सात जन्मों का ऋण और प्रारब्ध के दोष, सब शांत करें! भौमवती अमावस्या पर श्री हरि एवं हनुमंत को अर्पण और माँ गंगा किनारे सेवा करें।
शास्त्रों में वर्णित है कि जब 'भूमिपुत्र' मंगल का तेज अमावस्या की अनंत गहराई से मिलता है, तब भौमवती अमावस्या का महायोग होता है। मत्स्य पुराण के अनुसार, यह दिन केवल पूर्वजों की तृप्ति का नहीं, बल्कि आपके जीवन पर चढ़े हर प्रकार के ऋण,चाहे वो आर्थिक कर्ज हो, मानसिक बोझ हो या ग्रहों का दोष, उनमें शांति पाने का ईश्वरीय अवसर है।
ब्रह्मांड की तीन दैविक शक्तियाँ की कृपा एकसाथ पाएं!
🛕 विष्णु पद वेदी: गया महात्म्य और वायु पुराण के अनुसार श्रीहरि के पदचिन्हों पर किया गया अर्पण सीधे पूर्वजों की मुक्ति सुनिश्चित करता है। भौमवती अमावस्या पर यहाँ चढ़ावा चढ़ाने का अर्थ है अपने वंश के भाग्य को श्रीहरि के चरणों से जोड़ना। जब आप यहाँ अर्पण करते हैं, तो नारायण आपके जीवन के खालीपन को ऐश्वर्य से भर देते हैं।
🛕 हनुमान गढ़ी: स्कंद पुराण के अनुसार, भौमवती अमावस्या पर 'भूमिपुत्र' मंगल की उग्रता को केवल मंगल ग्रह के स्वामी हनुमान ही शांत कर सकते हैं। हनुमान गढ़ी वह जाग्रत स्थान है जहाँ साक्षात बजरंगबली विराजमान हैं। यहाँ का चढ़ावा आपके जीवन से गृह-क्लेश, भय और शत्रुओं की बाधाएं शांत करता है।
🌊 गंगा घाट: पद्म पुराण कहता है कि गंगा तट पर ब्राह्मण सेवा स्वयं महादेव की सेवा के समान है। ब्राह्मणों के मुख से निकले आशीर्वाद आपका दुर्भाग्य बदल देते हैं। गंगा किनारे हुई यह ब्राह्मण सेवा आपके अनंत जन्मों के पापों का विसर्जन कर देती है।
ऐसा अनूठा अवसर न गवाएं! आज ही अपना नाम से चढ़ावा एवं सेवा बुक करें।
इस सेवा में आप जो भी बुक करते हैं, वह केवल आपकी सेवा नहीं होती - आपकी भागीदारी हमें इस पुण्य कार्य को और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करती है। यह योगदान किसी एक की नहीं, बल्कि एक सामूहिक सेवा का हिस्सा है।






श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
महासेवा एक अत्यंत पुण्यदायी और फलदायी सेवा है, जिसका उल्लेख वेद-पुराणों में बार-बार हुआ है। जब किसी व्यक्ति द्वारा भोजन, वस्त्र एवं अन्न जैसे उच्चतम कार्य श्रद्धा और निष्काम भाव से किए जाते हैं, तो उसे महादान कहा जाता है। यह सेवा न केवल दाता के पापों का क्षय करता है, बल्कि पितृ, देवता और ऋषियों को संतुष्ट कर जन्म-जन्मांतर के कर्मबंधन से मुक्ति दिलाता है!
चढ़ावा बुकिंग के बाद आपको व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप में "चढ़ावा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपने चढ़ावे की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे चढ़ावा चढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।आप एक से अधिक चढ़ावे चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपके चढ़ावे में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119, 📞 08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं, जो आपकी सहायता के लिए तत्पर है।
"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
"हम स्वयं को चैरिटेबल ट्रस्ट, धार्मिक न्यास या गैर-लाभकारी संस्था के रूप में प्रस्तुत नहीं करते हैं, जब तक कि ऐसा स्पष्ट रूप से उल्लेखित न हो और वह संस्था प्रासंगिक कानूनों के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत न हो। आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80G के अंतर्गत कर छूट केवल तभी लागू होती है, जब दान प्राप्त करने वाली NGO के पास वैध 80G प्रमाणपत्र हो और उसने उसी के अनुरूप रसीद जारी की हो। हम किसी भी कर लाभ की गारंटी नहीं देते, जब तक कि उसे स्पष्ट रूप से उल्लेखित न किया गया हो। हमारे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके, आप यह स्वीकार करते हैं कि आपका दान स्वैच्छिक है और आप स्वयं अपने दान से जुड़े कानूनी, कर एवं वित्तीय प्रभावों की पुष्टि करने के लिए पूर्णतः जिम्मेदार हैं।"