आज का पंचांग 5 अक्टूबर 2026
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आज का पंचांग 5 अक्टूबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

पितृपक्ष के दिनों में हर तिथि अपने साथ अलग धार्मिक संदर्भ लेकर आती है और 5 अक्टूबर भी इसी क्रम का हिस्सा है। आज कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि और पुष्य नक्षत्र का संयोग है। आने वाले दिनों में एकादशी और फिर पितृपक्ष के समापन की ओर समय बढ़ेगा। इस बीच आज के दिन की पंचांग गणना को समझना खास रहेगा।

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आज का पंचांग 5 अक्टूबर 2026 | Aaj Ka Panchang 5th October 2026

5 अक्टूबर 2026 को कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रात 2:08 AM तक रहेगी और सोमवार का दिन है। आज पंचांग में सुबह 9:51 AM पर योग बदलेगा, दोपहर 3:01 PM तक वणिज करण प्रभावी रहेगा और पुष्य नक्षत्र रात 11:10 PM तक बना रहेगा। शुभ मुहूर्त 11:24 AM से 12:10 PM तक है, जबकि चंद्रमा दोपहर बाद 2:18 PM पर अस्त होगा। दिन की योजना बनाते समय इन अलग-अलग समय परिवर्तनों को साथ में देखना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष दशमी (2:08 AM तक)
वारसोमवार
पूर्णिमांत मासअश्विन
अमांत मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:52
सूर्यास्त17:42
चंद्रोदय00:20
चंद्रास्त14:18
नक्षत्रपुष्य (11:10 PM तक)
योगशिव (9:51 AM तक)
करणवणिज (3:01 PM तक)
शुभ मुहूर्त11:24 AM से 12:10 PM
राहुकाल7:21 AM से 8:50 AM
गुलिक काल1:16 PM से 2:44 PM
यमघण्टकाल10:18 AM से 11:47 AM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिकर्क
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का प्रभाव

आज कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रात 2:08 AM तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि शुरू होगी। चूंकि दशमी तिथि का अधिकांश प्रभाव दिन शुरू होने से पहले ही समाप्ति की ओर है, इसलिए आज के दैनिक पंचांग को देखते समय दिन में प्रभावी तिथि के साथ अगले तिथि परिवर्तन का समय भी ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

आज सोमवार है और परंपरागत रूप से इसका संबंध चंद्रमा से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में सोमवार को शिव उपासना, ध्यान और शांत मन से दिन की शुरुआत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखने और जरूरी कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सुबह का समय उपयोगी हो सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत पद्धति के अनुसार भाद्रपद मास और पूर्णिमांत पद्धति के अनुसार अश्विन मास चल रहा है। दोनों मास गणना प्रणालियों में अंतर होने के कारण पंचांग में आज दोनों नाम दिखाई देते हैं। धार्मिक तिथियों और व्रत-पर्व से जुड़ी जानकारी पढ़ते समय इस अंतर को समझना जरूरी होता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। ये दोनों पारंपरिक काल गणना की महत्वपूर्ण प्रणालियां हैं, जिनका उल्लेख पंचांग में तिथि और समय की पहचान के लिए किया जाता है।

ऋतु और अयन

आज शरद ऋतु चल रही है। मौसम में बदलाव के इस चरण में सुबह और शाम का वातावरण दिन के मुकाबले अलग महसूस हो सकता है। बाहर जाने, यात्रा करने या लंबे समय तक खुले वातावरण में रहने की योजना हो तो स्थानीय मौसम को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।

अयन की दृष्टि से दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी अवधि को दर्शाता है। धार्मिक परंपरा में दक्षिणायन का उल्लेख विभिन्न पूजा और साधना संबंधी संदर्भों में किया जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:52 AM पर होगा और सूर्यास्त 5:42 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक की गतिविधियों को व्यवस्थित करते समय इन दोनों समयों को आधार बनाया जा सकता है। पूजा-पाठ और दैनिक कामों के लिए सुबह का समय तय करते समय सूर्योदय विशेष रूप से उपयोगी रहेगा।

आज चंद्रोदय 12:20 AM पर होगा और चन्द्रास्त 2:18 PM पर होगा। यानी चंद्रमा दिन के शुरुआती हिस्से से लेकर दोपहर तक आकाश में रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा और चंद्र निवास उत्तर दिशा में माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज पुष्य नक्षत्र रात 11:10 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में पुष्य नक्षत्र को अनुशासन, स्थिरता और धार्मिक गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए पूजा-पाठ या नियमित आध्यात्मिक कार्यों के लिए दिन में अपनी सुविधा के अनुसार समय निर्धारित किया जा सकता है।

शिव योग सुबह 9:51 AM तक रहेगा। इसके बाद योग में परिवर्तन होगा। सुबह के इस परिवर्तन के कारण दिन की शुरुआत और मध्याह्न के बीच पंचांग की स्थिति में बदलाव दिखाई देगा। किसी कार्य का समय तय करते समय केवल शुभ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि योग परिवर्तन को भी साथ में देखा जा सकता है।

आज वणिज करण दोपहर 3:01 PM तक रहेगा। इसके बाद करण बदलेगा। यानी सुबह योग में परिवर्तन के बाद काफी समय तक वणिज करण प्रभावी रहेगा और दोपहर बाद करण में नया बदलाव आएगा।

शुभ और अशुभ समय

आज शुभ मुहूर्त 11:24 AM से 12:10 PM तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य का समय निर्धारित करते समय इस अवधि को पंचांग के अनुसार शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।

दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 7:21 AM से 8:50 AM

  • गुलिक काल: 1:16 PM से 2:44 PM

  • यमघण्टकाल: 10:18 AM से 11:47 AM

पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। आवश्यक काम होने पर उसकी प्रकृति, परिस्थिति और सुविधा के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। यदि आज पूर्व दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग में दी गई इस गणना को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। इसके साथ यात्रा की वास्तविक परिस्थितियों और स्थानीय मौसम की जानकारी भी देखना व्यावहारिक रहेगा।

आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्र निवास उत्तर दिशा में है। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति दैनिक पंचांग की ज्योतिषीय गणना का हिस्सा है और इसे तिथि, नक्षत्र तथा योग के साथ देखा जाता है।

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Published by Sri Mandir·October 2, 2026

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