31 दिसंबर 2026 को क्या है?
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31 दिसंबर 2026 को क्या है? | 31 December 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

वर्ष के अंतिम दिनों में परिवार के साथ पूजा, प्रार्थना और अच्छे समय की कामना करने की परंपरा भी देखने को मिलती है। 31 दिसंबर 2026 को धार्मिक दृष्टि से कैसा माना गया है, आइए इस दिन की खास बातें समझते हैं।

31 दिसंबर 2026 को क्या है?

31 दिसंबर 2026, गुरुवार का दिन पौष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ आता है। यह दिन साल के अंतिम चरण में पड़ता है और पंचांग के अनुसार शांत, स्थिर और आत्मचिंतन की ऊर्जा को दर्शाता है। हेमंत ऋतु की ठंडक और कन्या राशि में स्थित चंद्रमा इस दिन को अनुशासन, विचारशीलता और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करता है। इस दिन पूजा-पाठ, जप और दान को विशेष फलदायी माना जाता है। आइए जानते हैं इस दिन का पूरा पंचांग और शुभ-अशुभ समय विस्तार से।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष अष्टमी – 12:33 PM तक
  • वार: गुरुवार
  • नक्षत्र: हस्त – 4:15 PM तक
  • योग: शोभन – 12:26 PM तक
  • करण: कौलव – 12:36 PM तक
  • मास (अमांत): मृगशिरा
  • मास (पूर्णिमांत): पौष
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: धनु
  • चंद्र राशि: कन्या
  • ऋतु: हेमंत
  • अयन: दक्षिणायन
  • दिशाशूल: दक्षिण
  • चंद्र निवास: दक्षिण

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:41 AM से 12:23 PM
  • राहुकाल: 1:21 PM से 2:41 PM
  • गुलिक काल: 9:23 AM से 10:42 AM
  • यमघण्ट काल: 6:44 AM से 8:03 AM

सूर्योदय और सूर्यास्त

  • सूर्योदय: 6:44 AM
  • सूर्यास्त: 5:19 PM

चंद्र विवरण

  • चंद्रोदय: 12:02 AM
  • चंद्रास्त: 11:50 AM

इस दिन का धार्मिक महत्व

गुरुवार का दिन होने के कारण इस दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ज्ञान, सौभाग्य और स्थिरता की प्राप्ति के लिए व्रत और पूजा लाभकारी माने जाते हैं। हस्त नक्षत्र और कन्या राशि का प्रभाव इस दिन को कर्मप्रधान और संतुलित बनाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए धार्मिक कार्य और दान जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति बढ़ाते हैं।

निष्कर्ष

31 दिसंबर 2026 का दिन पंचांग के अनुसार आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिकता को बढ़ाने वाला माना गया है। साल के अंतिम दिन होने के कारण यह समय बीते हुए वर्ष के अनुभवों को समझने और नए संकल्पों की दिशा तय करने के लिए भी शुभ माना जाता है।

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Published by Sri Mandir·June 15, 2026

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