
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
इंदिरा एकादशी के बाद 7 अक्टूबर 2026 का दिन कृष्ण पक्ष द्वादशी के रूप में आगे बढ़ रहा है। व्रत रखने वालों के लिए आज पारण का दिन भी है, जबकि पितृपक्ष का क्रम अभी जारी है। बुधवार के इस दिन मघा नक्षत्र भी प्रभावी रहेगा। उपवास से आगे बढ़ते हुए आज के धार्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण समयों को अब समझते हैं।
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7 अक्टूबर 2026 को कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात 11:17 PM तक रहेगी और बुधवार का दिन है। आज के पंचांग में कौलव करण सुबह 11:55 AM तक रहेगा, जबकि शुभ योग रात 2:53 AM तक प्रभावी रहेगा। दिन में मघा नक्षत्र रात 9:42 PM तक बना रहेगा। शुभ मुहूर्त 11:24 AM से 12:10 PM तक है, लेकिन इसी अवधि के आसपास राहुकाल भी शुरू हो जाता है, इसलिए किसी महत्वपूर्ण कार्य का समय तय करते समय दोनों गणनाओं को साथ देखना उपयोगी रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष द्वादशी (11:17 PM तक) |
वार | बुधवार |
पूर्णिमांत मास | अश्विन |
अमांत मास | भाद्रपद |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | शरद |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:53 |
सूर्यास्त | 17:40 |
चंद्रोदय | 02:28 |
चंद्रास्त | 15:36 |
नक्षत्र | मघा (9:42 PM तक) |
योग | शुभ (2:53 AM तक) |
करण | कौलव (11:55 AM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:24 AM से 12:10 PM |
राहुकाल | 11:47 AM से 1:15 PM |
गुलिक काल | 10:18 AM से 11:47 AM |
यमघण्टकाल | 7:22 AM से 8:50 AM |
दिशाशूल | उत्तर |
सूर्य राशि | कन्या |
चंद्र राशि | सिंह |
चंद्र निवास | पूर्व |
आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात 11:17 PM तक रहेगी। एकादशी के बाद आने वाली द्वादशी तिथि को धार्मिक परंपरा में विशेष महत्व दिया जाता है। आज तिथि का अधिकांश समय दिन के दौरान रहेगा, इसलिए पूजा-पाठ, व्रत से जुड़े कार्यों और दैनिक जिम्मेदारियों की योजना बनाते समय द्वादशी की अवधि को ध्यान में रखा जा सकता है।
आज बुधवार है, जिसे परंपरागत रूप से बुध ग्रह से जोड़ा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को संवाद, सीखने, लेखन, गणना और व्यापार से संबंधित माना जाता है। इसलिए आज बातचीत, दस्तावेजी काम या किसी विषय को व्यवस्थित तरीके से समझने जैसे कार्यों में स्पष्टता बनाए रखना उपयोगी हो सकता है।
आज अमांत पद्धति के अनुसार भाद्रपद मास और पूर्णिमांत पद्धति के अनुसार अश्विन मास रहेगा। दोनों प्रणालियों में मास की गणना अलग तरीके से होने के कारण पंचांग में दोनों नाम एक साथ दिखाई देते हैं। किसी व्रत या धार्मिक तिथि की जानकारी देखते समय इस अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। ये दोनों संवत भारतीय पंचांग की पारंपरिक काल गणना का हिस्सा हैं और तिथि के संदर्भ को समझने में उपयोगी होते हैं।
आज शरद ऋतु का समय है। इस मौसम में दिन की अवधि धीरे-धीरे कम होती जा रही है और सुबह-शाम के समय मौसम में अंतर महसूस किया जा सकता है। बाहर जाने या यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखना उचित रहेगा।
पंचांग के अनुसार दक्षिणायन चल रहा है। अयन सूर्य की वार्षिक गति से संबंधित पारंपरिक गणना है और पंचांग में ऋतु तथा समय के व्यापक संदर्भ को समझने में इसका उल्लेख किया जाता है।
आज सूर्योदय 5:53 AM पर और सूर्यास्त 5:40 PM पर होगा। दिन के उजाले से जुड़े कार्यों, सुबह की दिनचर्या और शाम की गतिविधियों की योजना बनाते समय इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है।
आज चंद्रोदय 2:28 AM पर होगा और चन्द्रास्त 3:36 PM पर रहेगा। चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा और पंचांग के अनुसार चंद्र निवास पूर्व दिशा में माना गया है। चंद्रमा के उदय और अस्त होने के समय से दिन में उसकी दृश्य उपस्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
आज मघा नक्षत्र रात 9:42 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में मघा नक्षत्र को परंपरा, सम्मान, पूर्वजों और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए आज अपने दायित्वों को गंभीरता से पूरा करने और परिवार से जुड़े जरूरी कार्यों पर ध्यान देने की दृष्टि से दिन को देखा जा सकता है।
शुभ योग आज रात 2:53 AM तक रहेगा। यानी दिन शुरू होने से पहले ही यह योग समाप्त हो चुका होगा। इसके बाद दिन में नया योग प्रभावी रहेगा, इसलिए आज के पंचांग को पढ़ते समय योग की समय-सीमा को सही तरीके से समझना जरूरी है।
आज कौलव करण 11:55 AM तक रहेगा। इसके बाद करण में परिवर्तन होगा। खास बात यह है कि कौलव करण के समाप्त होने का समय शुभ मुहूर्त के दौरान आता है, इसलिए किसी कार्य के लिए समय तय करते समय केवल शुभ मुहूर्त देखकर निर्णय लेने के बजाय उस समय चल रहे अन्य पंचांग तत्वों को भी देखना उपयोगी रहेगा।
आज शुभ मुहूर्त 11:24 AM से 12:10 PM तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय चुनते हुए इस अवधि को पंचांग में दिए गए शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।
दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 11:47 AM से 1:15 PM
गुलिक काल: 10:18 AM से 11:47 AM
यमघण्टकाल: 7:22 AM से 8:50 AM
आज शुभ मुहूर्त और राहुकाल की अवधि में कुछ समय का overlap भी है। इसलिए किसी महत्वपूर्ण कार्य का समय तय करते समय केवल शुभ मुहूर्त को देखकर निर्णय लेना पर्याप्त नहीं होगा। पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल में नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है।
आज दिशाशूल उत्तर दिशा में रहेगा। यदि उत्तर दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग की इस गणना को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। यात्रा की वास्तविक परिस्थितियों और स्थानीय जानकारी को प्राथमिकता देना भी जरूरी है।
आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्र निवास पूर्व दिशा में है। सूर्य और चंद्रमा की राशियां दैनिक पंचांग की ज्योतिषीय गणना का हिस्सा हैं और इन्हें तिथि, नक्षत्र तथा अन्य समय गणनाओं के साथ देखा जाता है।
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