🪔✨धन समृद्धि की सबसे बड़ी महातिथि धनतेरस महा मुहूर्त पर 2000 वर्ष प्राचीन गजलक्ष्मी मंदिर में व्यापारिक समृद्धि की नींव बही-खाता को माँ के चरणों में चढ़ाएं! अभिमंत्रित बही-खाता घर मँगवायें!
व्यापार का पहला पन्ना वह पन्ना जिस पर स्वस्तिक बनता है, जिस पर 'शुभ-लाभ' लिखा जाता है, जिसके ऊपर 'श्री गणेशाय नमः' लिखकर माँ को आमंत्रित किया जाता है यह केवल एक लेखांकन पृष्ठ नहीं है। यह एक द्वार है। एक निमंत्रण है। माँ लक्ष्मी को आपके व्यापार में प्रवेश का निमंत्रण।
पीढ़ियों से व्यापारी जानते हैं धनतेरस पर नया बही-खाता खोलना केवल एक परंपरा नहीं, यह व्यापारिक वर्ष का शुभारम्भ है। लेकिन जब यह बही-खाता आप घर पर पूजते हैं और जब इसे माँ के गर्भगृह में अर्पित किया जाता है इन दोनों में वही अंतर है जो एक साधारण घर और एक राजमहल में होता है। दोनों में माँ का नाम लिया जाता है। लेकिन राजमहल में माँ स्वयं विराजती हैं।
📖अभिमंत्रित बही-खाते में क्या होता है और क्यों यह साधारण बही-खाते से भिन्न है:
जब माँ के गर्भगृह में पुरोहित जी आपके नाम का संकल्प लेकर बही-खाते को अर्पित करते हैं बही-खाते का प्रथम पृष्ठ, जहाँ 'शुभ-लाभ' और स्वस्तिक लिखे जाते हैं वह पृष्ठ माँ गजलक्ष्मी के सान्निध्य में जाग्रत हो जाता है। ऋग्वेद के श्री सूक्त की सोलह ऋचाएँ जब उस खाते पर पढ़ी जाती हैं माँ का वास उस खाते में स्थायी हो जाता है। वर्षभर जब आप उस खाते में लिखते हैं हर बिक्री, हर लाभ, हर नया ग्राहक वह माँ के आशीर्वाद की छाया में लिखा जाता है।
🐘 माँ गजलक्ष्मी 'बिना बुलाए आने वाली समृद्धि' की देवी:
विष्णु पुराण (अध्याय ९) में वर्णित है जब समुद्र मंथन से माँ लक्ष्मी प्रकट हुईं, ब्रह्माण्ड की आठों दिशाओं के दिग्गज हाथी वे जो समस्त सृष्टि की दिशाएँ थामे हुए हैं स्वतः उनके पास आए और सुवर्ण पात्रों से अभिषेक किया, उन्हें आदेश
नहीं दिया गया था - उन्होंने पहचाना कि यही समस्त समृद्धि का उद्गम है और वे झुक गए।यही गजलक्ष्मी का वरदान भी है जिस व्यापार में माँ का वास होता है, उसे धन के पीछे नहीं दौड़ना पड़ता। ग्राहक आते हैं, अवसर आते हैं, संसाधन आते हैं -आठों दिशाओं से, स्वयं।
🛕श्री मंदिर ऐप से घर बैठे बही-खाता चढ़ाएँ, घर मँगवाएँ:
उज्जैन के श्री गजलक्ष्मी मंदिर में स्वयं जाकर धनतेरस के सिद्ध मुहूर्त में बही-खाता चढ़ाना, वहाँ अभिमंत्रित करवाना और वापस लाना यह हर व्यापारी, गृहस्थ और नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए सम्भव नहीं। किन्तु श्री मंदिर ऐप के माध्यम से आप घर बैठे अपने नाम से बही-खाता चढ़ावा संकल्प करवा सकते हैं और सीधा उज्जैन से अभिमंत्रित बही-खाता अपने घर भी मँगवा सकते हैं।
🙏गजलक्ष्मी के 2000 वर्ष प्राचीन गर्भगृह से अभिमंत्रित बही-खाता अपने घर मँगवायें और आने वाला पूरा वर्ष माँ के आशीर्वाद में लिखें।