आज का पंचांग 2 अगस्त 2026
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आज का पंचांग 2 अगस्त 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

कई लोगों के लिए नई योजनाओं और महत्वपूर्ण कार्यों का दिन हो सकता है। ऐसे में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी पहले से होना उपयोगी रहता है। आइए देखते हैं आज के पंचांग में क्या विशेष जानकारी दी गई है।

आज का पंचांग 2 अगस्त 2026 | Aaj Ka Panchang 2nd August 2026

2 अगस्त 2026 का दिन धार्मिक आस्था और दैनिक जीवन की योजना, दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है। आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है और रविवार के साथ संकष्टी चतुर्थी का संयोग बन रहा है। यदि आप व्रत, पूजा, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो दिन के शुभ-अशुभ समय और पंचांग की जानकारी पहले से जानना आपके निर्णयों को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक हो सकता है।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्थी (11:16 PM तक)
वाररविवार
पूर्णिमांत मासश्रावण
अमांत मासआषाढ़
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:26
सूर्यास्त18:44
चंद्रोदय20:58
चंद्रास्त08:34
नक्षत्रपूर्व भाद्रपद (9:38 PM तक)
योगअतिगण्ड (10:30 PM तक)
करणबव (11:12 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:39 AM से 12:31 PM
राहुकाल5:04 PM से 6:44 PM
गुलिक काल3:24 PM से 5:04 PM
यमघण्टकाल12:05 PM से 1:45 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिकुम्भ
चंद्र निवासपश्चिम

तिथि और वार का प्रभाव

आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रात्रि 11:16 PM तक रहेगी। चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। आज संकष्टी चतुर्थी होने के कारण अनेक श्रद्धालु विघ्नहर्ता श्रीगणेश की पूजा और व्रत का पालन करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक की गई आराधना से जीवन की बाधाओं को दूर करने की प्रेरणा मिलती है।

आज रविवार है, जो सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। यह दिन आत्मविश्वास, ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच को मजबूत करने का संदेश देता है। अपने महत्वपूर्ण कार्यों को स्पष्ट योजना के साथ आगे बढ़ाने के लिए भी यह दिन उपयुक्त माना जाता है।

मास, संवत और काल गणना

आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार श्रावण मास चल रहा है, जबकि अमांत परंपरा के अनुसार आषाढ़ मास प्रभावी है। दोनों पंचांग प्रणालियों में मास परिवर्तन की गणना अलग-अलग आधार पर होने के कारण यह अंतर स्वाभाविक रूप से देखने को मिलता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। धार्मिक पर्व, व्रत और शुभ मुहूर्तों की गणना में इन संवतों का विशेष महत्व माना जाता है।

ऋतु और अयन

वर्तमान में वर्षा ऋतु का प्रभाव बना हुआ है। वातावरण में नमी, हरियाली और मौसम का परिवर्तन दैनिक जीवन के साथ धार्मिक गतिविधियों में भी नई ताजगी का अनुभव कराता है।

अयन की दृष्टि से अभी दक्षिणायन चल रहा है। इस काल को भारतीय परंपरा में साधना, संयम और आध्यात्मिक अभ्यास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:26 AM पर तथा सूर्यास्त 6:44 PM पर होगा। इन समयों को ध्यान में रखकर आप दिनभर के कार्यों, पूजा और अन्य आवश्यक योजनाओं को व्यवस्थित कर सकते हैं।

आज चंद्रोदय 8:58 PM पर तथा चंद्रास्त 8:34 AM पर होगा। चंद्रमा कुम्भ राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास पश्चिम दिशा में माना गया है, जो आज की ज्योतिषीय गणना का महत्वपूर्ण भाग है।

नक्षत्र, योग और करण

आज पूर्व भाद्रपद नक्षत्र रात्रि 9:38 PM तक रहेगा। यह नक्षत्र गंभीर चिंतन, दूरदर्शिता और उद्देश्यपूर्ण प्रयासों से जुड़ा माना जाता है। इसके पश्चात अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज अतिगण्ड योग रात्रि 10:30 PM तक रहेगा। पंचांग में योग को दिन की ऊर्जा और कार्यों की प्रकृति से जोड़ा जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय इसका भी ध्यान रखा जाता है।

आज बव करण सुबह 11:12 AM तक रहेगा। करण को दैनिक गतिविधियों की गति और उनके संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:39 AM से 12:31 PM तक रहेगा। यह समय कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है।

  • राहुकाल: 5:04 PM से 6:44 PM

  • गुलिक काल: 3:24 PM से 5:04 PM

  • यमघण्टकाल: 12:05 PM से 1:45 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार आवश्यक सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

आज सूर्य कर्क राशि में तथा चंद्रमा कुम्भ राशि में स्थित हैं। इन ग्रहों की स्थिति दिन की ज्योतिषीय परिस्थितियों और पंचांग की गणनाओं को प्रभावित करती है।

निष्कर्ष

हर दिन केवल समय का बदलाव नहीं, बल्कि प्राथमिकताओं को नए ढंग से तय करने का अवसर भी लेकर आता है। यदि आप आज व्रत, पूजा, महत्वपूर्ण निर्णय या आवश्यक कार्यों को पंचांग में बताए गए समय के अनुसार व्यवस्थित करते हैं, तो दिन अधिक संतुलित और योजनाबद्ध बन सकता है। सही समय की जानकारी आपके दैनिक कार्यक्रम को सहज और सुविचारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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Published by Sri Mandir·July 30, 2026

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