्म-जन्मांतर के पापों को भस्म कर देता है।
🔱इस बार यह सोमवती अमावस्या श्री हरि विष्णु के स्वयं के मास 'अधिक मास' (पुरुषोत्तम मास) में पड़ रही है। ग्रहों और नक्षत्रों का यह ऐसा अलौकिक त्रि-योग है, जो पूरे 30 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पृथ्वी पर बन रहा है!
🛕4 शिवलिंग में 4 प्रहर महा अभिषेक ही क्यों?
शिव पुराण में '4 प्रहर' शिव अभिषेक का विशेष महात्म्य है, जो मनुष्य के चार पुरुषार्थों (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) को एक ही दिन में सिद्ध कर देता है। जब सोमवती अमावस्या की विराट ऊर्जा के साथ यह 4 प्रहर का अभिषेक भारत के 4 सबसे जाग्रत शिवलिंगों पर एक साथ किया जाता है, तो इसकी शक्ति अमोघ हो जाती है:
🛕त्र्यंबकेश्वर (नासिक): महादेव के इस रूप पर अभिषेक करने से पीढ़ियों से चला आ रहा भयंकर पितृ दोष और कालसर्प दोष जड़ से समाप्त हो जाता है।
🛕ओंकारेश्वर (खंडवा): नर्मदा तट पर किया गया यह अभिषेक जीवन में चल रही उथल-पुथल, भारी मानसिक तनाव और नवग्रहों की पीड़ा को भस्म करने में मदद करता है।
🛕घृष्णेश्वर (महाराष्ट्र): इस ज्योतिर्लिंग की ऊर्जा व्यापार में फंसा हुआ धन निकालती है, कर्ज़ का नाश करती है और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देती है।
🛕पशुपतिनाथ (हरिद्वार): शिव का पशुपतिनाथ स्वरूप के अभिषेक करने से से आपको और आपके परिवार को दीर्घायु, आरोग्य एवं दोषमुक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
🙏30 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद आए इस 'अधिक सोमवती अमावस्या' के दुर्लभ महायोग को हाथ से न जाने दें। आज ही अपनी महासेवा बुक करें और भगवान शिव की परम कृपा से जीवन की हर दिशा को सुरक्षित और समृद्ध बनाएं!