3 जून 2026 को क्या है?
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3 जून 2026 को क्या है? | 3 June 2026 Ko Kya Hai

जानिए इस दिन का पंचांग, व्रत-त्योहार और शुभ मुहूर्त। इस दिन के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जानें।

आज के दिन के बारे में

अगर आप हर दिन की धार्मिक और ज्योतिषीय स्थिति जानने में रुचि रखते हैं, तो 3 जून 2026 आपके लिए खास हो सकता है। इस दिन का पंचांग कई महत्वपूर्ण संकेत देता है, जो पूजा-पाठ और दैनिक जीवन से जुड़े कार्यों में उपयोगी हो सकते हैं।

3 जून 2026 को क्या है?

क्या आप जानना चाहते हैं कि 3 जून 2026 को कौन-कौन से व्रत, शुभ योग और धार्मिक संयोग बन रहे हैं? 3 जून 2026, बुधवार के दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है (रात 9:22 PM तक)। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत मनाया जाएगा, जो भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। साथ ही शुभ योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग इस दिन को पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक कार्यों के लिए विशेष बनाता है।

पंचांग विवरण

  • तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया – 9:22 PM तक
  • वार: बुधवार
  • नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा – 1:00 AM तक
  • योग: शुभ – 8:13 AM तक
  • करण: वणिज – 8:11 AM तक
  • मास (अमांत): ज्येष्ठ
  • मास (पूर्णिमांत): ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थ)
  • शक संवत: 1948 (प्रभाउ)
  • सूर्य राशि: वृष
  • चंद्र राशि: धनु
  • ऋतु: ग्रीष्म
  • अयन: उत्तरायण
  • दिशाशूल: उत्तर
  • चंद्र निवास: पूर्व

शुभ-अशुभ समय

  • शुभ मुहूर्त: 11:30 AM से 12:24 PM
  • राहुकाल: 11:57 AM से 1:39 PM
  • गुलिक काल: 10:15 AM से 11:57 AM
  • यमघण्ट काल: 6:50 AM से 8:33 AM

सूर्य और चंद्र विवरण

  • सूर्योदय: 5:08 AM
  • सूर्यास्त: 6:46 PM
  • चंद्रोदय: 9:28 PM
  • चंद्रास्त: 7:11 AM

धार्मिक महत्व

3 जून 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा, जिसमें भगवान गणेश की पूजा कर जीवन की बाधाओं और संकटों को दूर करने की कामना की जाती है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र और शुभ योग का संयोग पूजा-अर्चना, मंत्र जाप और गणपति साधना के लिए अनुकूल माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से गणेश जी की आराधना करने से सुख-समृद्धि और बुद्धि की प्राप्ति होती है।

पूजा-व्रत विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान गणेश का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
  • गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लाल पुष्प अर्पित करें।
  • “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें।
  • संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
  • रात में चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करें।
  • जरूरतमंदों को अन्न और फल का दान करें।

निष्कर्ष

3 जून 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। संकष्टी चतुर्थी, शुभ योग और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का संयोग इस दिन को और भी पवित्र बनाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन के संकट दूर होते हैं और सुख-शांति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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Published by Sri Mandir·May 13, 2026

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