
हनुमान यंत्र के महत्व और इसे स्थापित करने की पूजा विधि पर पूरी जानकारी।
श्री हनुमान यंत्र उन लोगों के लिए काफी फलदायी है, जो अपना नया काम शुरू करने वाले हैं। इस यंत्र को स्थापित करने से भगवान हनुमान की कृपा बरसती है और रास्ते में आने वाली सारी बाधाएं दूर होने लगती हैं। आइए इस लेख में हम श्री हनुमान यंत्र के फायदों और उसे स्थापित करने के तरीकों के बारे में जानते हैं।
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सब सुख लहै तुम्हारी सरना।। तुम रक्षक काहू को डरना।।हनुमान चालीसा की यह पंक्ति श्री राम के दुलारे बजरंगबली के पराक्रम को चरितार्थ करती है। ऐसा मानना है कि जीवन में आने वाली कठिन से कठिन समस्या को बजरंगबली दूर कर सकते हैं। यदि जीवन में संकट आ रहे हो, भूत-प्रेत जैसी कोई बाधा या काम बिगड़ रहे हो तो हनुमान यंत्र की उपासना करके ये संकट टल सकते हैं।
इस हनुमान यंत्र में स्वयं राम के दुलारे और वीरों के वीर बजरंगबली हनुमान का वास होता है। श्री राम भक्त हनुमान जी को शक्ति, साहस, भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस यंत्र की दैवीय और चमत्कारिक शक्ति से धन, यश और वैभव हर मनचाही वस्तु की प्राप्ति होती है।
हनुमान यंत्र धार्मिक, ज्योतिषीय और वास्तुशास्त्र के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रभावी है। हनुमान यंत्र का धार्मिक महत्त्व विशेष रूप से भगवान हनुमान के भक्तों के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस यंत्र के पूजन से भक्तों को हनुमान जी के आशीर्वाद की प्राप्ति होती है, जो जीवन में संकटों से मुक्ति, शत्रुओं पर विजय, और मानसिक शांति प्रदान करते हैं। वहीं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हनुमान यंत्र का उपयोग खासतौर पर कुंडली के कई दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र के अनुसार, हनुमान यंत्र घर में रखने के बहुत सारे लाभ हैं। इस यंत्र को घर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस यंत्र के प्रभाव से व्यक्ति को जीवन में सफलता, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
हनुमान यंत्र रोगों से छुटकारा दिलाने में मददगार होता है। यह यंत्र नकारात्मक ऊर्जा को दूर करके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। वहीं, इस यंत्र के माध्यम से व्यवसाय में सफलता मिलती है। हनुमान यंत्र से व्यापार में वृद्धि और समृद्धि आती है। यह यंत्र घर के वातावरण को शुद्ध करता है और हर प्रकार की बुरी नजर और ताकतों से रक्षा करता है। यंत्र का नियमित पूजन और ध्यान संकटों से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है। यह यंत्र आर्थिक स्थिति को सुधारता है और धन के आगमन के अवसरों को बढ़ाता है।
हनुमान यंत्र को मंगलवार के दिन पूर्व दिशा की ओर स्थापित करना चाहिए। यंत्र को स्थापित करने से पूर्व सुबह उठकर शरीर को अच्छे से पवित्र कर लें। इसके बाद एक चौकी के ऊपर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर हनुमान यंत्र को स्थापित करें। अब धूप-दीप या घी का दीया जलाएं और अन्य पूजन सामग्री को चढ़ाएं। इस कार्य के बाद ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट स्वाहा का 11 या 21 बार जाप करें। ध्यान रखें इस यंत्र को खरीदते समय इसकी पूरी तरह से जांच जरूर कर लें। वहीं, किसी जानकार पंडित, ज्योतिषि से इसकी स्थापना विधि, उपयोग और धारण करने के बारे में सही जानकारी लेने के बाद ही इस यंत्र को खरीदें। सही तरीके से की गई पूजा से और नियम से इस यंत्र का प्रभाव सकारात्मक रूप से होगा और जीवन के दोषों आदि को दूर करेगा।
यंत्र को स्थापित करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। यंत्र को स्थापित करते समय उसकी सही दिशा, दिन और मुहर्त का ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा यंत्र को स्थापित करते वक्त पूजन सामग्री, स्वच्छता, मंत्रों का जाप आदि का पूरा ध्यान रखना आवश्यक होता है। पूजन को पूर्ण विधि के साथ पूरे मन से करना चाहिए। इसके अलावा यंत्र की स्थापना के बाद नियमित रूप से यंत्र की पूजा और पूर्णाहुति को भी पूरा करना चाहिए। विधि-विधान से स्थापना और पूजा करने से घर में खुशियों का आगमन होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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