✨आषाढ़ गुप्त नवरात्रि वह 9 रातें जब माँ आदिशक्ति की दैवी चेतना अपने उच्चतम स्तर पर होती है- उस नवरात्रि महापर्व पर 9 दिनों तक माँ को 9 अलग अलग महाभोग लगाएं।
🤔9 दिन: 9 भोग - नवरात्रि की सबसे बड़ी सेवा कैसे?
शास्त्रों में कहा गया है "भोग ददाति सा देवी, भोगं ददाति भक्तिभाक्" जो माँ को भोग देता है, माँ उसे समस्त भोग (सुख-समृद्धि) देती हैं। भोग चढ़ाना केवल एक अनुष्ठान नहीं - यह माँ के साथ पुत्र-वत्सल संवाद है। जब हम घी अर्पित करते हैं, हम माँ से आरोग्य माँगते हैं। जब शहद चढ़ाते हैं, हम माँ से जीवन की मिठास माँगते हैं। हर भोग एक विशेष आशीर्वाद का द्वार है और नवरात्रि के 9 दिन इन 9 द्वारों को एकसाथ खोलने का अवसर है।
🌧️आषाढ़ गुप्त नवरात्रि में भोग सेवा - क्यों है यह सर्वोत्तम काल?
वर्ष की चार नवरात्रियों में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि वह काल है जब दैवी चेतना अपने चरमोत्कर्ष पर होती है। ऋषि विश्वामित्र और वशिष्ठ ने इन्हीं 9 गुप्त रातों में शक्ति-साधना से सिद्धियाँ प्राप्त कीं। यह नवरात्रि प्रकृति का पुनर्जन्म का काल हैऔर इस काल में माँ को भोग अर्पित करना, उनकी सृष्टि की ऊर्जा के साथ स्वयं को जोड़ना है। ज्योतिषीय दृष्टि से पुनर्वसु, पुष्य और आश्लेषा नक्षत्रों का यह त्रि-संयोग भोग-सेवा को असाधारण रूप से फलदायी बनाता है।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे - दुर्गा पीठ पर 9 दिन भोग सेवा:
9 दिन काशी में स्वयं उपस्थित रहकर प्रतिदिन माँ को विशेष भोग अर्पित करना हर भक्त के लिए सम्भव नहीं। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम और गोत्र से श्री दुर्गा कुंड मंदिर, काशी में 9 दिन भोग सेवा का संकल्प करवा सकते हैं। मंदिर के प्रमाणित वैदिक पुरोहित घटस्थापना से नवमी तक प्रतिदिन माँ के उस दिन के स्वरूप को उनका प्रिय भोग अर्पित करेंगे। प्रत्येक दिन की भोग सेवा का वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में आपके फोन पर पहुँचेगा।
🙏 9 भोग - 9 वरदान। काशी के स्वयंभू दुर्गा पीठ पर आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की दैवी ऊर्जा में यह सेवा-संकल्प आपके जीवन को आरोग्य, समृद्धि, मनोकामना पूर्ति और आत्मिक शांति से भर देगा। अभी संकल्प करें।