
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि के बाद सप्तमी का आरंभ होगा, जिससे पितृपक्ष के संदर्भ में आज की तारीख और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पूजा, श्राद्ध और दूसरे धार्मिक कार्यों के लिए आज के समयों को अब क्रम से समझते हैं।
आपके लिए चुनी गई पूजाएँ
अपने नाम और गोत्र से पूजा करवाएं और अपने परिवार के लिए ईश्वर का आशीर्वाद पाएं।
2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:16 AM तक रहेगी। आज का पंचांग सुबह जल्दी मृगशिरा नक्षत्र की स्थिति, तिथि और करण के बदलाव से जुड़ा है, जबकि व्यतिपात योग शाम 6:17 PM तक रहेगा। रात 10:07 PM पर चंद्रोदय होगा। दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक अलग-अलग पंचांग स्थितियां प्रभावी रहेंगी, इसलिए जरूरी कामों और धार्मिक गतिविधियों के लिए समय तय करते समय इनका क्रम समझना उपयोगी रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | कृष्ण पक्ष षष्ठी (10:16 AM तक) |
वार | शुक्रवार |
पूर्णिमांत मास | अश्विन |
अमांत मास | भाद्रपद |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | शरद |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:51 |
सूर्यास्त | 17:45 |
चंद्रोदय | 22:07 |
चंद्रास्त | 11:35 |
नक्षत्र | मृगशिरा (2:56 AM तक) |
योग | व्यतिपात (6:17 PM तक) |
करण | वणिज (10:16 AM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:25 AM से 12:11 PM |
राहुकाल | 10:19 AM से 11:48 AM |
गुलिक काल | 7:20 AM से 8:50 AM |
यमघण्टकाल | 2:46 PM से 4:16 PM |
दिशाशूल | पश्चिम |
सूर्य राशि | कन्या |
चंद्र राशि | वृष |
चंद्र निवास | दक्षिण |
आज कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि सुबह 10:16 AM तक रहेगी। इसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। कृष्ण पक्ष में चंद्रमा के घटते चरण के दौरान आने वाली षष्ठी तिथि के बाद दिन की धार्मिक गणना में बदलाव आएगा। यदि कोई पूजा या अन्य गतिविधि विशेष तिथि के अनुसार करनी हो, तो इस समय का ध्यान रखना जरूरी है।
आज शुक्रवार है, जिसका संबंध परंपरागत रूप से शुक्र ग्रह से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा, सौंदर्य, सुख-सुविधा और पारिवारिक सामंजस्य से जुड़ी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। दिन के कामों के साथ परिवार और अपनी व्यक्तिगत जरूरतों के लिए भी समय निकालना दिनचर्या को संतुलित बना सकता है।
आज अमांत पद्धति के अनुसार भाद्रपद मास और पूर्णिमांत पद्धति के अनुसार अश्विन मास चल रहा है। दोनों पद्धतियों में मास की गणना अलग तरीके से होती है, इसलिए एक ही दिन के लिए भाद्रपद और अश्विन दोनों नाम दर्ज हैं। पंचांग या धार्मिक तिथियों की जानकारी पढ़ते समय इस अंतर को समझना उपयोगी रहता है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पारंपरिक काल गणना में इन संवतों का उपयोग तिथियों और धार्मिक अवसरों की पहचान के लिए किया जाता है। पंचांग में इनका उल्लेख दिन की समयगत जानकारी को पूरा करता है।
आज पंचांग के अनुसार शरद ऋतु चल रही है। इस मौसम में वातावरण में धीरे-धीरे बदलाव महसूस होने लगता है। सुबह और शाम के समय मौसम दिन के बाकी हिस्सों से अलग हो सकता है। यात्रा या बाहर के कामों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना व्यावहारिक रहेगा।
अयन की दृष्टि से आज दक्षिणायन है। भारतीय परंपरा में दक्षिणायन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी अवधि को दर्शाता है। पंचांग में इसका उल्लेख ऋतु और संवत जैसी अन्य काल गणनाओं के साथ किया जाता है।
आज सूर्योदय 5:51 AM पर और सूर्यास्त 5:45 PM पर होगा। सुबह की दिनचर्या, पूजा-पाठ और दिन के कामों को व्यवस्थित करने के लिए इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है। सूर्यास्त का समय शाम की गतिविधियों की योजना बनाने में भी उपयोगी है।
आज चंद्रोदय 10:07 PM पर होगा और चन्द्रास्त अगले दिन 11:35 AM पर होगा। चंद्रमा का उदय देर रात के समय होगा, इसलिए शाम के शुरुआती हिस्से में चंद्रमा दिखाई नहीं देगा। पंचांग के अनुसार चंद्रमा वृष राशि में रहेगा और चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है।
आज मृगशिरा नक्षत्र रात 2:56 AM तक रहेगा। इसके बाद आर्द्रा नक्षत्र शुरू होगा। इसका अर्थ है कि सूर्योदय के समय मृगशिरा नक्षत्र की अवधि समाप्त हो चुकी होगी। ज्योतिषीय परंपरा में मृगशिरा को जिज्ञासा, खोज और नई जानकारी प्राप्त करने की प्रवृत्ति से जोड़ा जाता है।
व्यतिपात योग शाम 6:17 PM तक रहेगा। इसके बाद योग में परिवर्तन होगा। पंचांग में योग दिन की पारंपरिक समयगत स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार है। आज यह योग सुबह से लेकर शाम तक प्रभावी रहेगा, इसलिए दिन की योजना बनाते समय इसकी अवधि पर ध्यान दिया जा सकता है।
आज वणिज करण सुबह 10:16 AM तक रहेगा। इसके बाद करण में बदलाव होगा। इसी समय षष्ठी तिथि भी समाप्त होगी और सप्तमी तिथि शुरू होगी। इस तरह सुबह 10:16 AM आज के पंचांग में एक महत्वपूर्ण समय है, जब तिथि और करण दोनों की स्थिति बदल जाएगी।
आज शुभ मुहूर्त 11:25 AM से 12:11 PM तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य का समय तय करते समय इस अवधि को पंचांग के अनुसार शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।
दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 10:19 AM से 11:48 AM
गुलिक काल: 7:20 AM से 8:50 AM
यमघण्टकाल: 2:46 PM से 4:16 PM
पारंपरिक पंचांग मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, जरूरी कामों के लिए अपनी परिस्थिति और वास्तविक जरूरत के अनुसार निर्णय लेना उचित रहेगा।
आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि आज पश्चिम दिशा की यात्रा करनी हो, तो पंचांग की इस पारंपरिक गणना को ध्यान में रखा जा सकता है। इसके साथ यात्रा की वास्तविक परिस्थितियों, मौसम और अपनी सुविधा को भी महत्व देना चाहिए।
आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा वृष राशि में स्थित रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्र निवास दक्षिण दिशा में है। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति को तिथि, नक्षत्र और योग के साथ मिलाकर दैनिक ज्योतिषीय विवरण में देखा जाता है।
Did you like this article?

Aaj Ka Panchang 7 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 6 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 5 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।