🔱साल में सिर्फ़ एक बार सावन माह एवं कालाष्टमी दोनों साथ! काशी में महामृत्युंजय एवं काल भैरव के प्रिय द्रव्यों से अष्ट-दिक् कवच अभिषेक करें!
🚩एक छोर पर महामृत्युंजय महादेव - स्वयंभू शिवलिंग। जो यम को भी हरा दें और दूसरे छोर पर काल भैरव, काशी के कोतवाल। जिनकी अनुमति के बिना यमराज भी इस नगर में नहीं आ सकते और सावन कालाष्टमी वर्ष में एक बार का दिन है जब दोनों एक साथ सर्वाधिक जागृत हैं।
🛡️क्या है अष्ट दिक् सुरक्षा कवच?
🕉️महामृत्युंजय को अर्पण करने से जीवन की रक्षा होती है। पर जो कर्म-ऋण पहले से निश्चित है, वह नहीं टलता। केवल काल भैरव की आराधना से ही कर्म-दंड से मुक्ति हो सकती है, पर जीवन की सुरक्षा की कोई चौकीदारी नहीं। दोनों एकसाथ एक भीतर से सुरक्षित करता है, दूसरा बाहर का द्वारपाल। जो भीतर है उसे कोई काल नहीं छू सकता। जो द्वार पर है उसे कोई शत्रु नहीं खोल सकता। यही अष्ट-दिक् कवच है आठों दिशाओं से सम्पूर्ण सुरक्षा।
🔥दो शिव दो भूमिकाएँ - एक सम्पूर्ण कवच:
🛕महामृत्युंजय = जीवन की रक्षा। शिव की वह शक्ति जो जीवन का पोषण करती है। "पुष्टिवर्धनम्" जो आपको बढ़ाते हैं। "सुगन्धिं" जो शुभता से भरते हैं। त्र्यंबकम् = तीन नेत्र = भूत, वर्तमान, भविष्य तीनों काल के द्रष्टा। जो तीनों काल देखते हैं उन्हें कोई अनजान संकट नहीं आ सकता।
🛕काल भैरव = काल के नियंत्रक। काशी खंड की घोषणा काशी की रक्षा के लिए 8 भैरव 8 दिशाओं में स्थापित हैं: और इन आठों के महानायक = काल भैरव। जब काल भैरव प्रसन्न होते हैं आठों दिशाओं के भैरव सेनापति एक साथ आपकी रक्षा में सक्रिय होते हैं।
🌸श्री मंदिर ऐप से घर बैठे काशी के दोनों मंदिरों पर एकसाथ अभिषेक:
एक ही शाम में महामृत्युंजय और काल भैरव दोनों तीर्थों पर जाकर अपने नाम से अलग अलग द्रव्यों से अभिषेक करवाना असंभव हैं वो भी व्यक्तिगत नाम से। लेकिन श्री मंदिर यह मौक़ा आपको घर बैठे देता है। आपके नाम से दोनों मंदिरों के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से प्रिय द्रव्य अष्ट-दिक् कवच अभिषेक सम्पन्न करेंगे। जिसका वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपको प्राप्त होगा।
✨सावन की कालाष्टमी वर्ष में एक बार आती है, जब ये दोनों शक्तियाँ एक साथ जागृत होती हैं। यह क्षण फिर नहीं आएगा - अभी बुक करें।