🔱पूरे साल में सिर्फ़ एक बार बनता है ऐसा महायोग: जब अहोई अष्टमी (संतान सुरक्षा महातिथि) एवं अष्टभैरव के रूप में समस्त बुराई और भय से रक्षा करने वाले काल भैरव की अपनी तिथि कालाष्टमी दोनों एकसाथ आती है, जब दोनों एक ही दिन हों माँ की ममता और काशी के कोतवाल की सुरक्षा - तभी सबसे मज़बूत, अभेद सर्व दिशा संतान सुरक्षा-कवच बनता है।
🤱अहोई माता एवं काल भैरव की अभेद सुरक्षा:
हर माँ का एक ही स्वप्न है उसकी संतान सुरक्षित रहे, दीर्घायु हो, स्वस्थ रहे। अहोई अष्टमी इसी भावना का सर्वोच्च प्रकटीकरण है। यह तिथि अहोई माता - माँ पार्वती/दुर्गा का वात्सल्य स्वरूप को समर्पित है, वह शक्ति जो समस्त जीव-जगत की संतान की रक्षा करती हैं।
काशी खंड (स्कंद पुराण) में वर्णित है काल भैरव काशी के कोतवाल हैं और अष्टभैरव उनके 8 रूप 8 दिशाओं में संसार की रक्षा करते हैं। अपनी संतान के लिए इनका आशीर्वाद पाने का अर्थ है कि उसके समक्ष उत्तर से, दक्षिण से, पूर्व से, पश्चिम से जो भी संकट, नजर-दोष, शत्रु, नकारात्मक शक्ति आए काल भैरव के अष्टभैरव कवच को पार नहीं कर सकती।
🔥 हवन आहुति माँ की प्रार्थना का अग्नि-माध्यम:
अग्नि वैदिक परम्परा में सबसे शक्तिशाली साक्षी। जो भी हवन में आहुति डाली जाती है, वह सीधे देवता तक पहुँचती है, कोई माध्यम नहीं, कोई विलंब नहीं। अहोई अष्टमी के दिन संतान सुरक्षा संकल्प के साथ हवन आहुति हर माता-पिता की प्रार्थना सबसे शक्तिशाली रूप में देवी तक पहुँचाती है।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे काशी के 2 धामों में चढ़ावा एवं हवन:
अहोई-कालाष्टमी के दिन काशी के दुर्गा कुंड और काल भैरव दोनों मंदिरों में जाकर चढ़ावा और हवन करवाना दूरी, समय और व्रत की सीमाओं के कारण सभी के लिए संभव नहीं। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से इस सर्व दिशा संतान सुरक्षा सेवा में सहभागी हो सकती हैं। दोनों मंदिरों के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से चढ़ावा एवं हवन सम्पन्न कराएंगे।वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏 अहोई अष्टमी एवं कालाष्टमी का यह दुर्लभ 'सर्व दिशा संतान सुरक्षा योग' वर्ष में एक बार आता है। माँ की ममता एवं काशी के कोतवाल की सुरक्षा दोनों एक साथ अपनी संतान के लिए पाएं। अभी बुक करें!