🪔✨दिवाली केवल एक त्योहार नहीं है यह पाँच दिनों की वह अलौकिक यात्रा है जिसमें ब्रह्माण्ड के समस्त रक्षक देव एक-एक दिन अपने भक्तों के सामने विशेष रूप से प्रकट होते हैं। धनवंतरि, लक्ष्मी, कुबेर, काली, शनिदेव, हनुमान, राम, गणेश, कृष्ण, यमराज पाँच दिनों में ये सभी अपने-अपने सिद्ध क्षेत्र में पूर्ण शक्ति के साथ विराजमान होते हैं।- इस बार एक भी आशीर्वाद छूटें न!
इस बार की दिवाली है सबसे ख़ास?
इस बार दिवाली के पाँचों दिनों पर ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष है - मुख्य दिवाली रविवार को है सूर्य का दिन जो लक्ष्मी की स्थिरता को और बलवती बनाता है। काली चौदस शनिवार की रात है शनि देव का वार जो शनि-साधना को दशगुना फलदायी बनाता है। भाई दूज बुधवार को है बुध-वार बुध को यम का मित्र माना जाता है, जो आयु-वर्धन में सहायक। और धनतेरस का दिन शुक्रवार को पड़ा जो स्वयं माँ लक्ष्मी का अपना दिन है।
🛕 पंच महापर्व - पंच-कवच पाँच दिन, पाँच संकट, एक सम्पूर्ण समाधान:
दिन 1 धनतेरस धन-कवच: धनवंतरि जयंती के दिन चारों धन-देवताओं की एक साथ उपासना श्री गजलक्ष्मी (राजवैभव), धनवंतरि (आरोग्य), ऋण मुक्तेश्वर (कर्ज-मुक्ति), कुबेर (कोष-वृद्धि) यह चतुष्टय धन-कवच वर्ष में एकमात्र इसी दिन सम्भव है।
दिन 2 काली चौदस शक्ति-कवच: रुद्र-यामल तन्त्र के अनुसार कार्तिक चतुर्दशी की रात दृश्य-अदृश्य जगत के बीच का पर्दा सबसे पतला होता है। इस रात माँ दक्षिणकाली, शनिदेव और हनुमानजी की त्रिशक्ति-उपासना नज़र दोष, शत्रु-बाधा और शनि-पीड़ा तीनों का एक साथ विनाश करेगी।
दिन 3 मुख्य दिवाली समृद्धि-कवच: कार्तिक अमावस्या पर भगवान राम की अयोध्या वापसी की रात माँ अंबाबाई महालक्ष्मी को अर्पण करने का अर्थ है कि लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं और ठहरती हैं। करवीर महात्म्य में लिखा है "माँ महालक्ष्मी ने कोल्हापुर को अपना शाश्वत वास चुना, यहाँ से वे कभी नहीं जातीं।" जो इस दिन यहाँ संकल्प करे, उसके घर में वे जाती हैं।
दिन 4 गोवर्धन पूजा प्रकृति-कवच: गिरिधारी ने गोवर्धन पर्वत उठाकर गौ-माता और गोप-समाज की रक्षा की थी यह कृष्ण की सर्वोच्च रक्षा-शक्ति का प्रकटीकरण था। मथुरा की भूमि पर गौ-माता की सेवा = कृष्ण की सीधी कृपा, संकट में अलौकिक रक्षा।
दिन 5 भाई दूज आयु-कवच: यम द्वितीया के दिन यमराज ने अपनी बहन यमुना को वरदान दिया था "जो भाई इस तिथि पर तेरे जल में स्नान कर बहन का तिलक पाये, उसे कोई भी संकट नहीं छू सकेगी।"
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे १२ मंदिरों पर संकल्प:
एक ही दिन में गजलक्ष्मी उज्जैन, धनवंतरि इंदौर, ऋण मुक्तेश्वर ओंकारेश्वर, कुबेर मंदिर प्रयागराज, कालीघाट कोलकाता, हनुमान गढ़ी अयोध्या, राजद्वार मंदिर अयोध्या, अंबाबाई शक्तिपीठ कोल्हापुर, परमार्थ गौशाला मथुरा और यमुना धर्मराज मंदिर इन सभी में जाकर चढ़ावा करवाना किसी भी व्यक्ति के लिए असम्भव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से पाँचों दिन, बारहों मंदिरों पर विधिपूर्वक चढ़ावा संकल्प करवा सकते हैं। प्रत्येक मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से चढ़ावा सम्पन्न कराएंगे।
🙏दिवाली महोत्सव 2026 के पंच महापर्व में सहभागी बनें - वर्षभर के लिए पंच-कवच का आशीर्वाद घर बैठे प्राप्त करें।