पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती
पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती
पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती
पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती
पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती
पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती
पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती

पितृ पक्ष मोक्ष पुरी हरिद्वार दीपदान एवं गंगा आरती

जब भगीरथ ने सगर के साठ हजार पुत्रों की मुक्ति के लिए माँ गंगा को स्वर्ग से धरती पर उतारा - श्राद्ध परम्परा का वह आदि-कर्म - तो यह हरिद्वार ही था जहाँ देवनदी ने पहली बार मर्त्यलोक का स्पर्श किया। नाम ही सब कुछ कह देता है: हरि-द्वार - हरि का द्वार, विष्णु का प्रवेश, मोक्ष का मार्ग। और इस भारत के सर्वाधिक पवित्र गंगा घाट, मोक्ष पुरी हरिद्वार में अपने पितरों के मोक्ष का मार्ग प्रकाशित करें।

गंगा - वह ब्रह्माण्डीय राजमार्ग जो इस लोक और पितृ लोक को जोड़ता है।
गंगा को त्रिपथगा कहा जाता है - तीन लोकों में प्रवाहित होने वाली। स्वर्ग, पृथ्वी और पितृ लोक - तीनों में। किसी भी अन्य नदी में यह शक्ति नहीं है। पितृ पक्ष के शास्त्र-वचन स्पष्ट हैं: गंगा में किया गया प्रवाहित दीपदान सीधे पितृ लोक तक पहुँचता है - गंगा स्वयं वह सेतु है। जब आप हरिद्वार में दीप प्रवाहित करते हैं - वह दीप केवल जल पर नहीं तैरता। वह उस ब्रह्माण्डीय राजमार्ग पर यात्रा करता है जो इस लोक को पितृ लोक से जोड़ता है। और आपके पितर उस प्रकाश को देख सकते हैं।

हरिद्वार - मोक्ष पुरी - जहाँ गंगा की शक्ति अपने सर्वोच्च स्तर पर है।
हरिद्वार = हरि का द्वार। भगवान विष्णु की ओर जाने वाला प्रवेश-द्वार। यह वह स्थान है जहाँ आकाश-गंगा हिमालय की ऊँचाइयों से उतरकर पहली बार पृथ्वी पर अवतरित होती है। इस पहले स्पर्श में गंगा की दिव्य शक्ति अपनी सर्वोच्च अवस्था में होती है - स्वर्ग का स्पर्श अभी ताज़ा है, पृथ्वी की मिट्टी अभी उसे कम नहीं कर पाई है। हरिद्वार सप्त पुरियों में से एक है - वे सात नगर जो स्वयं मोक्ष देने में सक्षम हैं। यहाँ प्रवाहित किया गया प्रत्येक दीप, यहाँ अर्पित किया गया प्रत्येक तर्पण, यहाँ की गई प्रत्येक प्रार्थना - इस नगर की मोक्ष-शक्ति से सिद्ध होती है।

घर बैठे करें हरिद्वार गंगा दीपदान - श्री मंदिर के माध्यम से।
पितृ पक्ष में हरिद्वार जाकर प्रतिदिन गंगा पर दीप प्रवाहित करना और गंगा आरती में सहभागी होना प्रत्येक परिवार के लिए सम्भव नहीं है। किन्तु श्री मंदिर के माध्यम से आप - संसार में कहीं से भी एक बार बुक करके हरिद्वार के गंगा घाट पर अपने नाम से संकल्प लेकर गंगा दीपदान और गंगा आरती सम्पन्न करवा सकते हैं। सम्पूर्ण विधि-विधान से अनुष्ठान होगा और प्रतिदिन वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आप तक पहुँचाया जाएगा।

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