शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा
शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा
शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा
शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा
शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा
शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा
शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा

शिवरात्रि माह अश्लेषा नक्षत्र-सोमवार महायोग शिव-राहु-नाग चढ़ावा

नागराज तक्षक की शरण, चंद्रमा की श्राप-मुक्ति और राहु की शांति; इस महायोग पर तीन सिद्ध धामों में अर्पण कर अपने जीवन के हर विष को अमृत में बदलें।

फाल्गुन का पवित्र महीना और शिवरात्रि की ऊर्जा; यह वह समय है जब ब्रह्मांड में 'शिव-तत्त्व' अपने चरम पर होता है। इस महायोग में चंद्रमा की शीतलता और अश्लेषा नक्षत्र की सर्प-शक्ति का मिलन आपके जीवन के विष (नकारात्मकता एवं बाधाएं) को अमृत (आशीर्वाद) में बदलने का सामर्थ्य रखता है।

मंदिरों की पौराणिक कथाओं में इस महायोग का आधार
🛕 तक्षकश्वर नाथ धाम: पद्म पुराण के पाताल खंड के अनुसार, प्रयागराज का तक्षक कुंड वह सिद्ध स्थान है जहाँ नागराज तक्षक ने महादेव की शरण लेकर अभय वरदान पाया था। अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी स्वयं सर्प हैं, इसलिए इस नक्षत्र में नागों के राजा तक्षक को अर्पण राहु और सर्प दोष के नकारात्मक प्रभाव को शांत करता है।
🛕 सोमेश्वर महादेव मंदिर: शिव पुराण (कोटिरुद्र संहिता) में वर्णित है कि महादेव ने चंद्रमा को दक्ष के श्राप से मुक्त कर अपने मस्तक पर धारण किया था। वहीं, सर्प उनके कंठ का आभूषण हैं। सोमवार (चंद्रमा) और अश्लेषा (सर्प) का यह मिलन संकेत देता है कि जब मन (चंद्रमा) पर भ्रम (राहु/सर्प) का साया पड़ता है, तब केवल शिव की शरण ही उस मानसिक संताप और दोष से मुक्ति दिलाती है।
🛕 राहु पैठणी मंदिर: मत्स्य पुराण के अनुसार, समुद्र मंथन के विष को महादेव ने अपने कंठ में धारण किया था। राहु पैठणी वह दुर्लभ स्थान है जहाँ महादेव की उपस्थिति राहु के नकारात्मक प्रभाव को सौम्यता में बदल देती है। अश्लेषा नक्षत्र में यहाँ किया गया अर्पण, जीवन के संघर्षों को शिव-कृपा में बदलने का माध्यम बनता है।

शिवरात्रि के इस पावन मास में, जब स्वयं काल के स्वामी महादेव पृथ्वीलोक के भ्रमण पर हैं, इन तीन प्राचीन धामों में चढ़ावा अर्पित कर अपनी समस्त बाधाएं महादेव को सौंप दें और जीवन में शुभता का संचार करें।

srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
srimandir devotees
अब तक1,50,000+भक्तोंश्री मंदिर द्वारा संचालित चढ़ावा सेवा में भाग ले चुके है।
अपनी सेवा चुनें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook