
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
17 अक्टूबर की शुरुआत शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से होगी, लेकिन सुबह करीब 5:54 बजे सप्तमी शुरू हो जाएगी। नवरात्रि के इस पड़ाव पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा का क्रम आगे बढ़ता है। आज सरस्वती पूजा भी है, जिससे दिन का महत्व और बढ़ जाता है। तिथि परिवर्तन, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय को समझने के लिए आइए, आज का पंचांग विस्तार से देखें।
आपके लिए चुनी गई पूजाएँ
अपने नाम और गोत्र से पूजा करवाएं और अपने परिवार के लिए ईश्वर का आशीर्वाद पाएं।
17 अक्टूबर 2026 को शनिवार है और अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 8:29 AM तक रहेगी। आज सुबह के समय तिथि और नक्षत्र, दोनों में बदलाव होगा। मूल नक्षत्र सुबह 9:48 AM तक रहेगा, जबकि अतिगण योग रात 11:03 PM तक प्रभावी रहेगा। दिन का शुभ मुहूर्त 11:21 AM से 12:07 PM तक है। शनिवार की धार्मिक परंपराओं के साथ दिन के इन समयों को समझना उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो पूजा-पाठ, व्रत या किसी खास काम की योजना पंचांग के अनुसार बनाना चाहते हैं।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष सप्तमी (8:29 AM तक) |
वार | शनिवार |
पूर्णिमांत मास | अश्विन |
अमांत मास | अश्विन |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | शरद |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:58 |
सूर्यास्त | 17:30 |
चंद्रोदय | 11:50 |
चंद्रास्त | 22:21 |
नक्षत्र | मूल (9:48 AM तक) |
योग | अतिगण (11:03 PM तक) |
करण | गर (7:11 PM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:21 AM से 12:07 PM |
राहुकाल | 8:51 AM से 10:18 AM |
गुलिक काल | 5:58 AM से 7:24 AM |
यमघण्टकाल | 1:11 PM से 2:37 PM |
दिशाशूल | पूर्व |
सूर्य राशि | कन्या |
चंद्र राशि | धनु |
चंद्र निवास | पूर्व |
आज शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि सुबह 8:29 AM तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ होगी। इसलिए सप्तमी तिथि से संबंधित किसी पूजा या धार्मिक अनुष्ठान की योजना बना रहे हैं, तो तिथि की समाप्ति का समय ध्यान में रखना जरूरी है। विशेष व्रतों में तिथि का निर्धारण स्थानीय पंचांग और संबंधित परंपरा के अनुसार भी किया जा सकता है।
आज शनिवार है, जिसे परंपरागत रूप से शनिदेव की उपासना से जोड़ा जाता है। कई श्रद्धालु इस दिन शनिदेव की पूजा, मंत्र जाप और जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे कार्य करते हैं। दिन की शुरुआत पूजा या प्रार्थना से करने वाले लोग अपनी सुविधा के अनुसार धार्मिक गतिविधियों के लिए समय निकाल सकते हैं।
आज अमांत और पूर्णिमांत, दोनों पद्धतियों के अनुसार अश्विन मास है। भारतीय पंचांग में चंद्र मास की गणना के लिए इन दोनों प्रणालियों का उपयोग किया जाता है। कुछ तिथियों पर इनके मास के नाम अलग हो सकते हैं, लेकिन आज उपलब्ध गणना में दोनों का नाम अश्विन है।
वर्ष की गणना के अनुसार आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) चल रहे हैं। पंचांग में इनका उल्लेख धार्मिक तिथियों और पर्वों को पारंपरिक वर्ष के संदर्भ में समझने में मदद करता है। तिथि, मास और संवत को साथ देखकर किसी धार्मिक अवसर की काल गणना अधिक स्पष्ट हो जाती है।
आज शरद ऋतु है और पंचांग के अनुसार दक्षिणायन चल रहा है। इस समय मौसम में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुबह, दोपहर और शाम के वातावरण में अंतर महसूस हो सकता है। दैनिक कार्यों या यात्रा की योजना बनाते समय मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखना उपयोगी रहेगा।
दक्षिणायन का उल्लेख भारतीय परंपरा में सूर्य की वार्षिक गति से संबंधित काल गणना के रूप में किया जाता है। वहीं, ऋतु का विवरण वर्ष के मौसमी चरण को दर्शाता है। दोनों जानकारियां पंचांग में दिन की पारंपरिक स्थिति को समझने का आधार प्रदान करती हैं।
आज सूर्योदय 5:58 AM पर और सूर्यास्त 5:30 PM पर होगा। सुबह की पूजा, दिनचर्या और शाम की गतिविधियों के लिए इन समयों को ध्यान में रखा जा सकता है। सूर्यास्त का समय दिन के उजाले की समाप्ति का संकेत देता है और धार्मिक दिनचर्या में भी इसका उपयोग होता है।
चंद्रमा का उदय 11:50 AM पर और चंद्रास्त 10:21 PM पर होगा। आज चंद्र राशि धनु है और चंद्र निवास पूर्व दिशा में बताया गया है। चंद्रमा के उदय-अस्त का समय, उसकी राशि और तिथि से जुड़ी जानकारी अलग-अलग पहलुओं को स्पष्ट करती है। किसी विशेष चंद्र आधारित व्रत या अनुष्ठान के लिए संबंधित नियमों के अनुसार समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।
आज मूल नक्षत्र सुबह 9:48 AM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। सुबह के शुरुआती समय में नक्षत्र की स्थिति बदलने के कारण नक्षत्र आधारित धार्मिक कार्यों के लिए समय देखते हुए इस बदलाव पर ध्यान देना उपयोगी है।
अतिगण योग रात 11:03 PM तक रहेगा। पंचांग में योग को तिथि और नक्षत्र के साथ दिन की पारंपरिक ज्योतिषीय स्थिति समझने के लिए देखा जाता है। इसकी अवधि आज देर रात तक बनी रहेगी।
गर करण शाम 7:11 PM तक रहेगा। करण तिथि के आधे भाग से संबंधित गणना है, इसलिए इसकी समाप्ति का समय तिथि के समाप्त होने के समय से अलग हो सकता है। आज सप्तमी तिथि सुबह 8:29 AM पर समाप्त होगी, जबकि गर करण शाम तक रहेगा। यह अंतर बताता है कि पंचांग के प्रत्येक घटक का समय स्वतंत्र रूप से देखना चाहिए।
आज शुभ मुहूर्त 11:21 AM से 12:07 PM तक है। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय चुनते समय इस अवधि को पंचांग में दिए गए शुभ मुहूर्त के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, विवाह, गृह प्रवेश या अन्य विशेष संस्कारों के लिए अलग मुहूर्त और नियम लागू हो सकते हैं।
आज के प्रमुख अशुभ काल इस प्रकार हैं:
राहुकाल: 8:51 AM से 10:18 AM
गुलिक काल: 5:58 AM से 7:24 AM
यमघण्टकाल: 1:11 PM से 2:37 PM
पारंपरिक मान्यताओं में इन समयों के दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। किसी काम का समय निर्धारित करते समय शुभ मुहूर्त और इन अवधियों को अलग-अलग देखकर निर्णय लिया जा सकता है।
आज दिशाशूल पूर्व दिशा में है। पारंपरिक पंचांग में दिशाशूल को यात्रा की दिशा से जोड़कर देखा जाता है। यदि पूर्व दिशा में यात्रा की योजना है, तो इस मान्यता को ध्यान में रखा जा सकता है। इसके साथ यात्रा की जरूरत, समय और वास्तविक परिस्थितियों को प्राथमिकता देना भी जरूरी है।
आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा धनु राशि में रहेगा। चंद्र निवास भी पूर्व दिशा में बताया गया है। दिशाशूल और चंद्र निवास दोनों दिशाओं से संबंधित विवरण हैं, लेकिन पंचांग में इनकी गणना और पारंपरिक उपयोग अलग-अलग होते हैं।
17 अक्टूबर के पंचांग में सुबह 8:29 AM पर सप्तमी तिथि समाप्त होकर अष्टमी शुरू होगी, जबकि मूल नक्षत्र सुबह 9:48 AM तक रहेगा। यानी तिथि बदलने के बाद भी कुछ समय तक मूल नक्षत्र जारी रहेगा। यदि दिन में किसी विशेष तिथि या नक्षत्र से जुड़ा धार्मिक कार्य करना है, तो इन दोनों समयों को अलग-अलग देखना उपयोगी होगा। साथ ही, किसी व्रत या पर्व के लिए उदया तिथि का नियम लागू होता है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित धार्मिक परंपरा से करनी चाहिए।
Did you like this article?

Aaj Ka Panchang 21 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 20 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

Aaj Ka Panchang 19 October 2026: जानें आज का पंचांग, तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल, सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रमा से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।