आज का पंचांग 17 जुलाई 2026
image
downloadDownload
shareShare
ShareWhatsApp

आज का पंचांग 17 जुलाई 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

समय का सम्मान भारतीय संस्कृति की सबसे पुरानी परंपराओं में से एक है, और पंचांग उसी परंपरा का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। 17 जुलाई 2026 का पंचांग आज के शुभ-अशुभ समय, तिथि, योग, करण और नक्षत्र से जुड़ी आवश्यक जानकारी आपके लिए लेकर आया है। आइए जानते हैं आज का पंचांग क्या कहता है।

आज का पंचांग 17 जुलाई 2026 | Aaj Ka Panchang 17th July 2026

17 जुलाई 2026 का पंचांग दिन की धार्मिक, ज्योतिषीय और समय संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों का संपूर्ण विवरण प्रस्तुत करता है। आज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है और विनायक चतुर्थी का पर्व भी मनाया जाएगा। साथ ही सूर्य के कर्क राशि में प्रवेश के बाद अब दक्षिणायन और वर्षा ऋतु का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यदि आप पूजा, शुभ कार्य, यात्रा या दैनिक योजनाओं के लिए उपयुक्त समय जानना चाहते हैं, तो नीचे दिया गया पंचांग आपके लिए उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीया (6:29 AM तक)
वारशुक्रवार
पूर्णिमांत मासआषाढ़
अमांत मासआषाढ़
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुवर्षा
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:19
सूर्यास्त18:51
चंद्रोदय08:13
चंद्रास्त21:12
नक्षत्रमघा (6:36 PM तक)
योगव्यतिपात (10:46 PM तक)
करणगर (6:29 AM तक)
अभिजीत मुहूर्त11:38 AM से 12:32 PM
राहुकाल10:23 AM से 12:05 PM
गुलिक काल7:00 AM से 8:42 AM
यमघण्टकाल3:28 PM से 5:10 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिसिंह
चंद्र निवासपूर्व

तिथि और वार का प्रभाव

आज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 6:29 AM तक रहेगी। इसके पश्चात अगली तिथि आरंभ होगी। तृतीया को परंपरागत रूप से रचनात्मक कार्यों, नए प्रयासों और पारिवारिक गतिविधियों के लिए शुभ माना जाता है। दिन की शुरुआत में तिथि परिवर्तन होने के कारण महत्वपूर्ण कार्यों का समय निर्धारित करते समय इसका ध्यान रखना उपयोगी हो सकता है।

आज शुक्रवार है, जो माता लक्ष्मी और शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है। यह दिन सौंदर्य, कला, सुख-सुविधाओं, आर्थिक मामलों तथा पारिवारिक सामंजस्य से जुड़े कार्यों के लिए विशेष महत्व रखता है। आवश्यक खरीदारी, सामाजिक मेल-जोल और सौम्य व्यवहार की दृष्टि से भी यह दिन अच्छा माना जाता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों परंपराओं के अनुसार आषाढ़ मास चल रहा है। यह महीना धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और अनेक महत्वपूर्ण पर्वों के कारण विशेष स्थान रखता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) तथा शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। भारतीय पंचांग की परंपरा में इन संवतों का उपयोग तिथि, पर्व और धार्मिक आयोजनों के निर्धारण में किया जाता है।

ऋतु और अयन

आज से वर्षा ऋतु का प्रभाव प्रमुख रूप से अनुभव किया जाता है। मौसम में नमी बढ़ने के साथ प्रकृति भी नए स्वरूप में दिखाई देने लगती है। इस समय स्वास्थ्य और दिनचर्या में संतुलन बनाए रखना भी लाभकारी माना जाता है।

अयन की दृष्टि से अब दक्षिणायन प्रारंभ हो चुका है। भारतीय परंपरा में यह काल आध्यात्मिक साधना, संयम और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:19 AM पर तथा सूर्यास्त 6:51 PM पर होगा। दिन के उपलब्ध समय को ध्यान में रखकर आप अपने आवश्यक कार्यों और धार्मिक गतिविधियों की योजना बना सकते हैं।

आज चंद्रोदय 8:13 AM पर तथा चंद्रास्त 9:12 PM पर होगा। चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा तथा उसका निवास पूर्व दिशा में माना गया है, जो आज की पंचांगीय गणना का महत्वपूर्ण भाग है।

नक्षत्र, योग और करण

आज मघा नक्षत्र 6:36 PM तक रहेगा। यह नक्षत्र परंपरा, सम्मान, नेतृत्व क्षमता और उत्तरदायित्व की भावना से जुड़ा माना जाता है। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी होगा।

आज व्यतिपात योग 10:46 PM तक रहेगा। पंचांग में योग का उपयोग दिन के विभिन्न कार्यों के समय और उनकी प्रकृति को समझने के लिए किया जाता है।

आज गर करण 6:29 AM तक रहेगा। करण दैनिक कार्यों की गति और समय निर्धारण में पंचांग का महत्वपूर्ण अंग माना जाता है।

शुभ और अशुभ समय

आज अभिजीत मुहूर्त 11:38 AM से 12:32 PM तक रहेगा। यह समय महत्वपूर्ण कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।

  • राहुकाल: 10:23 AM से 12:05 PM

  • गुलिक काल: 7:00 AM से 8:42 AM

  • यमघण्टकाल: 3:28 PM से 5:10 PM

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना उचित माना जाता है।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। यदि पश्चिम दिशा की यात्रा आवश्यक हो, तो पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार उचित विचार के साथ यात्रा करना शुभ माना जाता है।

आज सूर्य कर्क राशि में तथा चंद्रमा सिंह राशि में स्थित हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव दिन की ज्योतिषीय गणना और पंचांग के विभिन्न योगों पर माना जाता है।

आज का प्रमुख पर्व

आज विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। भगवान गणेश की पूजा को विघ्नों के निवारण और शुभारंभ का प्रतीक माना जाता है। कई श्रद्धालु इस अवसर पर गणपति पूजन, व्रत और विशेष प्रार्थना करते हैं तथा नए कार्यों से पहले भगवान गणेश का स्मरण करते हैं।

निष्कर्ष

पंचांग केवल शुभ और अशुभ समय बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह दिन की संपूर्ण समय-व्यवस्था, ग्रहों की स्थिति और धार्मिक महत्व को एक साथ समझने का आधार भी प्रदान करता है। यदि दिन की शुरुआत इन जानकारियों को ध्यान में रखकर की जाए, तो आवश्यक कार्यों, पूजा-पाठ और व्यक्तिगत योजनाओं को समयानुकूल ढंग से व्यवस्थित करना अधिक सहज हो सकता है।

divider
Published by Sri Mandir·July 14, 2026

Did you like this article?

srimandir-logo

श्री मंदिर ने श्रध्दालुओ, पंडितों, और मंदिरों को जोड़कर भारत में धार्मिक सेवाओं को लोगों तक पहुँचाया है। 100 से अधिक प्रसिद्ध मंदिरों के साथ साझेदारी करके, हम विशेषज्ञ पंडितों द्वारा की गई विशेष पूजा और चढ़ावा सेवाएँ प्रदान करते हैं और पूर्ण की गई पूजा विधि का वीडियो शेयर करते हैं।

हमारा पता

फर्स्टप्रिंसिपल ऐप्सफॉरभारत प्रा. लि. 2nd फ्लोर, अर्बन वॉल्ट, नं. 29/1, 27वीं मेन रोड, सोमसुंदरपल्या, HSR पोस्ट, बैंगलोर, कर्नाटक - 560102
YoutubeInstagramLinkedinWhatsappTwitterFacebook