शास्त्र गवाह हैं, ज्येष्ठ की इस भीषण तपन में व्रती ब्राह्मणों का पारण करवाना ही सबसे बड़ी मुक्ति है! इस निर्जला एकादशी, तपस्वी ब्राह्मणों का निर्जल व्रत खुलवाएं और साल भर की 24 एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त करें।
सनातन धर्म में निर्जला एकादशी को 'एकादशियों की महारानी' कहा गया है। यह वह कठोर व्रत है, जिसमें भीषण गर्मी के बीच 24 घंटे जल की एक बूंद भी ग्रहण नहीं की जाती। किन्तु शास्त्रों के अनुसार, यह कठिन साधना तब तक पूर्ण और फलदायी नहीं होती, जब तक अगले दिन द्वादशी के सूर्योदय के पश्चात ब्राह्मणों का 'पारण' न करवाया जाए।
🔱 विष्णु का संकल्प: जब ब्राह्मण प्रसन्न, तो श्री हरि प्रसन्न
पद्म पुराण में महर्षि वेद व्यास ने स्वयं भीमसेन को बताया है कि इस व्रत की पूर्णता तभी है, जब दान-दक्षिणा और सात्विक भोजन से उन तपस्वियों को संतुष्ट किया जाए, जिन्होंने केवल नारायण के लिए प्यास और अन्न का त्याग किया।
काशी, हरिद्वार और गया - इन तीन महातीर्थों पर होने वाली यह सेवा मात्र सेवा नहीं, बल्कि मोक्ष का मार्ग है क्योंकि जब एकादशी के तप से पवित्र हुए ब्राह्मण प्रसन्न होते हैं, तो साक्षात् भगवान विष्णु साधक के समस्त पापों को क्षमा कर उसे वैकुंठ का वास देते हैं।
✨ 3 महा-धाम: जहाँ आपका संकल्प बनेगा अक्षय पुण्य
गया (बिहार): पितृमुक्ति की सबसे पावन भूमि। यहाँ ब्राह्मण पारण करवाने से न केवल स्वयं को, बल्कि आपके पितरों को भी कर्म बंधनों से शाश्वत मुक्ति प्राप्त होती है।
हरिद्वार (उत्तराखंड): गंगा तट पर ज्येष्ठ मास की तपन में निर्जला एकादशी के व्रती प्यासे साधकों को पारण कराना कुंभ स्नान के तुल्य वैभव देता है।
काशी (उत्तर प्रदेश): अविमुक्त क्षेत्र! अस्सी घाट के तट पर ब्राह्मणों का पारण करवाना सात जन्मों के दरिद्र योग को समाप्त करने वाली 'महासेवा' मानी जाती है।
🌸 अद्वितीय आध्यात्मिक संयोग: इस ज्येष्ठ की चिलचिलाती गर्मी में, जो लोग इन 24 घंटे बिना जल के साधना करने वाले ब्राह्मणों का व्रत मधुर शरबत, फलाहार और सात्विक भोजन से पूर्ण करवाएंगे, उन्हें उन तपस्वियों की पूरी रात की साधना का फल स्वतः ही प्राप्त होगा।
⚠️ इस सेवा में आप जो भी योगदान देते हैं, वह केवल एक व्यक्तिगत सेवा नहीं है - आपकी भागीदारी हमें इस धर्म-कार्य को और भी विशाल बनाने में शक्ति प्रदान करती है। यह योगदान एक महान सामूहिक सेवा का आधार है जो हमें आपकी सेवा को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद करती है।
⏳ वर्ष में केवल एक बार! एकदशी की शक्ति, तीन धामों का तेज और ब्राह्मणों की तृप्ति - इस महा-संयोग को न चूकें। अभी निर्जला एकादशी पारण सेवा का हिस्सा बनें और अपनी पीढ़ियों के लिए अक्षय पुण्य संचित करें।







श्री मंदिर चढ़ावा सेवा ऐप के जरिए, आपका चढ़ावा अनुभवी पुरोहितों द्वारा श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया जाएगा, जिसका वीडियो 24-48 घंटों में प्राप्त होगा, जिससे आपको दिव्य आशीर्वाद और समृद्धि मिलेगी।
हाँ, चढ़ावा बुक करने के बाद आपको प्रमाणपत्र तुरंत उपलब्ध कराया जाएगा। आप अपनी बुकिंग के प्रमाणपत्र को 'चढ़ावा सेवा' पेज पर 'आपकी बुकिंग्स' में देख सकते हैं।
चढ़ावा बुकिंग के बाद आपको व्हाट्सऐप के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, आप श्री मंदिर ऐप में "चढ़ावा बुकिंग" सेक्शन में जाकर अपने चढ़ावे की पूरी जानकारी देख सकते हैं।
श्री मंदिर एक ऐसा एप्लिकेशन है जो भारत के 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में घर बैठे चढ़ावा चढ़ाने का अवसर प्रदान करता है।आप एक से अधिक चढ़ावे चुन सकते हैं और इन्हें एक ही ऑर्डर में शामिल कर सकते हैं।
यदि आपके चढ़ावे में कोई भी समस्या हो, तो आप हमारी श्री मंदिर ग्राहक सेवा टीम से 💬7829661119, 📞 08071174417 पर संपर्क कर सकते हैं, जो आपकी सहायता के लिए तत्पर है।