✨ इस दशक में केवल एक बार - जब गुरुवार, निर्जला एकादशी और 26 एकादशी वर्ष एक साथ आते हैं! गुरुवार का दिन - और सबसे कठिन, सबसे पवित्र, सबसे शक्तिशाली एकादशी। 25 जून 2026 को निर्जला एकादशी (वर्ष की सबसे सिद्ध एकादशी) + गुरुवार (भगवान विष्णु का स्वयं का वार) + वर्ष 2026 (जिसमें सामान्य 24 की बजाय 26 एकादशियाँ हैं)। और इसी दिन, 5 महा अवतार मंदिरों पर एक साथ आपके नाम-संकल्प से चढ़ावा करें।
🤔 7 जन्मों के पाप - यह दावा क्यों? ब्रह्म वैवर्त पुराण और विष्णु पुराण दोनों में उल्लेख है कि निर्जला एकादशी पर भगवान विष्णु की विधिपूर्वक उपासना और चढ़ावा अर्पण से देवता के दूत उस भक्त को यमराज के दरबार में नहीं ले जाते - बल्कि विष्णुदूत सीधे वैकुण्ठ का मार्ग दिखाते हैं। यह तिथि न केवल इस जन्म के, अपितु 7 पूर्व जन्मों के संचित कर्म-दोषों का नाश करने में सक्षम मानी गई है। जो व्यक्ति जीवनभर एक भी एकादशी नहीं कर पाया - वह भी इस एक निर्जला एकादशी के सच्चे भाव से 26 एकादशियों का सम्पूर्ण पुण्य प्राप्त कर सकता है।
🛕 5 अवतार मंदिर क्यों? - पंच-अवतार कवच का रहस्य:
भगवान विष्णु के प्रत्येक अवतार ने एक विशेष असुर-शक्ति का नाश किया। वामन ने अहंकार का, नृसिंह ने भय और अत्याचार का, राम ने अधर्म का, कृष्ण ने मोह और अज्ञान का, वेंकटेश्वर कलियुग के पापों को हर रोज हरते हैं। जब पाँचों अवतार-क्षेत्रों पर एक ही दिन, एक ही मुहूर्त में आपके नाम से संकल्प लिया जाता है - तो एक 'पंच-अवतार कवच' निर्मित होता है। जीवन की कोई भी समस्या - चाहे पितृ-दोष हो, शत्रु-बाधा हो, कोर्ट-कचहरी हो, व्यापार में हानि हो, संतान-पीड़ा हो - इस कवच के रहते कोई भी संकट असाध्य नहीं रहता।







श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
हवन आहुति दान एक अत्यंत पुण्यदायक कर्म है, जिसमें अग्नि के माध्यम से देवी-देवताओं को विशेष अर्पण अर्पित किया जाता है। इसमें शुद्ध घी, जौ, तिल, लकड़ी, हवन सामग्री आदि को मंत्रों के साथ अग्नि में समर्पित किया जाता है। यह आहुति न केवल वातावरण को पवित्र करती है, बल्कि साधक के पापों का क्षय, मानसिक शुद्धि और ग्रह दोषों से मुक्ति का मार्ग भी प्रशस्त करती है!
आराधना सेवा वह भक्ति प्रक्रिया है, जिसमें श्रद्धालु किसी विशेष देवता की नियमित आराधना, मंत्र जाप, स्तोत्र पाठ, अर्पण या अभिषेक आदि के माध्यम से गहन श्रद्धा और नियमपूर्वक आराधना करता है। यह सेवा न केवल आत्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि साधक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मनोकामना सिद्धि और ईश्वरीय कृपा का मार्ग भी खोलती है। आराधना सेवा से भक्त और भगवान के बीच एक दिव्य संबंध स्थापित होता है, जो जीवन के हर संकट में सहारा और मार्गदर्शन देता है।
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"हम एक लाभकारी (For-Profit) तकनीकी कंपनी हैं, जो मंदिरों एवं/या पंजीकृत चैरिटेबल संस्थाओं (जैसे NGOs, सेक्शन 8 कंपनियाँ एवं ट्रस्ट्स) के लिए स्वैच्छिक दान के संग्रह और वितरण की प्रक्रिया को सुगम बनाती है। हम अपनी सेवाओं के लिए एक मामूली सेवा/प्रोसेसिंग शुल्क (यदि लागू हो) लेते हैं, और सभी लेन-देन पूर्णतः सुरक्षित एवं पारदर्शी होते हैं। हमारी भूमिका केवल दानकर्ताओं और दान प्राप्त करने वाली संस्थाओं के बीच सुरक्षित एवं पारदर्शी लेन-देन को सक्षम बनाने तक सीमित है। हम FCRA (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) के अंतर्गत अनुमति के बिना किसी भी विदेशी अंशदान को न तो आमंत्रित करते हैं और न ही स्वीकार करते हैं।"
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