आज का पंचांग 11 अक्टूबर 2026
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आज का पंचांग 11 अक्टूबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि का आरंभ हो रहा है। घरों और मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा, घटस्थापना और नौ दिनों के अनुष्ठान की तैयारियां इस दिन को खास बनाती हैं। आज मां शैलपुत्री की आराधना के साथ नवरात्रि की पहली तिथि शुरू होगी। रविवार के इस पर्व-दिन पर पूजा की तैयारी करने से पहले जान लेते हैं आज के पंचांग में कौन-से समय महत्वपूर्ण हैं।

आज का पंचांग 11 अक्टूबर 2026 | Aaj Ka Panchang 11th October 2026

11 अक्टूबर 2026 को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी और रविवार का दिन है। आज अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की शुरुआत हो रही है, इसलिए पंचांग की दृष्टि से यह एक नए चंद्र पक्ष का पहला दिन है। दिन में किंस्तुघ्न करण सुबह तक रहेगा, जबकि चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रात तक प्रभावी रहेंगे। किसी काम की शुरुआत, यात्रा या धार्मिक गतिविधि की योजना बनाते समय आज के शुभ-अशुभ समय के साथ तिथि और नक्षत्र की स्थिति पर भी ध्यान देना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदा (9:32 PM तक)
वाररविवार
पूर्णिमांत मासअश्विन
अमांत मासअश्विन
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:55
सूर्यास्त17:36
चंद्रोदय06:21
चंद्रास्त17:48
नक्षत्रचित्रा (10:34 PM तक)
योगवैधृति (9:06 PM तक)
करणकिंस्तुघ्न (9:23 AM तक)
शुभ मुहूर्त11:22 AM से 12:08 PM
राहुकाल4:08 PM से 5:36 PM
गुलिक काल2:41 PM से 4:08 PM
यमघण्टकाल11:45 AM से 1:13 PM
दिशाशूलपश्चिम
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिकन्या
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और वार की स्थिति

आज शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रात 9:32 PM तक रहेगी। अमावस्या के बाद प्रतिपदा से शुक्ल पक्ष की शुरुआत होती है, इसलिए आज की तिथि चंद्र पक्ष के नए चरण की शुरुआत को दर्शाती है। इस समय को आगे आने वाले दिनों के लिए योजनाएं तय करने और नियमित कार्यों को नए क्रम में व्यवस्थित करने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।

आज रविवार है। रविवार का संबंध परंपरागत रूप से सूर्य से माना जाता है। सूर्य आत्मविश्वास, ऊर्जा और सक्रियता से जुड़ा माना जाता है, इसलिए आज अपने जरूरी कामों को स्पष्ट प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना और दिनचर्या को व्यवस्थित रखना उपयोगी हो सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत और पूर्णिमांत दोनों गणनाओं के अनुसार अश्विन मास चल रहा है। दोनों पद्धतियों में आज मास का नाम समान है, जिससे मास संबंधी जानकारी को समझना अपेक्षाकृत सरल रहता है।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। पंचांग में इन संवतों का उल्लेख वर्तमान तिथि को पारंपरिक काल गणना के संदर्भ में समझने के लिए किया जाता है।

ऋतु और अयन

आज पंचांग के अनुसार शरद ऋतु है। मौसम में धीरे-धीरे बदलाव का समय होने के कारण सुबह और शाम के वातावरण में अंतर महसूस हो सकता है। दिन के बाहरी कामों और यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखना उचित रहेगा।

अयन की गणना के अनुसार दक्षिणायन चल रहा है। यह सूर्य की वार्षिक गति से संबंधित पंचांग गणना का एक प्रमुख हिस्सा है। भारतीय परंपरा में दक्षिणायन को सूर्य की दक्षिण दिशा की ओर गति वाली अवधि के रूप में समझा जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:55 AM पर होगा और सूर्यास्त 5:36 PM पर होगा। दिन की शुरुआत से लेकर शाम तक के कार्यक्रम तय करते समय इन दोनों समयों को ध्यान में रखा जा सकता है। विशेष रूप से बाहरी कामों और यात्रा के लिए दिन के उजाले की अवधि को देखना उपयोगी रहेगा।

