वैकासी विसाकम 2026 कब है?
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वैकासी विसाकम 2026 कब है? | Vaikasi Visakam Kab Hai 2026

इस लेख में जानिए 2026 में वैकासी विसाकम की तिथि, इसका धार्मिक महत्व, भगवान मुरुगन की पूजा विधि और इस दिन किए जाने वाले खास उपायों की पूरी जानकारी।

वैकासी विसाकम के बारे में

वैकासी विसाकम हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह तमिल माह वैकासी में विशाखा नक्षत्र के दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) की विशेष पूजा और आराधना की जाती है। मान्यता है कि वैकासी विसाकम के दिन पूजा करने से जीवन में साहस, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

वैकासी विसाकम 2026 कब है?

हिंदू धर्म में भगवान कार्तिकेय (मुरुगन/सुब्रमण्य) की पूजा का विशेष महत्व होता है। दक्षिण भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है वैकासी विसाकम, जो भगवान कार्तिकेय के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से तमिल संस्कृति में अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

वैकासी विसाकम 2026 तिथि और समय

वैकासी विसाकम: 30 मई 2026, शनिवार विसाकम् नक्षत्र प्रारम्भ: 29 मई 2026 को सुबह 10:38 बजे विसाकम् नक्षत्र समाप्त: 30 मई 2026 को दोपहर 01:20 बजे इस दिन विसाकम नक्षत्र होने के कारण यह पर्व 30 मई 2026 (शनिवार) को मनाया जाएगा।

वैकासी विसाकम क्या है?

वैकासी विसाकम एक पवित्र हिंदू त्योहार है, जो भगवान कार्तिकेय (भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र) के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। “वैकासी” तमिल महीने का नाम है (मई-जून) “विसाकम” एक नक्षत्र का नाम है जब वैकासी महीने में विसाकम नक्षत्र आता है, तब यह पर्व मनाया जाता है।

भगवान कार्तिकेय का महत्व

भगवान कार्तिकेय को कई नामों से जाना जाता है:

  • मुरुगन
  • सुब्रमण्य
  • स्कन्द
  • कार्तिकेय वे युद्ध के देवता और साहस के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने राक्षसों का नाश करके धर्म की रक्षा की।

वैकासी विसाकम का धार्मिक महत्व

1. भगवान कार्तिकेय का जन्मोत्सव

यह दिन उनके जन्म की खुशी में मनाया जाता है।

2. बुराई पर अच्छाई की जीत

भगवान कार्तिकेय ने असुरों का वध किया, इसलिए यह दिन विजय का प्रतीक है।

3. साहस और शक्ति की प्राप्ति

इस दिन पूजा करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है।

4. विशेष पुण्य

इस दिन किया गया पूजा-पाठ कई गुना फल देता है।

वैकासी विसाकम की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, जब असुरों का अत्याचार बढ़ गया, तब भगवान शिव के तेज से भगवान कार्तिकेय का जन्म हुआ। उन्होंने राक्षस तारकासुर का वध करके देवताओं की रक्षा की। इसलिए उन्हें “देवताओं के सेनापति” कहा जाता है।

वैकासी विसाकम कैसे मनाया जाता है?

1. मंदिरों में पूजा

इस दिन भगवान मुरुगन के मंदिरों में विशेष पूजा और उत्सव होते हैं।

2. अभिषेक और आरती

भगवान की मूर्ति का दूध, जल और पंचामृत से अभिषेक किया जाता है।

3. शोभा यात्रा

कई स्थानों पर भव्य जुलूस निकाले जाते हैं।

4. व्रत और उपवास

भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं।

घर पर पूजा विधि

आप घर पर भी यह पूजा कर सकते हैं:

1. स्नान करें

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।

2. पूजा स्थान तैयार करें

भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या चित्र रखें।

3. पूजा करें

फूल, धूप, दीप अर्पित करें फल और प्रसाद चढ़ाएं

4. मंत्र जाप करें

“ॐ सरवनभवाय नमः” मंत्र का जाप करें।

वैकासी विसाकम के लाभ

इस दिन पूजा करने से:

  • साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है
  • जीवन की बाधाएं दूर होती हैं
  • सफलता प्राप्त होती है
  • परिवार में सुख-शांति आती है

क्या करें और क्या न करें

क्या करें:

  • भगवान कार्तिकेय का ध्यान करें
  • व्रत और पूजा करें
  • दान-पुण्य करें
  • सकारात्मक रहें क्या न करें:
  • क्रोध और झगड़े से बचें
  • नकारात्मक विचार न रखें
  • किसी का अपमान न करें

विशेष सावधानियां

  • पूजा के समय शुद्धता रखें
  • नक्षत्र के समय का ध्यान रखें
  • श्रद्धा और विश्वास से पूजा करें

निष्कर्ष

वैकासी विसाकम एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व है, जो वर्ष 2026 में 30 मई (शनिवार) को मनाया जाएगा। विसाकम नक्षत्र 29 मई सुबह 10:38 बजे से 30 मई दोपहर 01:20 बजे तक रहेगा। यह दिन भगवान कार्तिकेय की कृपा पाने, साहस और सफलता प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ अवसर है। यदि आप इस दिन श्रद्धा और नियम से पूजा करते हैं, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव अवश्य आते हैं।

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Published by Sri Mandir·April 23, 2026

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