12 साल बाद बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस खास दिन पर कई लोग पूजा-पाठ करेंगे और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। लेकिन काशी में ऐसे भी लोग होंगे, जिनके लिए उस दिन सबसे बड़ी बात बस इतनी होगी कि उन्हें भरपेट भोजन मिल जाए। पीले भोजन की यह सेवा उन्हीं लोगों के लिए है। आपके नाम से कराया गया भोजन किसी की भूख मिटा सकता है और उसके दिन को थोड़ा बेहतर बना सकता है। मान्यता है कि दूसरों की मदद करना भी गुरु की कृपा पाने का एक सुंदर तरीका है।
गुरु गोचर पर पीले भोजन की सेवा क्यों करें?
31 अक्टूबर को बृहस्पति सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इससे पहले वे 2014–2015 में इस राशि में आए थे। ज्योतिष में गुरु गोचर को ज्ञान, उन्नति और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। बृहस्पतिवार व्रत कथा में देवगुरु बृहस्पति की कृपा पाने के लिए ब्राह्मणों और ज़रूरतमंदों को भोजन कराने का महत्व बताया गया है। पीला रंग भी गुरु से जुड़ा माना जाता है। इसलिए इस दिन पीले भोजन की सेवा कराना शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि सच्चे मन से की गई सेवा जीवन में गुरु की कृपा और सकारात्मकता लाती है।
काशी में ही यह सेवा क्यों करें?
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति ने काशी में तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वाचस्पति और देवगुरु की उपाधियाँ दी थीं। वाचस्पति यानी वाणी के ज्ञाता और देवगुरु यानी देवताओं के गुरु। ऐसी पावन नगरी में गुरु गोचर के दिन भोजन सेवा कराना अपने आप में विशेष महत्व रखता है। इस दिन काशी में ज़रूरतमंदों को भोजन कराकर आप उनकी मदद कर सकते हैं और देवगुरु बृहस्पति की कृपा की कामना कर सकते हैं।
श्री मंदिर के माध्यम से 31 अक्टूबर 2026 को काशी में आपके नाम से पीले भोजन की सेवा कराई जाएगी। सेवा का वीडियो 24–48 घंटे के भीतर WhatsApp पर साझा किया जाएगा।
यह सेवा सभी श्रद्धालुओं के सहयोग से पूरी की जाती है। हर व्यक्ति का योगदान इस पहल को आगे बढ़ाने और ज़्यादा से ज़्यादा ज़रूरतमंदों तक भोजन पहुँचाने में मदद करता है।