सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण
सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण
सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण
सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण
सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण
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सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण

सावन ग्रहण पूर्णिमा पितृ तृप्ति 6 तीर्थ पितृ तर्पण

🔱सावन पूर्णिमा एवं वर्ष का अंतिम चन्द्र ग्रहण - पितृ ऋण चुकाने, पितृ दोष शांति एवं पितरों को तृप्ति देने के लिए सर्वोच्च महायोग - 6 तीर्थों पर अपने पितरों के नाम से तर्पण करें!
📜हमारे शास्त्रों में पितरों को 'अदृश्य सहायक' कहा गया है - वे सूक्ष्म रूप में सदा अपने वंशजों के जीवन से जुड़े रहते हैं। जब उन्हें उचित तर्पण-श्राद्ध न मिले, तो उनकी आत्मा अतृप्त रहती है और उस अतृप्ति की छाया उनके वंशजों के जीवन में पितृ दोष, विवाह-बाधा, संतान-बाधा, आर्थिक हानि और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली समस्याओं के रूप में प्रकट होती है। यह छाया न दवाओं से जाती है, न धन-संपत्ति से यह केवल सिद्ध तीर्थों में, उचित मुहूर्त में, विधिपूर्वक किए गए पितृ तर्पण से ही मिटती है।
🌕 चंद्रग्रहण और पितृ तर्पण - शास्त्रों का प्रमाण:
हमारे शास्त्रों में चंद्रमा और पितरों का संबंध अत्यंत गहरा है। सांस्कारम् ग्रंथ स्पष्ट कहता है: "पितृलोक चंद्रमा के अदृश्य पक्ष में स्थित है - इसे सोमलोक भी कहते हैं।" पितर इसी सोमलोक में निवास करते हैं, इसीलिए चंद्रग्रहण के समय यह दिव्य लोक मृत्युलोक के सर्वाधिक निकट आ जाता है और यह पितृ तर्पण का सर्वोच्च काल कहलाता है।
यहीं 6 मोक्ष तीर्थ क्यों है सबसे श्रेष्ठ?
हमारे शास्त्रों में पितृ-तर्पण के लिए छः महातीर्थों का विशेष उल्लेख है - ये वे दिव्य स्थान हैं जहाँ पितरों को सीधे सद्गति और मोक्ष प्राप्ति होती है। 🛕फल्गु नदी, गया - गरुड़ पुराण: "फल्गु तट पर किए तर्पण से 7 पीढ़ियों के पूर्वजों को मोक्ष प्राप्त होता है।"
🛕नरेन्द्र पुष्करिणी, पुरी - यह एकमात्र ऐसा तीर्थ है जहाँ पितर स्वयं विष्णु के समक्ष तर्पण ग्रहण करते हैं।
🛕गंगा घाट, हरिद्वार - यहाँ तर्पण करने से ज्ञात अज्ञात सभी पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है और सम्पूर्ण पाप नाश।
🛕त्रिवेणी संगम, प्रयागराज - मत्स्य पुराण: "यहाँ तर्पण से अनेक जन्मों के पाप नष्ट होते हैं - पितरों को सद्गति।
🛕अस्सी घाट काशी - एकमात्र ऐसा तीर्थ है जहाँ शिव-कृपा से पितरों की मुक्ति प्रत्यक्ष और तत्काल होती है।
🛕शिप्रा घाट, उज्जैन - स्कन्द पुराण: उज्जैन में तर्पण करने वाले के पितर आदित्यलोक को प्राप्त होते हैं।
🛕 श्री मंदिर ऐप से घर बैठे 6 महातीर्थों पर पितृ तर्पण:
एक ही दिन सावन ग्रहण पूर्णिमा पर प्रयागराज, काशी, उज्जैन, हरिद्वार, पुरी और गया - इन 6 पवित्र तीर्थों में भौतिक रूप से जाकर तर्पण करवाना किसी भी व्यक्ति के लिए असंभव है। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने पितरों के नाम से इन 6 महातीर्थों पर पितृ तृप्ति तर्पण करवा सकते हैं। प्रत्येक तीर्थ के प्रमाणित वैदिक पुरोहित सम्पूर्ण विधि-विधान से यह पितृ कर्म सम्पन्न करेंगे। वीडियो प्रमाण 24-48 घंटों में प्राप्त होगा।
🙏 सावन ग्रहण पूर्णिमा पर 6 पवित्र तीर्थों पर पितृ तृप्ति तर्पण में सहभागी बनें - अपने पितरों को तृप्त करें, पितृ-ऋण और मातृ-ऋण से मुक्ति पाएं, और अपने वंश का कल्याण करें।
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