महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा
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महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा
महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा

महा नवरात्रि प्रथम दिन 101KG पूरी, काले चने एवं हलवा भोजन ज़रूरतमंद सेवा

कुछ सेवाएँ केवल भोजन नहीं करातीं, बल्कि किसी के सम्मान और गरिमा का भी ध्यान रखती हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन जब अधिकांश लोग उत्सव की शुरुआत कर रहे होंगे, तब कुछ लोग एक ओर भूखी सुबह का सामना कर रहे होंगे। ऐसा नहीं कि उनके लिए यह दिन कम खास है, लेकिन भूख किसी त्योहार या अवसर के लिए रुकती नहीं है।
किसी ऐसे व्यक्ति के सामने गरम पूरी, काले चने और हलवे की थाली रखना, यह एहसास देना है कि आज किसी ने उन्हें देखा, उनकी ज़रूरत को समझा और उनकी परवाह की। इसी भावना के साथ यह 101 किलो भोजन सेवा की जा रही है, ताकि नवरात्रि के प्रथम दिन की शुरुआत सेवा और सच्ची भक्ति के भाव से हो।

पूरी, काले चने और हलवा ही क्यों?

इस भोजन में शामिल प्रत्येक सामग्री का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। काले चने देवी को प्रिय माने जाते हैं और स्कंद पुराण तथा देवी भागवत में इनका उल्लेख मिलता है। ये शक्ति और सामर्थ्य का प्रतीक माने जाते हैं। हलवा देवी को प्रिय मिष्ठान माना जाता है और इसे भक्त के जीवन में सुख, समृद्धि और संतोष से जोड़ा जाता है। पूरी का उल्लेख पुराणों में पुरिका के रूप में मिलता है और इसे देवता को नैवेद्य के रूप में अर्पित किए जाने योग्य भोजन माना गया है।
इसलिए यह केवल एक सामान्य भोजन नहीं है। पूरी, काले चने और हलवे के माध्यम से देवी के प्रिय भोजन की भावना को ज़रूरतमंदों तक पहुँचाकर उनकी सेवा करने का प्रयास है।

हरिद्वार के गंगा घाट पर ही क्यों?

गरुड़ पुराण में हरिद्वार को सात मोक्षदायिनी नगरियों में शामिल किया गया है। यह पावन भूमि सदियों से ऋषियों और संतों की तपस्या से पवित्र मानी जाती है और यहाँ जीवनदायिनी माँ गंगा का पावन प्रवाह है। नवरात्रि के प्रथम दिन इस पवित्र भूमि पर ज़रूरतमंदों को भोजन कराना केवल उनकी भूख मिटाने की सेवा नहीं है, बल्कि भारत की सबसे पावन आध्यात्मिक भूमियों में से एक पर सेवा करने का अवसर भी है।

श्री मंदिर के माध्यम से नवरात्रि के प्रथम दिन हरिद्वार के गंगा घाट पर आपके नाम से 101 किलो पूरी, काले चने और हलवा भोजन सेवा कराई जाएगी। सेवा का वीडियो आपको 24–48 घंटे के भीतर साझा किया जाएगा।

यह बुकिंग एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है, जिसे प्रत्येक सहभागी के योगदान से सार्थकता मिलती है। यह एक उच्च उद्देश्य के लिए मिलकर किया गया सेवा प्रयास है। इस सामूहिक सहयोग के माध्यम से हम इस पावन पहल को आगे बढ़ाने और अधिक ज़रूरतमंद लोगों तक भोजन पहुँचाने में सक्षम होते हैं।

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