
आज का चौघड़िया (10 जुलाई 2026): जानें आज का शुभ, लाभ, अमृत, चर, रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया। अपने शहर के अनुसार शुभ मुहूर्त देखकर महत्वपूर्ण कार्य शुरू करें।
आज का चौघड़िया, 10 July 2026 पढ़कर जानें कि आज कौन-सा समय नए काम, यात्रा, पूजा, खरीदारी, निवेश या किसी भी शुभ कार्य के लिए सबसे अच्छा रहेगा। इस लेख में आपको अपने शहर के अनुसार शुभ, लाभ, अमृत, चर, रोग, काल और उद्वेग चौघड़िया का समय आसानी से मिलेगा। साथ ही यह भी समझेंगे कि कौन-से चौघड़िया में कौन-से काम करना शुभ माना जाता है और किन समयों में महत्वपूर्ण काम करने से बचना चाहिए।
भारतीय संस्कृति और वैदिक ज्योतिष में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले सही समय यानी 'मुहूर्त' देखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। चौघड़िया (Choghadiya) एक ऐसी दैनिक समय-सारणी है, जो दिन और रात के 24 घंटों को शुभ और अशुभ काल में विभाजित करती है। यदि आपके पास किसी कार्य के लिए विस्तृत पंचांग देखने का समय नहीं है, तो चौघड़िया का उपयोग सबसे सरल और सटीक माना जाता है।
आइए जानते हैं 10 जुलाई 2026, शुक्रवार के दिन का चौघड़िया, शुभ मुहूर्त और भारत के शीर्ष 50 शहरों में इसके समय का बदलाव।
दिन का चौघड़िया सूर्योदय से शुरू होकर सूर्यास्त तक चलता है। आमतौर पर यह मानक समय (Standard Time) के अनुसार इस प्रकार रहेगा:
| समय (मानक अवधि) | चौघड़िया का नाम | प्रकृति (Nature) | कार्य के लिए उपयुक्तता |
| सुबह 05:31 - सुबह 07:14 | शुभ (Shubh) | शुभ | नए कार्यों की शुरुआत, शिक्षा और धार्मिक कार्यों के लिए उत्तम। |
| सुबह 07:14 - सुबह 08:58 | रोग (Rog) | अशुभ | वाद-विवाद, बीमारी या किसी भी नए काम से बचें। |
| सुबह 08:58 - सुबह 10:42 | उद्वेग (Udveg) | अशुभ | सरकारी कार्य या मानसिक तनाव वाले कामों से दूर रहें। |
| सुबह 10:42 - दोपहर 12:26 | चर (Char) | सामान्य/शुभ | यात्रा, वाहन और गतिशीलता से जुड़े कार्यों के लिए अच्छा। |
| दोपहर 12:26 - दोपहर 02:10 | लाभ (Labh) | शुभ | व्यापार, धन लाभ और व्यावसायिक बैठकों के लिए सर्वश्रेष्ठ। |
| दोपहर 02:10 - शाम 03:54 | अमृत (Amrit) | अति शुभ | हर प्रकार के मांगलिक और स्थायी कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय। |
| शाम 03:54 - शाम 05:38 | काल (Kaal) | अशुभ | धन हानि की आशंका, जोखिम भरे कामों से बचें। |
| शाम 05:38 - शाम 07:22 | शुभ (Shubh) | शुभ | लक्ष्मी पूजन, गृह-प्रवेश या पारिवारिक कार्यों के लिए अनुकूल। |
रात का चौघड़िया सूर्यास्त से शुरू होकर अगले दिन के सूर्योदय तक चलता है।
| समय (मानक अवधि) | चौघड़िया का नाम | प्रकृति (Nature) | कार्य के लिए उपयुक्तता |
| शाम 07:22 - रात 08:38 | अमृत (Amrit) | अति शुभ | मांगलिक चर्चा, शांति पाठ और पूजा के लिए उत्तम। |
| रात 08:38 - रात 09:54 | चर (Char) | शुभ | रात्रिकालीन यात्रा या गतिशीलता वाले कार्य के लिए उपयुक्त। |
| रात 09:54 - रात 11:10 | रोग (Rog) | अशुभ | शारीरिक कष्ट और तनाव से बचने के लिए आराम करें। |
| रात 11:10 - मध्यरात्रि 12:26 | काल (Kaal) | अशुभ | किसी भी प्रकार के नए समझौते या यात्रा से बचें। |
| मध्यरात्रि 12:26 - रात 01:42 | लाभ (Labh) | शुभ | व्यापारिक हिसाब-किताब या योजना बनाने के लिए अनुकूल। |
| रात 01:42 - तड़के 02:58 | उद्वेग (Udveg) | अशुभ | इस समय विवादों से दूर रहें। |
| तड़के 02:58 - सुबह 04:14 | शुभ (Shubh) | शुभ | नए दिन की योजना या आध्यात्मिक कार्यों के लिए शुभ। |
| सुबह 04:14 - सुबह 05:31 | अमृत (Amrit) | अति शुभ | ब्रह्म मुहूर्त के निकट का यह समय अत्यंत फलदायी है। |
महत्वपूर्ण नोट: प्रत्येक शहर में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय अलग-अलग होता है, जिसके कारण चौघड़िया के वास्तविक समय में 5 से 45 मिनट तक का अंतर आ सकता है। नीचे दी गई तालिका भारत के 50 प्रमुख शहरों में 10 जुलाई 2026 के दिन के मुख्य शुभ मुहूर्त (लाभ, अमृत, शुभ) की अनुमानित समयावधि दर्शाती है।
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
वैदिक ज्योतिष में चौघड़िया का निर्माण सूर्योदय के समय के आधार पर किया जाता है। दिन और रात के समय को 8-8 बराबर भागों में बांटा जाता है, जो लगभग 1.5 घंटे (90 मिनट) का एक भाग होता है। चौघड़िया मुख्य रूप से 7 प्रकार के होते हैं, जिनमें से 4 शुभ और 3 अशुभ माने जाते हैं:
याद रखें: यदि आपको किसी आपातकालीन परिस्थिति में उद्वेग, काल या रोग के समय कोई आवश्यक कार्य करना ही पड़े, तो अपने ईष्ट देव का स्मरण करें या गाय को गुड़ खिलाकर कार्य की शुरुआत करें, इससे दोष कम होता है। 10 जुलाई 2026 को एकादशी तिथि का भी संयोग बन रहा है, जिससे दिन की आध्यात्मिक ऊर्जा और अधिक बढ़ जाती है।
Did you like this article?