अधिक भानु सप्तमी 2026 कब है?
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अधिक भानु सप्तमी 2026 कब है? | Adhik Bhanu Saptami 2026 Kab Hai

इस लेख में जानिए 2026 में अधिक भानु सप्तमी की तिथि, इसका धार्मिक महत्व, सूर्य पूजा की विधि और इस दिन किए जाने वाले खास उपायों की संपूर्ण जानकारी।

अधिक भानु सप्तमी के बारे में

अधिक भानु सप्तमी हिंदू धर्म में भगवान सूर्य की उपासना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह विशेष रूप से अधिक मास में आने के कारण और भी अधिक फलदायी माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर उनकी पूजा करते हैं और स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि तथा ऊर्जा की कामना करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मकता आती है और सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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अधिक भानु सप्तमी 2026 कब है?

अधिक मास (मलमास) हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। इस माह में आने वाले सभी व्रत और त्योहारों का महत्व सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक हो जाता है। उन्हीं विशेष तिथियों में से एक है अधिक भानु सप्तमी। यह दिन भगवान सूर्यदेव को समर्पित होता है और विशेष रूप से स्वास्थ्य, ऊर्जा और समृद्धि के लिए पूजा की जाती है। जुलाई 2026 (रविवार) में अधिक मास पड़ रहा है, इसलिए इस दौरान आने वाली भानु सप्तमी का महत्व और भी बढ़ जाता है।

अधिक भानु सप्तमी 2026 कब है?

साल 2026 में अधिक मास के दौरान आने वाली भानु सप्तमी रविवार के दिन पड़ने वाली शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाएगी। भानु का अर्थ होता है सूर्य और जब सप्तमी तिथि रविवार के दिन आती है, तब इसे भानु सप्तमी कहा जाता है। संभावित तिथि (पंचांग के अनुसार): अधिक भानु सप्तमी – जुलाई 2026 (रविवार)

अधिक भानु सप्तमी का धार्मिक महत्व

अधिक भानु सप्तमी का दिन भगवान सूर्यदेव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्यदेव को जीवन का आधार माना जाता है क्योंकि वे ऊर्जा, प्रकाश और जीवन शक्ति के स्रोत हैं। इस दिन सूर्य भगवान की पूजा करने से:

  • रोगों से मुक्ति मिलती है
  • शरीर में ऊर्जा और शक्ति बढ़ती है
  • आत्मविश्वास और तेज बढ़ता है
  • जीवन में सफलता और सम्मान प्राप्त होता है
  • अधिक मास में इस व्रत को करने से इसका फल कई गुना बढ़ जाता है।

अधिक भानु सप्तमी क्यों खास है?

सामान्य भानु सप्तमी तो हर साल आती है, लेकिन जब यह अधिक मास में पड़ती है, तब इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। अधिक मास को भगवान विष्णु का प्रिय माह माना जाता है और इसमें किए गए सभी धार्मिक कार्य विशेष फल देते हैं। इस दिन सूर्यदेव के साथ-साथ भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होती है।

अधिक भानु सप्तमी व्रत की पूजा विधि

इस दिन व्रत और पूजा करने के लिए निम्नलिखित विधि अपनानी चाहिए:

1. सुबह जल्दी उठें

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
  • साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनें

2. सूर्य को अर्घ्य दें

  • तांबे के लोटे में जल लें
  • उसमें लाल फूल, अक्षत और थोड़ा गुड़ डालें
  • सूर्यदेव को जल अर्पित करें
  • अर्घ्य देते समय मंत्र बोलें: ॐ घृणि सूर्याय नमः

3. व्रत का संकल्प लें

  • पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लें
  • फलाहार या निराहार व्रत रखा जा सकता है

4. सूर्यदेव की पूजा करें

  • लाल फूल, रोली, चंदन, दीपक अर्पित करें
  • सूर्यदेव के मंत्रों का जाप करें

5. कथा और आरती

  • भानु सप्तमी व्रत कथा सुनें या पढ़ें
  • अंत में आरती करें

अधिक भानु सप्तमी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार एक राजा को गंभीर रोग हो गया था। कई उपचार करने के बाद भी वह ठीक नहीं हुआ। तब एक ऋषि ने उसे भानु सप्तमी का व्रत करने की सलाह दी। राजा ने श्रद्धा और भक्ति से सूर्यदेव की पूजा की और व्रत रखा। कुछ ही समय में उसका रोग समाप्त हो गया और वह स्वस्थ हो गया। तब से यह व्रत रोग निवारण और स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष माना जाने लगा।

इस दिन क्या करें और क्या न करें

इस दिन क्या करें (Do’s)

  • सूर्यदेव को जल जरूर चढ़ाएं
  • लाल वस्त्र पहनें
  • दान-पुण्य करें (विशेषकर गेहूं, गुड़, तांबा)
  • सूर्य मंत्र का जाप करें
  • जरूरतमंदों की मदद करें

इस दिन क्या न करें (Don’ts)

  • किसी का अपमान न करें
  • झूठ बोलने से बचें
  • तामसिक भोजन (मांस, शराब) से दूर रहें
  • क्रोध और नकारात्मक विचारों से बचें

अधिक भानु सप्तमी के उपाय

इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं:

1. स्वास्थ्य के लिए

सुबह सूर्य को जल चढ़ाकर 7 बार सूर्य मंत्र का जाप करें

2. धन लाभ के लिए

गरीबों को गुड़ और गेहूं का दान करें

3. सफलता के लिए

“ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें

अधिक भानु सप्तमी के लाभ

इस व्रत को करने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं:

  • रोगों से छुटकारा मिलता है
  • मानसिक शांति मिलती है
  • आत्मबल और आत्मविश्वास बढ़ता है
  • करियर में सफलता मिलती है
  • घर में सुख-समृद्धि आती है

अधिक मास में सूर्य पूजा का महत्व

अधिक मास को भगवान विष्णु का महीना माना जाता है, लेकिन इस दौरान सूर्य पूजा करने से विशेष फल मिलता है। सूर्यदेव को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है और उनकी कृपा से जीवन में संतुलन आता है। सूर्य पूजा से:

  • ग्रह दोष दूर होते हैं
  • कुंडली के दोष कम होते हैं
  • जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है

आध्यात्मिक दृष्टि से महत्व

अधिक भानु सप्तमी केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

  • यह दिन आत्मशुद्धि का अवसर देता है
  • मन को शांत करने और ध्यान करने का अच्छा समय होता है
  • सकारात्मक सोच विकसित होती है

निष्कर्ष

अधिक भानु सप्तमी 2026 एक अत्यंत शुभ और पुण्यदायी दिन है। इस दिन भगवान सूर्यदेव की पूजा, व्रत और दान करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। विशेष रूप से अधिक मास में यह व्रत करने से इसका फल कई गुना बढ़ जाता है। यदि आप अपने जीवन में स्वास्थ्य, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा चाहते हैं, तो इस दिन श्रद्धा और विश्वास के साथ सूर्यदेव की पूजा अवश्य करें।

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Published by Sri Mandir·May 13, 2026

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