आज का पंचांग 26 जुलाई 2026
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

आज का पंचांग 26 जुलाई 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

नई तारीख के साथ ग्रहों और नक्षत्रों का नया समीकरण भी बनता है। 26 जुलाई 2026 का पंचांग दिनभर के महत्वपूर्ण मुहूर्त, राहुकाल और ज्योतिषीय योगों की झलक देता है, जिससे समय को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

आज का पंचांग 26 जुलाई 2026 | Aaj Ka Panchang 26th July 2026

26 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक परंपराओं और दैनिक कार्यों के बीच संतुलन बनाने का अवसर लेकर आया है। आज प्रदोष व्रत और जयापार्वती व्रत प्रारम्भ जैसे महत्वपूर्ण पर्व भी मनाए जाएंगे। यदि आप पूजा-पाठ, व्रत, यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत का विचार कर रहे हैं, तो दिन के शुभ-अशुभ समय और पंचांग की जानकारी पहले जानना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष द्वादशी (1:59 PM तक)
वाररविवार
पूर्णिमांत मासआषाढ़
अमांत मासआषाढ़
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:23
सूर्यास्त18:48
चंद्रोदय16:35
चंद्रास्त02:08
नक्षत्रज्येष्ठा (7:35 AM तक)
योगइंद्र (10:06 PM तक)
करणबालव (1:57 PM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:39 AM से 12:31 PM
राहुकाल5:07 PM से 6:48 PM
गुलिक काल3:26 PM से 5:07 PM
यमघण्टकाल12:05 PM से 1:46 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिवृश्चिक
चंद्र निवासउत्तर

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि दोपहर 1:59 PM तक रहेगी। द्वादशी तिथि को एकादशी व्रत के पारण, भगवान विष्णु की पूजा तथा धार्मिक नियमों के पालन के लिए शुभ माना जाता है। इसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा।

आज रविवार है, जो सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। यह दिन आत्मविश्वास, ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक दृष्टिकोण से जुड़े कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। परिवार और व्यक्तिगत जिम्मेदारियों को संतुलित ढंग से निभाने का भी यह उपयुक्त समय माना जाता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत, दोनों परंपराओं के अनुसार आषाढ़ मास ही चल रहा है। यह मास धार्मिक व्रत, पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष महत्व रखता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पंचांग की कालगणना में इन संवतों का उपयोग पर्व-त्योहारों और शुभ तिथियों के निर्धारण में किया जाता है।

ऋतु और अयन

इस समय वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। वातावरण में हरियाली और मौसम की ताजगी दैनिक जीवन के साथ धार्मिक आयोजनों के लिए भी अनुकूल माहौल बनाती है।

आज दक्षिणायन चल रहा है। परंपरागत मान्यताओं में इस काल को साधना, संयम, सेवा और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:23 AM पर और सूर्यास्त 6:48 PM पर होगा। इन समयों को ध्यान में रखकर आप अपने आवश्यक कार्यों और पूजा का समय निर्धारित कर सकते हैं।

आज चंद्रोदय 4:35 PM पर तथा चंद्रास्त 2:08 AM पर होगा। चंद्रमा आज वृश्चिक राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास उत्तर दिशा में माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 7:35 AM तक रहेगा। यह नक्षत्र जिम्मेदारी, अनुभव और सूझबूझ के साथ निर्णय लेने की प्रेरणा देने वाला माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज इंद्र योग रात 10:06 PM तक रहेगा। पंचांग के अनुसार यह योग कई शुभ कार्यों, सामाजिक गतिविधियों और सकारात्मक योजनाओं के लिए अनुकूल माना जाता है।

आज बालव करण दोपहर 1:57 PM तक रहेगा। करण को दैनिक कार्यों की गति और समय चयन में महत्वपूर्ण स्थान दिया जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:39 AM से 12:31 PM तक रहेगा। यदि कोई महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करना हो, तो यह समय सामान्यतः शुभ माना जाता है।

  • राहुकाल: 5:07 PM से 6:48 PM

  • गुलिक काल: 3:26 PM से 5:07 PM

  • यमघण्टकाल: 12:05 PM से 1:46 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो परंपरागत मान्यताओं के अनुसार आवश्यक सावधानी रखना लाभकारी माना जाता है।

आज सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा वृश्चिक राशि में स्थित हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव दिन के सामान्य ज्योतिषीय वातावरण और पंचांगीय गणना में महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज के दिन की विशेष बात

हर दिन सभी कार्यों के लिए समान नहीं होता, इसलिए समय की सही समझ कई बार बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है। आज यदि आप धार्मिक अनुष्ठानों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और आवश्यक कार्यों के बीच संतुलित योजना बनाते हैं, तो दिन अधिक व्यवस्थित ढंग से व्यतीत हो सकता है। पंचांग का उद्देश्य केवल शुभ समय बताना ही नहीं, बल्कि पूरे दिन को सोच-समझकर व्यवस्थित करने की प्रेरणा देना भी है।

divider
Published by Sri Mandir·July 14, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook