
मां के दिव्य सिंगार को निहारें, 'कितना प्यारा है सिंगार' भजन पढ़ें।
ये भजन माता रानी के दिव्य रूप और उनके अद्भुत सिंगार की महिमा का वर्णन करता है। इसमें माता के सौंदर्य, आभूषण, और करुणा को सराहा गया है। इसे गाने या सुनने से भक्त के मन में भक्ति, शांति, और सकारात्मकता का संचार होता है। यह भजन ध्यान और आस्था को गहरा करता है, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है, और माता की कृपा से जीवन में खुशहाली लाने में सहायक होता है।
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कितना प्यारा है सिंगार,
की तेरी लेउ नज़र उतार,
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा है सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
सांवरिया तुमको किसने सजाया है,
तुझे सुन्दर से सुन्दर कजरा पहनाया है,
कितना प्यारा हैं सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
केशर चन्दन तिलक लगाकर,
सज धज कर के बैठ्यो है,
लग गए तेरे चार चाँद जो,
पहले तो निहार
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा हैं सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
सांवरिया तेरा चेहरा चमकता है
तेरा कीर्तन बहुत बड़ा,
दरबार महकता है,
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा हैं सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
किसी भगत से कह कर कान्हा,
काली टिकी लगवाले
या फिर तू बोले तो लेउ,
नूनराइ वार,
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा हैं सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा हैं ॥
सांवरिया तेरे भगतो को तेरी फ़िक्र
कही लग ना जाये तुझे,
दुनिया की बुरी नज़र,
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा हैं सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
पता नहीं तू किस रंग का है,
आज तलक ना जान सकी,
बनवारी हमने देखे है तेरे रंग हजार,
कितना प्यारा हैं,
ओ हो, कितना प्यारा है सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
सांवरिया थोड़ा बच बच के रहना जी
कभी मान भी लो कान्हा,
भक्तो का कहना जी,
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा हैं सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
सांवरिया तेरा रोज करू श्रृंगार
कभी कुटिया में मेरे,
आजाओ एक बार,
कितना प्यारा है,
ओ हो, कितना प्यारा है सिंगार,
की तेरी लेउ नजर उतार,
कितना प्यारा है ॥
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श्री राम स्तुति पढ़ें और भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त करें। भक्ति और शांति के लिए अभी पाठ करें

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