विश्व दयालुता दिवस विशेष: ज़रूरतमंद और पशु कल्याण सेवा
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विश्व दयालुता दिवस विशेष: ज़रूरतमंद और पशु कल्याण सेवा
विश्व दयालुता दिवस विशेष: ज़रूरतमंद और पशु कल्याण सेवा

विश्व दयालुता दिवस विशेष: ज़रूरतमंद और पशु कल्याण सेवा

हम में से अधिकांश लोग दया का भाव तो महसूस करते हैं, लेकिन उसे कर्म में बदल नहीं पाते। हम किसी को कठिनाई में देखते हैं, मन में कुछ करुणा जागती है और फिर वह पल बीत जाता है। विश्व दयालुता दिवस हमें बस यही याद दिलाता है कि उस पल को यूँ ही न जाने दें। अपने मन में उठने वाली करुणा को किसी की सहायता करने का माध्यम बनाएँ। आज चार पवित्र नगरों में होने वाली यह सेवा इसी भावना को साकार करती है। वृंदावन में एक विधवा माता को भोजन और नए वस्त्र मिलेंगे। काशी में किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराया जाएगा। हरिद्वार में एक परिवार को राशन किट मिलेगी। मथुरा में गौ माता को चारा खिलाकर उनकी देखभाल की जाएगी।

विश्व दयालुता दिवस और सनातन धर्म की 5,000 वर्ष पुरानी शिक्षा
विश्व दयालुता दिवस की शुरुआत वर्ष 1998 में हुई, लेकिन सनातन धर्म 5,000 वर्षों से भी अधिक समय से इस सत्य की शिक्षा देता आया है। भगवद्गीता में दया और सेवा को ‘दैवी संपदा’ अर्थात ईश्वर के निकट ले जाने वाले दिव्य गुणों में शामिल किया गया है। अध्याय 12 में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं—“मैत्रः करुण एव च”, अर्थात जो सभी प्राणियों के प्रति मैत्री और करुणा का भाव रखता है, वही भक्त उन्हें सबसे प्रिय है। चार नगरों में होने वाली यह सेवा मनुष्यों के साथ-साथ पशुओं तक भी करुणा पहुँचाती है, और यही इस दिव्य शिक्षा का सार है।

आपकी करुणा कहाँ-कहाँ पहुँचेगी?
वृंदावन में विधवा कल्याण सेवा के अंतर्गत भोजन और नए वस्त्र उन माताओं तक पहुँचेंगे, जो श्रीकृष्ण की पावन भूमि में रहती हैं, लेकिन अक्सर समाज की नज़रों से ओझल रह जाती हैं। काशी में अन्न भोजन सेवा के माध्यम से भगवान शिव की अविनाशी नगरी में ज़रूरतमंदों को भोजन कराया जाएगा, जहाँ अन्न को सदैव दिव्य माना गया है। हरिद्वार में राशन किट सेवा के माध्यम से देवताओं की पावन नगरी के प्रवेश द्वार पर रहने वाले परिवारों को कुछ दिनों तक भोजन बनाने के लिए आवश्यक राशन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, मथुरा में संपूर्ण गौ सेवा के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि पर गौ माता को भोजन और आवश्यक देखभाल प्रदान की जाएगी।

श्री मंदिर के माध्यम से विश्व दयालुता दिवस की संपूर्ण सेवा आपके नाम से वृंदावन, काशी, हरिद्वार और मथुरा में संपन्न की जाएगी। 24–48 घंटों के भीतर आपको सेवा का वीडियो प्राप्त होगा।
यह बुकिंग सामूहिक सेवा का एक पावन प्रयास है, जिसे इसमें भाग लेने वाले सभी लोगों की सहभागिता सार्थक बनाती है। यह एक उच्च उद्देश्य के लिए किया गया साझा योगदान है। इस सामूहिक सेवा के माध्यम से हम इस पवित्र पहल को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचने में सक्षम होते हैं।
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