कुछ बच्चे हर दिन स्कूल तो पहुँचते हैं, लेकिन उनके बस्ते में कुछ भी नहीं होता। ऐसा इसलिए नहीं कि वे पढ़ना नहीं चाहते, बल्कि इसलिए कि उनके परिवार के लिए कॉपी, पेंसिल जैसी बुनियादी चीज़ें जुटा पाना भी मुश्किल होता है। वे फिर भी कक्षा में बैठते हैं, ध्यान से पढ़ते हैं और अगले दिन भी इन्हीं ज़रूरी चीज़ों के बिना स्कूल आते हैं। यह विद्या सेवा ऐसे ही बच्चों के लिए है। देश में जिस एक दिन को हर बच्चे के महत्व को याद करने के लिए समर्पित किया गया है, उस दिन उनके हाथों में शैक्षणिक सामग्री किट पहुँचाना इस बात का एहसास कराता है कि वे भी महत्वपूर्ण हैं।
“आज के बच्चे ही कल के भारत का निर्माण करेंगे। हम उनका पालन-पोषण किस प्रकार करते हैं, इसी पर देश का भविष्य निर्भर करेगा।”
बाल दिवस पर विद्या सेवा क्यों करें?
बाल दिवस पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। उनका दृढ़ विश्वास था कि हर बच्चा, चाहे उसका जन्म कहीं भी हुआ हो या उसके पास कितनी भी सुविधाएँ हों, इस बात का एहसास पाने का हकदार है कि उसे देखा जाता है, उसका महत्व है और उसे आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। यह सेवा भी इसी विश्वास पर आधारित है। विद्या सेवा के माध्यम से आप किसी बच्चे की शिक्षा यात्रा का हिस्सा बनते हैं और उसे आगे बढ़ते रहने के लिए ज़रूरी सामग्री उपलब्ध कराने का माध्यम बनते हैं।
यह सेवा काशी में क्यों करें?
स्कंद पुराण में काशी को ज्ञान की राजधानी बताया गया है। काशी नाम का अर्थ है—‘जो प्रकाशमान हो’, अर्थात ऐसा नगर जो ज्ञान और विद्या के प्रकाश से जगमगाता है। 3,000 से भी अधिक वर्षों से काशी के आचार्य यहाँ आने वाले प्रत्येक विद्यार्थी को भोजन, आश्रय और निःशुल्क शिक्षा प्रदान करते आए हैं, बिना यह पूछे कि वे कहाँ से आए हैं या उनके पास क्या है। यह सेवा उसी जीवंत परंपरा को आगे बढ़ाती है। इसके माध्यम से उसी नगरी के बच्चों के हाथों में शैक्षणिक सामग्री किट पहुँचाई जाएगी, जिसने हमेशा माना है कि ज्ञान पर सभी का अधिकार है।
श्री मंदिर के माध्यम से बाल दिवस के अवसर पर आपके नाम से काशी में संपूर्ण शैक्षणिक सामग्री किट वितरण सेवा संपन्न की जाएगी। 24–48 घंटों के भीतर आपको सेवा का वीडियो प्राप्त होगा।
यह बुकिंग सामूहिक सेवा का एक पावन प्रयास है, जिसे इसमें भाग लेने वाले सभी लोगों की सहभागिता सार्थक बनाती है। यह एक उच्च उद्देश्य के लिए किया गया साझा योगदान है। इस सामूहिक सेवा के माध्यम से हम इस पवित्र पहल को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचने में सक्षम होते हैं।