आज चंद्रोदय 6:21 AM पर और चन्द्रास्त 5:48 PM पर होगा। अमावस्या के बाद शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के साथ चंद्रमा की स्थिति आज के पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा और चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज चित्रा नक्षत्र रात 10:34 PM तक रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में चित्रा नक्षत्र को रचनात्मकता, सुंदरता, कौशल और चीजों को व्यवस्थित रूप देने से जोड़ा जाता है। इसलिए आज ऐसे कार्यों पर ध्यान दिया जा सकता है जिनमें योजना, एकाग्रता और बेहतर प्रस्तुति की जरूरत हो।

वैधृति योग रात 9:06 PM तक रहेगा। पंचांग में योग दिन की समयगत स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण आधार है। आज यह योग देर शाम तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद योग में परिवर्तन होगा।

आज किंस्तुघ्न करण सुबह 9:23 AM तक रहेगा। इसके बाद करण बदल जाएगा। यानी दिन की शुरुआत में ही करण की स्थिति में परिवर्तन होगा, इसलिए सुबह के समय पंचांग की गणना आगे के समय से अलग रहेगी।

शुभ और अशुभ समय

आज का शुभ मुहूर्त 11:22 AM से 12:08 PM तक रहेगा। किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए समय तय करते समय इस अवधि को पंचांग के अनुसार शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।

दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 4:08 PM से 5:36 PM

  • गुलिक काल: 2:41 PM से 4:08 PM

  • यमघण्टकाल: 11:45 AM से 1:13 PM

पारंपरिक मान्यताओं में राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल को महत्वपूर्ण नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। वहीं रोजमर्रा के जरूरी काम इन समयों में भी परिस्थिति के अनुसार किए जा सकते हैं। किसी विशेष कार्य के लिए निर्णय लेते समय पूरे पंचांग और अपनी स्थिति को साथ में देखना बेहतर रहेगा।

दिशाशूल और राशि

आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। पश्चिम दिशा की यात्रा करने वालों के लिए पंचांग की इस गणना को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। यात्रा आवश्यक होने पर व्यावहारिक परिस्थितियों को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया जा सकता है।

आज सूर्य कन्या राशि में और चंद्रमा भी कन्या राशि में स्थित रहेगा। इस तरह आज सूर्य और चंद्रमा दोनों की राशि एक ही है। चंद्रमा का निवास दक्षिण दिशा में माना गया है। राशिगत स्थिति के साथ तिथि, नक्षत्र और दिन के समयों को देखने पर आज के पंचांग की पूरी गणना को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है।

शुक्ल पक्ष की शुरुआत से दिन की योजना तक

11 अक्टूबर का दिन एक पक्ष के समाप्त होने के बाद नए पक्ष की शुरुआत का संकेत देता है। प्रतिपदा रात 9:32 PM तक रहेगी, जबकि सुबह 9:23 AM पर करण बदल जाएगा। इसके बाद दिन में 11:22 AM से 12:08 PM का शुभ मुहूर्त आता है। वहीं दोपहर बाद गुलिक काल और यमघण्टकाल की अवधि समाप्त होने के बाद शाम तक राहुकाल का समय रहेगा।

दिन की इस समय-क्रम वाली स्थिति को देखते हुए जरूरी कामों को सुबह से ही व्यवस्थित करना उपयोगी रहेगा। शुक्ल पक्ष की शुरुआत होने के कारण आने वाले दिनों के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं और प्राथमिकताओं पर भी आज से ध्यान दिया जा सकता है। रात में तिथि, योग और नक्षत्र के बदलाव के समय को ध्यान में रखकर दिन की गतिविधियों को पूरा करना अधिक सहज रहेगा।

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Published by Sri Mandir·October 14, 2026

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