आज का पंचांग 10 अक्टूबर 2026
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आज का पंचांग 10 अक्टूबर 2026

यहां पढ़ें आज का पंचांग, जिसमें तिथि, नक्षत्र, शुभ मुहूर्त, राहु काल और सूर्योदय-सूर्यास्त की जानकारी सरल भाषा में दी गई है।

आज के पंचांग के बारे में

परिवार की कई धार्मिक परंपराएं ऐसी होती हैं, जिनका महत्व रोजमर्रा की भागदौड़ में महसूस नहीं होता। 10 अक्टूबर उन्हीं परंपराओं से जुड़ने का दिन है, क्योंकि आज सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा। अपने पूर्वजों को याद करने, तर्पण और श्रद्धा से जुड़े कर्मों के लिए यह तिथि विशेष मानी जाती है। अब जानते हैं, आज के पंचांग में कौन-कौन से समय खास रहेंगे।

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आज का पंचांग 10 अक्टूबर 2026 | Aaj Ka Panchang 10th October 2026

10 अक्टूबर 2026 को कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी और शनिवार का दिन है। आज पंचांग में तिथि रात तक बनी रहेगी, जबकि सुबह के समय करण में बदलाव होगा। दिन के दौरान हस्त नक्षत्र और इंद्र योग प्रभावी रहेंगे। अमावस्या होने के कारण आज की पंचांग गणना में तिथि के साथ चंद्रमा की स्थिति भी विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है। दिन की योजना बनाते समय शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य समय गणनाओं को साथ में देखना उपयोगी रहेगा।

आज का पंचांग

विवरणजानकारी
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्या (9:21 PM तक)
वारशनिवार
पूर्णिमांत मासअश्विन
अमांत मासभाद्रपद
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदय05:55
सूर्यास्त17:37
चंद्रोदय05:24
चंद्रास्त17:14
नक्षत्रहस्त (9:44 PM तक)
योगइंद्र (10:02 PM तक)
करणचतुष्पद (9:26 AM तक)
शुभ मुहूर्त11:23 AM से 12:09 PM
राहुकाल8:50 AM से 10:18 AM
गुलिक काल5:55 AM से 7:22 AM
यमघण्टकाल1:13 PM से 2:41 PM
दिशाशूलपूर्व
सूर्य राशिकन्या
चंद्र राशिकन्या
चंद्र निवासदक्षिण

तिथि और वार की स्थिति

आज कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रात 9:21 PM तक रहेगी। अमावस्या कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है और इसके बाद शुक्ल पक्ष की शुरुआत होती है। इसलिए आज का दिन चंद्र पक्ष के एक चरण के समापन और अगले पक्ष की ओर बढ़ने के बीच आता है। इस दृष्टि से दिन की गतिविधियों को शांत और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना बेहतर रहेगा।

आज शनिवार है। पारंपरिक ज्योतिष में शनिवार का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। इस दिन अनुशासन, जिम्मेदारियों और नियमित कार्यों पर ध्यान देने की परंपरा रही है। इसलिए आज लंबित कामों को व्यवस्थित करने और जरूरी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने पर ध्यान दिया जा सकता है।

मास, संवत और काल गणना

आज अमांत गणना के अनुसार भाद्रपद मास और पूर्णिमांत गणना के अनुसार अश्विन मास चल रहा है। दोनों पद्धतियों में मास के नाम अलग दिखाई देते हैं, इसलिए पंचांग देखते समय यह समझना जरूरी है कि अमांत और पूर्णिमांत गणना अलग तरीके से मास निर्धारित करती हैं।

आज विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थ) और शक संवत 1948 (प्रभाउ) प्रभावी हैं। ये दोनों पारंपरिक काल गणना प्रणालियां पंचांग में तिथि और समय को व्यापक संवत व्यवस्था के साथ समझने में मदद करती हैं।

ऋतु और अयन

पंचांग के अनुसार आज शरद ऋतु है। मौसम के बदलते दौर में दिन की शुरुआत और शाम के समय तापमान में अंतर महसूस हो सकता है। इसलिए बाहर निकलने या यात्रा की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की स्थिति को भी ध्यान में रखना व्यावहारिक रहेगा।

आज दक्षिणायन चल रहा है। पंचांग में अयन सूर्य की वार्षिक गति से जुड़ी काल गणना को दर्शाता है। दक्षिणायन की अवधि को भारतीय परंपरा में सूर्य की दक्षिण दिशा की ओर गति से संबंधित माना जाता है।

