महालक्ष्मी के प्राकट्य दिवस लक्ष्मी जयंती पर धनलक्ष्मी को चढ़ावा एवं गजलक्ष्मी की आराधना कर धन, वैभव और सौभाग्य का दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करें!
🔱 लक्ष्मी जयंती वह पावन दिवस है जब ब्रह्मा ने समुद्र-मंथन से प्रकट हुई लक्ष्मी जी का “शुभागमन” संपूर्ण सृष्टि में घोषित किया। इसी महापर्व पर आपके लिए रची गई है अद्भुत सेवा: कोल्हापुर के अंबाबाई शक्तिपीठ में महालक्ष्मी चढ़ावा और उज्जैन के प्राचीन गजलक्ष्मी मंदिर में गजलक्ष्मी आराधना।
🛕 अंबाबाई शक्तिपीठ, कोल्हापुर: जहाँ माता सती के नेत्र गिरे और जहाँ धनलक्ष्मी स्वयं विराजती हैं
🍀 यहाँ महालक्ष्मी को करुणाधार, वरदायिनी, और चिर-स्थायी सौभाग्य की अधिष्ठात्री कहा जाता है। पुराणों में वर्णित है कि एक बार जब देवताओं पर निरंतर आपदाएँ आने लगीं, तब ऋषियों ने यहाँ माँ की अर्चना कर उन बाधाओं को दूर किया। जो भक्त यहां चढ़ावा अर्पित करता है, उसके जीवन में ऋण मुक्ति और आर्थिक समृद्धि का सुनहरा मार्ग खुलता है।
🛕 उज्जैन की गजलक्ष्मी: महाकाल की नगरी की ऐश्वर्यदात्री
यहाँ गजलक्ष्मी, समुद्र-मंथन के उस दिव्य स्वरूप में हैं जिसमें लक्ष्मी “गज आशीर्वाद” से संपन्न दिखाई देती हैं। प्राचीन ग्रंथ कहते हैं कि जब इंद्र ने अपने राजसिंहासन का गौरव खो दिया, तब गजलक्ष्मी आराधना के द्वारा ही उसे पुनः ऐश्वर्य, प्रतिष्ठा और विजय प्राप्त हुई। कहते हैं कि यहाँ आराधना से दरिद्रता से मुक्ति एवं भाग्य में तीव्र उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
🌺 देरी न करें! एकसाथ धनलक्ष्मी को अर्पण और गजलक्ष्मी की आराधना कर धन-भाग्य-सौभाग्य, तीनों स्तंभों को सुदृढ़ करें।







श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
मंत्र जाप चढ़ावा एक विशेष धार्मिक सेवा है, जिसमें श्रद्धालु की ओर से किसी देवता के नाम का मंत्र नियत संख्या में जाप किया जाता है। यह जाप विशेषकर पूर्ण श्रद्धा और नियमपूर्वक चढ़ावा के साथ किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि मंत्र जाप चढ़ाने से भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, दोषों का निवारण होता है तथा दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होता है!
महाभिषेक एक विशेष और दिव्य प्रक्रिया है, जिसमें भगवान को अनेक पवित्र द्रव्यों जैसे पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), गंगाजल, फूलों के जल, तिल या सरसों के तेल, इत्र, चंदन आदि से विधिपूर्वक स्नान कराया जाता है। यह अभिषेक भक्त की श्रद्धा से पूर्ण होता है और इसमें मंत्रोच्चारण के साथ भगवान की महिमा का गुणगान किया जाता है, जिससे भक्तों को आरोग्य, समृद्धि एवं मनोवांछित फल का आशीर्वाद प्राप्त होता है!
चढ़ावा बुकिंग के बाद आपको व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप में "चढ़ावा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपने चढ़ावे की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
यदि आपके चढ़ावे में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119, 📞 08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं, जो आपकी सहायता के लिए तत्पर है।