
यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।
12 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से सकारात्मक माहौल वाला रह सकता है। पंचांग में मौजूद तिथि, नक्षत्र और अन्य ज्योतिषीय गणनाएं आज के समय को अलग-अलग रूप में प्रभावित करती हैं। पूजा, शुभ शुरुआत, यात्रा या जरूरी काम के लिए अनुकूल समय देखकर आगे बढ़ना आज बेहतर विकल्प रहेगा।
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13 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और रविवार का संयोग बन रहा है। महीने के इस चरण में चंद्रमा की स्थिति बदलते हुए दिन की ज्योतिषीय गणनाओं को एक अलग स्वरूप देती है। पूजा-पाठ, दैनिक कामकाज, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय तय करने से पहले आज की तिथि, नक्षत्र और शुभ-अशुभ समय देखना उपयोगी रहेगा।
विवरण | जानकारी |
तिथि | शुक्ल पक्ष द्वितीया (7:09 AM तक) |
वार | रविवार |
पूर्णिमांत मास | भाद्रपद |
अमांत मास | भाद्रपद |
विक्रम संवत | 2083 (सिद्धार्थ) |
शक संवत | 1948 (प्रभाउ) |
ऋतु | वर्षा |
अयन | दक्षिणायन |
सूर्योदय | 05:44 |
सूर्यास्त | 18:05 |
चंद्रोदय | 07:36 |
चंद्रास्त | 19:16 |
नक्षत्र | हस्त (1:08 PM तक) |
योग | शुक्ल (1:43 PM तक) |
करण | कौलव (7:09 AM तक) |
शुभ मुहूर्त | 11:31 AM से 12:19 PM |
राहुकाल | 4:33 PM से 6:05 PM |
गुलिक काल | 3:00 PM से 4:33 PM |
यमघण्टकाल | 11:55 AM से 1:27 PM |
दिशाशूल | पश्चिम |
सूर्य राशि | सिंह |
चंद्र राशि | कन्या |
चंद्र निवास | दक्षिण |
आज शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि सुबह 7:09 AM तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा। शुक्ल पक्ष की शुरुआत में चंद्रमा की बढ़ती अवस्था को नई गतिविधियों और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए दिन के शुरुआती समय में किए जाने वाले कार्यों के लिए तिथि परिवर्तन का समय ध्यान में रखना उपयोगी हो सकता है।
आज रविवार है, जिसे सूर्य देव से संबंधित दिन माना जाता है। पारंपरिक रूप से रविवार आत्मविश्वास, ऊर्जा और अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने से जोड़ा जाता है। दिनचर्या में जरूरी कामों को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ना आज के वार के अनुरूप माना जा सकता है।
आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार भाद्रपद मास चल रहा है। पंचांग की दोनों मास गणना पद्धतियों में आज मास का नाम एक ही है, जिससे आज की तिथि को समझना अपेक्षाकृत सरल रहता है।
आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। धार्मिक कार्यों और पंचांग आधारित गणनाओं में संवत का उल्लेख समय की पारंपरिक गणना को दर्शाता है।
वर्तमान समय में वर्षा ऋतु चल रही है। इस मौसम में वातावरण में नमी और मौसम में बदलाव सामान्य रूप से देखने को मिलता है। यात्रा या बाहर के कामों की योजना बनाते समय मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखना बेहतर रहेगा।
आज दक्षिणायन है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी काल गणना को दर्शाता है और धार्मिक दृष्टि से इसका अपना महत्व माना जाता है।
आज सूर्योदय 5:44 AM पर होगा, जबकि सूर्यास्त 6:05 PM पर होगा। इस तरह दिन के उजाले से जुड़े प्रमुख समय को ध्यान में रखकर दैनिक कार्यों की योजना बनाई जा सकती है।
आज चंद्रोदय 7:36 AM पर और चंद्रास्त 7:16 PM पर होगा। चंद्रमा कन्या राशि में स्थित रहेगा और उसका निवास दक्षिण दिशा में माना गया है। चंद्रमा की यह स्थिति आज के पंचांग की प्रमुख ज्योतिषीय गणनाओं में शामिल है।
आज हस्त नक्षत्र दोपहर 1:08 PM तक रहेगा। इसके बाद नक्षत्र में परिवर्तन होगा। हस्त नक्षत्र को परंपरागत ज्योतिष में कौशल, कार्यकुशलता और व्यवस्थित तरीके से काम करने से जोड़ा जाता है। इसलिए आज काम को योजनाबद्ध ढंग से पूरा करने पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।
शुक्ल योग दोपहर 1:43 PM तक प्रभावी रहेगा। पंचांग में योग को दिन की प्रकृति समझने वाली महत्वपूर्ण गणना माना जाता है।
आज कौलव करण सुबह 7:09 AM तक रहेगा। इसके बाद करण में परिवर्तन होगा। तिथि के साथ करण का समय भी बदलता है, इसलिए किसी विशेष समय पर पंचांग देखने वालों के लिए यह जानकारी उपयोगी रहती है।
आज का शुभ मुहूर्त 11:31 AM से 12:19 PM तक रहेगा। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए समय चुनते समय इस अवधि को पंचांग की दृष्टि से देखा जा सकता है।
वहीं दिन के कुछ समय को पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए टालने की सलाह दी जाती है:
राहुकाल: 4:33 PM से 6:05 PM
गुलिक काल: 3:00 PM से 4:33 PM
यमघण्टकाल: 11:55 AM से 1:27 PM
इन समयों को लेकर मान्यताएं पारंपरिक पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं। किसी जरूरी काम के लिए समय तय करते समय स्थानीय परिस्थितियों और कार्य की प्रकृति को भी ध्यान में रखना चाहिए।
आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पश्चिम दिशा की यात्रा करते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। यदि यात्रा जरूरी हो, तो लोग अपनी परंपरा के अनुसार इससे जुड़े उपायों का पालन कर सकते हैं।
आज सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में स्थित हैं। सूर्य की राशि और चंद्र राशि पंचांग की दैनिक ज्योतिषीय स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। चंद्रमा की कन्या राशि में स्थिति दिन की मानसिक और व्यावहारिक प्रवृत्तियों को देखने के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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