सूर्य और चंद्रमा का समय

आज सूर्योदय 5:55 AM पर और सूर्यास्त 5:37 PM पर होगा। यानी दिन के उजाले की अवधि शाम होते-होते समाप्त होने लगेगी। दैनिक कार्यक्रम, बाहर के काम और यात्रा की योजना बनाते समय इन दोनों समयों को ध्यान में रखना उपयोगी हो सकता है।

आज चंद्रोदय 5:24 AM पर होगा और चन्द्रास्त 5:14 PM पर होगा। अमावस्या की तिथि होने के कारण चंद्रमा की स्थिति आज के पंचांग में विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है। पंचांग के अनुसार चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा और चंद्र निवास दक्षिण दिशा में माना गया है।

नक्षत्र, योग और करण

आज हस्त नक्षत्र 9:44 PM तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिषीय परंपरा में हस्त नक्षत्र को कार्यकुशलता, व्यवस्था और अपने प्रयासों से जुड़े विषयों के साथ जोड़ा जाता है। इसलिए आज के दिन नियमित और व्यवस्थित कामों पर ध्यान देना दिन की प्रकृति के अनुरूप माना जा सकता है।

इंद्र योग रात 10:02 PM तक रहेगा। योग पंचांग के उन प्रमुख अंगों में शामिल है जिनके आधार पर दिन के अलग-अलग समय की स्थिति को समझा जाता है। रात में योग परिवर्तन होने के कारण दिन की पंचांग गणना देर तक इसी योग से जुड़ी रहेगी।

आज चतुष्पद करण सुबह 9:26 AM तक रहेगा। इसके बाद करण में परिवर्तन होगा। सुबह के इस बदलाव के कारण दिन की शुरुआत में पंचांग की स्थिति और आगे के समय की गणना में अंतर आएगा।

शुभ और अशुभ समय

आज का शुभ मुहूर्त 11:23 AM से 12:09 PM तक रहेगा। किसी जरूरी कार्य की योजना बनाते समय इस अवधि को पंचांग में दिए गए शुभ समय के रूप में देखा जा सकता है।

दिन के प्रमुख अशुभ समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: 8:50 AM से 10:18 AM

  • गुलिक काल: 5:55 AM से 7:22 AM

  • यमघण्टकाल: 1:13 PM से 2:41 PM

पारंपरिक पंचांग मान्यताओं में इन अवधियों को महत्वपूर्ण नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल नहीं माना जाता। हालांकि रोजमर्रा के जरूरी कामों को केवल इन समयों के आधार पर रोकना आवश्यक नहीं है। किसी विशेष कार्य के लिए निर्णय लेते समय अन्य परिस्थितियों को भी साथ में देखना उचित रहेगा।

दिशाशूल, राशि और दिन की बदलती स्थिति

आज दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा। पूर्व दिशा की यात्रा करने वालों के लिए पंचांग की इस गणना को ध्यान में रखना पारंपरिक रूप से उचित माना जाता है। यात्रा जरूरी हो तो अपने व्यावहारिक कार्यक्रम और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।

आज सूर्य और चंद्रमा दोनों कन्या राशि में रहेंगे। सूर्य की राशि कन्या और चंद्र राशि भी कन्या होने के कारण आज की पंचांग गणना में एक ही राशि का प्रभाव दोनों स्तरों पर दिखाई देता है। साथ ही चंद्र निवास दक्षिण दिशा में है। इस तरह तिथि, राशि और दिशा से जुड़ी जानकारियां मिलकर आज के पंचांग की पूरी तस्वीर सामने रखती हैं।

अमावस्या के दिन समय को समझने का नजरिया

10 अक्टूबर का पंचांग केवल अमावस्या की तिथि तक सीमित नहीं है। सुबह 9:26 AM पर करण बदलता है, इसके बाद 11:23 AM से 12:09 PM तक शुभ मुहूर्त आता है और रात 9:21 PM पर अमावस्या तिथि समाप्त होती है। इस तरह दिन को अलग-अलग समयखंडों में देखकर अपनी प्राथमिकताएं तय की जा सकती हैं।

अमावस्या के दिन चंद्रमा के समय को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आज चंद्रोदय सूर्योदय से कुछ ही समय पहले 5:24 AM पर है और चन्द्रास्त 5:14 PM पर होगा। वहीं हस्त नक्षत्र रात तक और इंद्र योग रात 10:02 PM तक प्रभावी रहेगा। इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए आज के कामों की समय-सारणी को अधिक व्यवस्थित तरीके से बनाया जा सकता है।

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Published by Sri Mandir·October 7, 2026

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