ॐ✨श्री विद्या परम्परा में स्पष्ट है - माँ बगलामुखी की शक्ति ‘त्रिकोण’ (Triangle) में सबसे प्रबल होती है। तीन सिद्ध पितामबरा पीठों पर एक साथ चढ़ावा अर्पित करने से ही ‘सम्पूर्ण त्रिकोण रक्षा कवच’ निर्मित होता है। एक या दो पीठ पर चढ़ावा अधूरा त्रिकोण है - और अधूरा त्रिकोण अधूरी रक्षा देता है।
तीन पीठ - तीन कृपाएँ - एक अखंड कवच:
1. पितामबरा पीठ, दतिया (सत्ता का पीठ): भारत का सबसे प्रमुख और प्राचीन बगलामुखी शक्तिपीठ। यहाँ का चढ़ावा सीधा ‘राज-सत्ता’ से जुड़ा है। राजनीतिक सफलता, उच्च-स्तरीय प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति, सम्पत्ति पर अधिकार और किसी भी क्षेत्र में अखंड प्रभुत्व - दतिया पीठ का चढ़ावा यही शक्ति प्रदान करता है। सदियों से राजा-महाराजा और बड़े नेता इसी पीठ पर आराधना करते आए हैं।
2. माँ बगलामुखी मंदिर, उज्जैन (उग्र शक्ति का केंद्र): महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन में स्थित यह पीठ माँ बगलामुखी का तांत्रिक उग्र रूप है। यहाँ का चढ़ावा शत्रुओं के सम्पूर्ण ‘स्तम्भन’ के लिए विशेष है - शत्रुओं की वाणी बंद, बुद्धि स्तम्भित और षड्यंत्र विफल। कोर्ट-कचहरी में विजय, काले जादू का नाश और व्यापारिक प्रतिस्पर्धा में दुश्मनों को पराजित करने के लिए उज्जैन पीठ का चढ़ावा अद्वितीय है।
3. माँ बगलामुखी मंदिर, हरिद्वार (शांति एवं रक्षा का केंद्र): गंगा नदी के पवित्र तट पर स्थित यह पीठ शांति और पारिवारिक रक्षा का केंद्र है। घर-परिवार में शांति, धन में आ रही रुकावटों को दूर करना, नज़र दोष निवारण और परिवार के हर सदस्य की रक्षा - हरिद्वार पीठ का चढ़ावा यही कृपा प्रदान करता है।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे तीनों सिद्ध पीठों पर त्रिकोण चढ़ावा:
बगलामुखी जयंती के दिन एक साथ दतिया (मध्य प्रदेश), उज्जैन (मध्य प्रदेश) और हरिद्वार (उत्तराखंड) जाना किसी भी सामान्य व्यक्ति के लिए असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे तीनों सिद्ध पीठों पर अपने नाम संकल्प से एक साथ त्रिकोण चढ़ावा अर्पित करवा सकते हैं। तीनों मंदिरों के प्रमाणित वैदिक पुरोहित आपकी ओर से सम्पूर्ण विधि-विधान से चढ़ावा अर्पित करेंगे और तीनों पीठों से वीडियो प्रमाण आपको भेजा जाएगा।
🙏 बगलामुखी जयंती वर्ष में केवल एक बार आती है। अधूरा त्रिकोण अधूरी रक्षा देता है - इस बार तीनों पीठों पर एक साथ चढ़ावा अर्पित करें और सत्ता, शक्ति एवं शांति का सम्पूर्ण रक्षा कवच प्राप्त करें!